BREAKING NEWS

बृहस्पतिवार शाम छह बजे तक 10 लाख से अधिक स्वास्थ्य कर्मियों को टीका लगाया गया : केंद्र ◾बिहार विधान परिषद उपचुनाव : शाहनवाज हुसैन, मुकेश सहनी निर्विरोध निर्वाचित घोषित◾सुखबीर ने नगर निकाय चुनाव से पहले कांग्रेस सरकार पर साधा निशाना ◾भारत से कोविड-19 टीके की खेप बांग्लादेश, नेपाल पहुंचीं◾कृषि मंत्री ने किसानों के साथ अगले दौर की वार्ता से पहले अमित शाह से मुलाकात की ◾संयुक्त किसान मोर्चा ने सरकार का प्रस्ताव किया खारिज, किसान अपनी मांगों पर अड़े◾मुख्यमंत्री केजरीवाल का आदेश, कहा- झुग्गी झोपड़ी में रहने वालों को जल्दी से जल्दी फ्लैट आवंटित किए जाएं ◾ममता की बढ़ी चिंता, मौलाना अब्बास सिद्दीकी ने बंगाल में बनाई नई राजनीतिक पार्टी, सभी सीटों पर लड़ सकती है चुनाव ◾सीरम इंस्टीट्यूट में भीषण आग से 5 मजदूरों की मौत, CM ठाकरे ने दिए जांच के आदेश◾चुनाव से पहले TMC को झटके पर झटका, रविंद्र नाथ भट्टाचार्य के बेटे BJP में होंगे शामिल◾रोज नए जुमले और जुल्म बंद कर सीधे-सीधे कृषि विरोधी कानून रद्द करे सरकार : राहुल गांधी ◾पुणे : दुनिया के सबसे बड़े वैक्सीन निर्माता में से एक सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया में लगी आग◾अरुणाचल प्रदेश में गांव बनाने की रिपोर्ट पर चीन ने तोड़ी चुप्पी, कहा- ‘हमारे अपने क्षेत्र’ में निर्माण गतिविधियां सामान्य ◾चुनाव से पहले बंगाल में फिर उठा रोहिंग्या मुद्दा, दिलीप घोष ने की केंद्रीय बलों के तैनाती की मांग◾ट्रैक्टर रैली पर किसान और पुलिस की बैठक बेनतीजा, रिंग रोड पर परेड निकालने पर अड़े अन्नदाता ◾डेजर्ट नाइट-21 : भारत और फ्रांस के बीच युद्धाभ्यास, CDS बिपिन रावत आज भरेंगे राफेल में उड़ान◾किसानों का प्रदर्शन 57वें दिन जारी, आंदोलनकारी बोले- बैकफुट पर जा रही है सरकार, रद्द होना चाहिए कानून ◾कोरोना वैक्सीनेशन के दूसरे चरण में प्रधानमंत्री मोदी और सभी मुख्यमंत्रियों को लगेगा टीका◾दिल्ली में अगले दो दिन में बढ़ सकता है न्यूनतम तापमान, तेज हवा चलने से वायु गुणवत्ता में सुधार का अनुमान ◾देश में बीते 24 घंटे में कोरोना के 15223 नए केस, 19965 मरीज हुए ठीक◾

भारत में कोरोना के आँकड़े #GharBaithoNaIndiaSource : Ministry of Health and Family Welfare

कोरोना की पुष्टि

इलाज चल रहा है

ठीक हो चुके

मृत लोग

तकनीकी उत्कर्ष और साइबर युद्ध

कम्प्यूटर तंत्र पर साइबर हमले कोई नई बात नहीं। विकसित और विकासशील देशों में आजकल सरकारी और गैर सरकारी संचार प्रणालियों से लेकर शेयर बाजार, ई-कामर्स जैसी आर्थिक गतिविधियां इंटरनेट और कम्प्यूटर पर निर्भर हैं। अनेक महत्वपूर्ण कम्पनियां भी अपनी इकाइयों के बीच समन्वय से लेकर सेवाओं के लेन-देन के लिए इंटरनेट पर निर्भर हैं। इतना ही नहीं विभिन्न सुरक्षा एजैंसियां और सेना भी सूचना प्रौद्योगिकी पर निर्भर हैं। मोबाइल, कम्प्यूटर, ई-मेल आदि आम नागरिक के दैनिक जीवन का स्वाभाविक अंग बन गए हैं। जैसे-जैसे तकनीक रोज-रोज नए उत्कर्ष को छू रही है उसके साथ ही यह क्षेत्र अति संवेदनशील होता जा रहा है।

यह भी तकनीकी के उत्कर्ष का ही परिणाम है कि साइबर अपराधियों-हैकरों ने इस समूचे तंत्र को छिन्न-भिन्न कर पूरी व्यवस्था को पल भर में धराशायी करने का इंतजाम बांधा हुआ है। यूरोप और बाकी दुनिया के 99 देशों में कुछ संगठनों पर जबर्दस्त साइबर हमला इस बात का प्रमाण है कि इंसानी दिमाग में बैठा शैतान कितना खतरनाक हो जाता है। यद्यपि ऐसा आकलन लगाया जा रहा है कि 25-30 वर्षों में हमारे कम्प्यूटरों में इतनी बुद्धिमता होगी जो हर लिहाज से इंसान को पीछे छोड़ देगी। उस बिन्दु पर कम्प्यूटर बुद्धिमता खुद ही इंसान की तुलना में कई गुणा अधिक तेजी से सुधार कर सकेगी। फिलहाल ताजा साइबर हमले ने ब्रिटेन की नेशनल हैल्थ सर्विस को बुरी तरह प्रभावित किया है और मरीजों के ऑन लाइन रिकार्ड पहुंच से बाहर हो गए हैं। इन हमलों के बाद एक प्रोग्राम ने हजारों जगह कम्प्यूटर्स लॉक कर दिए और पेमेंट नेटवर्क विटकाइन के जरिये फिरौती मांगी गई। यानी फिरौती वायरस ने कई जगह तंत्र को पूरी तरह ठप्प कर दिया। प्रभावित संगठनों ने कम्प्यूटर्स के लॉक होने और फिरौती की मांग करने वाले स्क्रीन शाट्स सांझा किए हैं। ब्रिटेन के अस्पतालों में मरीजों का पूरा रिकार्ड, खून की रिपोर्ट हिस्ट्री, दवाइयां इत्यादि सब कुछ कम्प्यूटर में रिकार्ड रहता है।

इस हमले से पूरा सिस्टम हाथ से निकल गया। इस साइबर हमले को अन्तर्राष्ट्रीय हमला करार दिया गया है। यह सीधी-सीधी ब्लैकमेल है। रैनसम वेयर यानी फिरौती वायरस आपके कम्प्यूटर में फैलता है और सारी फाइलें डिलीट करने की धमकी देता है और उन्हें बचाने के बदले धन की मांग करता है। कई बार तो किसी की भी निजी जानकारियां सार्वजनिक करने की धमकी देकर फिरौती वसूली जाती है। दुनिया भर के लोग ऐसे हमलों का शिकार हो रहे हैं और वह हैकरों को धन भी देते हैं। इसके लिए जरूरी है कि अंजान ईमेल से आने वाले संदिग्ध लिंक्स पर क्लिक न करें और अपने सिक्योरिटी सिस्टम को अपडेट रखें। अमेरिका में राष्ट्रपति चुनावों के दौरान साइबर हमले हुए थे और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसके लिए रूस को जिम्मेदार माना था। चीन और पाकिस्तान के हैकर भारत पर हमले करते ही रहते हैं। कभी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार तो कभी अन्य सरकारी विभागों के कार्यालयों की कम्प्यूटर प्रणाली में सेंध लगाने की कोशिशें की जाती हैं। यहां तक कि एनएसजी, डीआरडीओ और सुरक्षा कार्यक्रमों की गोपनीयता में सेंध लगाई जा चुकी है। एक बार तो एटीएम के जरिये 29 लाख डेबिट कार्ड मालवेयर अटैक की जद में आए थे तो हड़कम्प मच गया था। बैंकों से मिली जानकारी के अनुसार 3,291 कार्डों के डाटा का गलत इस्तेमाल हुआ था। चीन, पाक और रूस पर आरोप लगते रहे हैं कि वे साइबर युद्ध में जुटे हैं।

दुनिया के करीब 120 देश साइबर जासूसी में लगे हुए हैं। हर खास देश पर रोजाना साइबर हमले होते हैं लेकिन हैकर वहां के सुरक्षा तंत्र को बेध नहीं पाते। चीन की तो बात ही अलग है, वह तो लगातार अपने विशेषज्ञों के जरिये दूसरे देशों के सुरक्षा तंत्र में सेंध लगाने का तोड़ निकालने में लगा हुआ है। पर्सनल कम्प्यूटर के लिए दुनिया का पहला वायरस ब्रेन लाहौर स्थित पाकिस्तानी हैकरों ने बनाया था। अन्तर्राष्ट्रीय सीमाओं की सुरक्षा के लिए हमारे पास दुनिया की सबसे बड़ी सेना है लेकिन हमारी इलैक्ट्रानिक सीमाएं बेहद असुरक्षित और उपेक्षित हैं। भारत को अभेद्य साइबर सुरक्षा तंत्र कायम करने की जरूरत है। ऐसी आशंकाएं जन्म ले रही हैं कि भविष्य में युद्ध एयर कंडीशंड कमरों में बैठकर कम्प्यूटरों से लड़ा जाएगा। दो देशों के बीच यदि तनाव का माहौल है तो परमाणु मिसाइलें, लड़ाकू विमान, टैंक और तोपों के इस्तेमाल से पहले ही दुश्मन को पंगु बनाया जा सकता है। साइबर हमले इतने बढ़ गए हैं कि नाटो देशों में इस बात पर बहस चल रही है कि क्या ऐसे हमले करने वालों को आतंकवादी घोषित किया जा सकता है? भारत और अमेरिका दोनों साफ्टवेयर मामले में सुपर पावर हैं। दोनों मिलकर इस मामले में कुछ कर सकते हैं। यदि ऐसा ही चलता रहा तो साइबर अपराधी लोगों को लूटते रहेंगे और तकनीकी उत्कर्ष साइबर युद्ध में बदल सकता है। नई दुनिया में नए खतरे काफी बढ़ गए हैं।