जांच एजेंसियों के पास कर्नाटक के पूर्व मंत्री डी के शिवकुमार के खिलाफ “पुख्ता सबूत” होने का दावा करते हुए भाजपा ने बुधवार को उनकी गिरफ्तारी के पीछे “राजनीतिक प्रतिशोध” के कांग्रेस के आरोप को नकार दिया। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता जी वी एल नरसिंह राव ने कहा कि जब वित्तीय गड़बड़ी, धन शोधन और ऐसे सभी वित्तीय अपराध के आरोप सामने आते हैं तो कांग्रेस नेताओं के लिए प्रतिशोध का दावा करना अब चलन बन गया है।
कांग्रेस के आरोपों को विपक्षी दल के “राजनीतिक रूप से सुविधाजनक बयान” बताते हुए उन्होंने कहा कि शिवकुमार के मामले की लंबे समय से जांच चल रही है और एजेंसियों के पास निश्चित तौर पर उनके खिलाफ “वित्तीय हेरफेर, वित्तीय गबन” के पुख्ता सबूत हैं।

राज्यसभा सदस्य राव ने कहा, “एजेंसियों ने इस मामले की उचित जांच करने के लिए काफी समय लिया और इस कदम (शिवकुमार की गिरफ्तारी) को किसी भी तरह से राजनीतिक नहीं ठहराया जा सकता।” कर्नाटक में कांग्रेस के संकटमोचक माने जाने वाले शिवकुमार को धन शोधन के एक मामले में मंगलवार को दिल्ली में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने धन शोधन निरोधक कानून के प्रावधानों के तहत गिरफ्तार किया।
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उनकी गिरफ्तारी की विपक्षी कांग्रेस और जद(एस) के कई नेताओं ने निंदा की और केंद्र की भाजपा नीत सरकार पर राजनीतिक प्रतिशोध का आरोप भी लगाया। जद(एस) नेता और पूर्व मुख्यमंत्री एच डी कुमारस्वामी ने आरोप लगाया, “सरकार उन विपक्षी नेताओं को दबाने के लिए जांच एजेंसियों का इस्तेमाल कर रही है जिन्हें वह अपने हितों के लिए खतरा मानती है।”


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