रोहतक : जाट नेता यशपाल मलिक का रोहतक में उन्हीं के समाज के लोगों ने विरोध किया। समाज के लोगों का कहना है कि मलिक ने जाट समाज द्वारा दिये गये चन्दे का दुरूपयोग किया है। जबकि समाज के लोगों ने चंदा जाट आरक्षण के दौरान जेल में युवाओं की पैरवी के लिये दिया था। मलिक रोहतक में एक संस्थान की आधारशिला रखने आये थे। समाज के लोगों के विरोध के चलते भारी पुलिस बल को मौके पर बुलाया और मलिक को कड़ी सुरक्षा के बीच वहां से निकाला।

जाट समाज द्वारा दिये गये चंदे का यशपाल मलिक ने दुरूपयोग किया है। ये चन्दा मलिक को जाट आरक्षण के दौरान जेल गये युवाओं की रिहाई के लिये दिया था। मलिक ने इस चन्दे को वहां प्रयोग ना कर स्कूल और अन्य संस्थान खोलने में किया। जाट समाज ने धरनों के दौरान दिये गये चन्दे का यशपाल मलिक ने गलत इस्तेमाल किया है। मलिक को ये चन्दा इसलिये दिया था कि वो जेल गये युवाओं की रिहाई के लिये अच्छा वकील करके उनकी पैरवी करे। जबकि ऐसा कुछ नही हुआ।

मलिक ने चंदे के पैसे को कमाई का साधन बना लिया। एक बार भी हमारे बच्चों से मिलने तक जेल नही गये और ना ही उनसे मिले। रविवार को अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के अध्यक्ष यशपाल गांव जसिया स्थित छोटूराम परीक्षा संस्थान की शुरुआत के हवन यज्ञ कार्यक्रम में पहुंचे। इसी दौरान वहां पर काफी संख्या में महिलाएं व ग्रामीण एकत्रित हो गए और मलिक के खिलाफ नारेबाजी शुरु कर दी। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि यशपाल मलिक ने अभी तक न तो चंदे का हिसाब-किताब दिया और न ही जेल में बंद युवाओं की रिहाई के लिए कोई कारवाई की है।

साथ ही ग्रामीणों ने मलिक पर चंदे में धांधली करने के भी आरोप लगाएं। मामले का पता चलने पर भारी पुलिस मौके पर पहुंच गई और लोगों का मनाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण नहीं माने। स्थिति को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस फोर्स को भी बुलवा लिया। करीब एक घंटे तक हंगामा रहा और बाद में कड़ी सुरक्षा के बीच पुलिस ने यशपाल मलिक को कार्यक्रम स्थल से बाहर निकाला।

(मनमोहन कथूरिया)