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दिल्ली में प्रदूषण की स्थिति गंभीर, सुप्रीम कोर्ट ने कहा-संभव हो तो लगा दें 2 दिन का लॉकडाउन

राष्ट्रीय राजधानी में प्रदूषण से हालात बेहद गंभीर बने हुए है। पिछले कुछ दिनों से दिल्ली-NCR की वायु गुणवत्ता ‘गंभीर’ की श्रेणी में बनी हुई है। प्रदूषण मुद्दे पर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। कोर्ट ने इस मुद्दे पर केंद्र सरकार को फटकार लगाते हुए वायु प्रदूषण को आपात स्थिति करार दिया। इसके साथ ही कोर्ट ने आपातकालीन कदम उठाने की जरूरत पर भी जोर दिया।

घरों में मास्क लगा रहे हैं लोग 

सुप्रीम कोर्ट ने प्रदूषण के बढ़े हुए स्तर पर चिंता जाहिर करते हुए केंद्र से पूछा कि वायु प्रदूषण से निपटने के लिए उसने क्या कदम उठाए हैं। कोर्ट ने केंद्र सरकार के वकील तुषार मेहता से कहा कि प्रदूषण का स्तर बेहद खराब हो गया है। लोग अपने घरों में मास्क लगा कर बैठ रहे हैं। इस पर केंद्र की ओर से कोर्ट में चार्ट पेश किया गया। जिसमें प्रदूषण को लेकर उठाए गए कदम की जानकारी सुप्रीम कोर्ट को दी गई।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा, समस्या की गंभीरता के बारे में देखिए। कोरोना के बाद स्कूल खोले गए हैं। छोटे-छोटे बच्चों को स्कूल जाना पड़ रहा है। बच्चे घर से 7:00 बजे स्कूल जाते हैं। डॉ गुलेरिया ने हाल ही में कहा था कि प्रदूषण, महामारी और डेंगू जैसी समस्याएं हैं। ऐसे में हमारे छोटे बच्चे इनका शिकार हो रहे हैं। 

बच्चे प्रदूषण के संपर्क में, यह केंद्र का नहीं बल्कि दिल्ली सरकार का अधिकार क्षेत्र

दिल्ली सरकार को फटकार लगाते हुए कोर्ट ने कहा, आपने (दिल्ली सरकार) राष्ट्रीय राजधानी में सभी स्कूल खोल दिए हैं और अब बच्चे प्रदूषण के संपर्क में हैं। यह केंद्र का नहीं बल्कि आपका अधिकार क्षेत्र है। उस मोर्चे पर क्या हो रहा है? 

संभव हो तो दो दिन का लगा दें लॉकडाउन

चीफ जस्टिस एनवी रमन्ना ने कहा, मैं यह नहीं बताना चाहता कि प्रदूषण पर पराली जलाने का कितना असर है और बाकी पटाखे, वाहन, डस्ट और निर्माण का योगदान है। आप हमें बताएं कि प्रदूषण पर नियंत्रण के तत्काल उपाय क्या हैं। सीजेआई ने कहा, अगर संभव हो तो दो दिन का लॉकडाउन लगा दें। सीजेआई ने केंद्र से कहा कि आपकी ऐसी धारणा है कि पूरे प्रदूषण के लिए किसान जिम्मेदार है। आपने आखिर पटाखों और वाहनों के प्रदूषण पर गौर क्यों नहीं किया! 

15 नवंबर को होगी अगली सुनवाई 

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से कहा कि दिल्ली में वायु गुणवत्ता 'गंभीर' श्रेणी में है और अगले 2 से 3 दिनों में यह और कम हो जाएगी। आपातकालीन निर्णय लें। इस मुद्दे पर हम बाद में दीर्घकालिक समाधान देखेंगे। सुप्रीम कोर्ट ने याचिका पर सुनवाई के लिए अगली तारीख 15 नवंबर तय की है। इसके साथ ही कोर्ट ने केंद्र से वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए उठाए गए कदमों के बारे में सूचित करने को कहा है।