हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने पुलिस महानिदेशक बी एस संधू से रेवाड़ी से युवती के सामूहिक बलात्कार में जांच प्रक्रिया की जानकारी ली और जिले के पुलिस प्रमुख का स्थानांतरण कर दिया। सैन्यकर्मी सहित तीन आरोपियों की धर-पकड़ के लिए पुलिस ने कई स्थानों पर रविवार को छापे मारे।

बढ़ते दवाब के चलते पुलिस ने उस रजिस्टर्ड मेडिकल प्रैक्टिशनर (आरएमपी) को गिरफ्तार किया जिसने सबसे पहले युवती की जांच की थी और उस ग्रामीण को भी पकड़ा जिसकी संपत्ति से वह पायी गयी थी।

आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि खट्टर का आज पंजाब के जालंधर में कार्यक्रम था लेकिन उन्होंने अपने जालंधर दौरे को छोटा कर दिया और दोपहर में चंडीगढ़ पहुंच गये। सूत्रों ने बताया कि खट्टर ने पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को तलब किया और अपने कार्यालय में जांच प्रक्रिया की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने संधू से यह सुनिश्चित करने को कहा कि सभी आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाये।

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उन्होंने बताया कि मामले में त्वरित कार्रवाई में विफल रहने का आरोप झेल रहे रेवाड़ी के पुलिस अधीक्षक राजेश दुग्गल को हटा दिया गया है और उनका स्थान मुख्यमंत्री की सुरक्षा में तैनात पुलिस अधीक्षक राहुल शर्मा लेंगे। दुग्गल हिसार में हरियाणा आर्म्ड बटालियन की अगुवाई करेंगे।

पीड़िता के परिवार ने आरोप लगाया कि उनकी शिकायत पर पुलिस उचित कार्रवाई करने में विफल रही है और रेवाड़ी एवं महेंद्रगढ़ जिलों की पुलिस इकाई के बीच अधिकार क्षेत्र को लेकर विवाद की वजह से कार्रवाई में देरी हुई।

पुलिस ने बताया कि रेवाड़ी की रहने वाली युवती स्कूल टॉपर है और उसे सरकार सम्मानित कर चुकी है। उसका निकटवर्ती महेंद्रगढ़ जिले में कनीना कस्बे के बस स्टॉप से बुधवार को अपहरण कर लिया गया जब वह कोचिंग क्लास के लिये जा रही थी। इसके बाद उसे कथित रूप से नशीला पदार्थ पिलाया और एकांत स्थान में उससे सामूहिक बलात्कार किया गया।

सिंचाई के लिए लगाये गये ट्यूबवेल के कमरे से युवती को पाया गया। पुलिस ने बताया कि संपत्ति के मालिक दीनदयाल सहित दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। उसने पुलिस को बताया कि हादसे के दिन तीनों प्रमुख आरोपी उससे कमरे की चाबी ले गये थे। पुलिस का दावा है कि दीनदयाल अपराध के बारे में जानता था लेकिन उसने पुलिस को सूचित नहीं किया।

मामले की जांच में शामिल एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली समेत कई अन्य राज्यों में तीनों प्रमुख आरोपियों को पकड़ने के लिए कई जगहों पर छापे मारी की जा रही है।

उन्होंने बताया कि आरोपियों को पकड़ने के लिए कई टीमों का गठन किया गया है और उम्मीद है कि आरोपी जल्द ही गिरफ्त में आ जायेंगे।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि मामले के संबंध में पूछताछ के लिए कुछ लोगों को पकड़ा गया है। युवती के परिजन ने रेवाड़ी में रविवार को संवाददाताओं से कहा कि उसको ‘गहरा आघात’ पहुंचा है और आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाये।

पीड़िता की मां ने अपने गांव में पत्रकारों से कहा, ‘‘आरोपियों को फांसी पर लटका देना चाहिए।’’ उन्होंने कहा कि परिवार ने जिला प्रशासन द्वारा शनिवार को उनको दिये गये 2 लाख रूपये का चेक वापस करने का निर्णय लिया है।

उन्होंने कहा, हमें इस चेक की जरूरत नहीं है। क्या यह कीमत उनकी बेटी की इज्जत के लिए रखी जा रही है? हमें बस न्याय चाहिए। हमने कानून के लंबे हाथों के बारे में सुना है लेकिन पुलिस क्या कर रही है? आरोपियों को अभी तक पकड़ा नहीं गया है।’’ पुलिस ने पीड़िता के परिवार को सुरक्षा मुहैया कराई है।

रेवाड़ी के सिविल अस्पताल के डॉक्टरों ने कहा कि पीड़ित की हालत स्थिर है, यद्यपि वह सदमे में है। हरियाणा पुलिस ने मेवात की पुलिस अधीक्षक नाज़नीन भसीन की अगुवाई में विशेष जांच दल का गठन किया है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए सूचना देने वाले को एक लाख रूपये का ईनाम देने की घोषणा की है।

पुलिस ने शनिवार को आरोपियों के नाम और फोटोग्राफ जारी किये थे। उनकी पहचान सेना के जवान पंकज, मनीष तथा नीशू के रूप में की गयी है।

पुलिस ने कहा कि आरोपी रेवाड़ी के उसी गांव में रहते थे जहां पीड़िता रहती थी और वे युवती और उसके परिवार को जानते थे। दक्षिण पश्चिमी कमान के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल चेरिश मॉथसन ने शनिवार को जयपुर में कहा था कि वह जांच में पुलिस की मदद करेंगे।