जम्मू कश्मीर के राजौरी जिले में नियंत्रण रेखा पर नौशेरा सेक्टर में आज एक उच्च शक्तिशाली विस्फोटक को निष्क्रिय करते समय सेना के एक शीर्ष अधिकारी मेजर चित्रेश सिंह बिष्ट शहीद हो गए। आधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी है।

शहीद चित्रेश सिंह बिष्ट

रक्षा प्रवक्ता ने बताया कि दिन में तीन बजे नौशेरा सेक्टर में सड़क मार्ग पर छिपाकर रखे गए विस्फोटकों को हटाने के अभियान में मेजर चित्रेश सिंह बिष्ट बम निरोधक दस्ते की अगुवाई कर रहे थे और उन्होंने एक बारूदी सुरंग को निष्क्रिय भी कर दिया था लेकिन दूसरी सुरंग को निष्क्रिय करते समय इसमे जोरदार विस्फोट हुआ।

शहीद चित्रेश सिंह बिष्ट

इस धमाके में मेजर चित्रेश सिंह बिष्ट बुरी तरह घायल हो गए और उन्होंने अंतिम सांस ली। श्री बिष्ट(31) देहरादून के रहने वाले थे और उनके परिवार में माता पिता है। प्रवक्ता ने बताया कि श्री बिष्ट बहुत ही बहादुर कोर समर्पित सैन्यकर्मी थे और राष्ट्र उनकी कुर्बानी को हमें याद रखेगा।

शहीद चित्रेश सिंह बिष्ट

आपको बता दें मेजर चित्रेश सिंह बिष्ट की अगले महीने शादी होने वाली थी और उनके पिता शादी के कार्ड बाँटने में व्यस्त थे की उनके घर में शहादत की खबर पहुंची। घर परिवार का रो रोकर बुरा है और वहीँ एक गर्व की भावना भी है ही की उनके बेटे से देश के लिए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए।

शहीद चित्रेश सिंह बिष्ट

मेजर चित्रेश बिष्ट के पिता खुद रिटायर्ड पुलिस अफसर है और उनका कहना है की ये उनके परिवार के लिए सबसे बड़ा दुःख है पर कहीं न कहीं बेटे की सहादत ने उन्हें गर्व महसूस कराया है।

शहीद चित्रेश सिंह बिष्ट

रक्षा प्रवक्ता ने कहा कि मेजर चित्रेश सिंह बिष्ट नौशेरा सेक्टर में ट्रैक पर बम का पता लगाने के लिए बम निरोधक दस्ते की टीम का नेतृत्व कर रहे थे।

शहीद चित्रेश सिंह बिष्ट

उन्होंने कहा कि टीम ने एक बम खदान को सफलतापूर्वक डिफ्यूज कर दिया, लेकिन एक अन्य खदान को बेअसर करने के दौरान, उपकरण सक्रिय हो गया और ब्लास्ट में अधिकारी को गंभीर चोटें आईं और शहादत मिली।

शहीद चित्रेश सिंह बिष्ट

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने एक ट्वीट में मेजर चित्रेश सिंह बिष्ट को श्रद्धांजलि दी और परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की।

शहीद चित्रेश सिंह बिष्ट

ट्विटर पर देखने के लिए क्लिक करें : https://twitter.com/tsrawatbjp/status/1096784400497414146

जैश-ए-मोहम्मद के नेतृत्व में 14 फरवरी के पुलवामा हमले में राष्ट्रीय नाराजगी के बीच प्रमुख की मौत की खबर आई थी , जिसमें 40 से ज्यादा केंद्रीय पुलिस बल के जवानों की मौत हो गयी थी।

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