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कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने राहुल से की मुलाकात, गहलोत बोले- उम्मीद है हमारी बातें मानेंगे

कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने सोमवार को पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाकात की। इसके बाद राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि हमारे बीच अच्छी बातचीत हुई है। प्रेस को संबोधित करते हुए अशोक गहलोत ने कहा कि हमने लगभग 2 घंटे तक बातचीत की। हमने उन्हें (राहुल को) अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं और नेताओं की भावनाओं से अवगत कराया। हमें उम्मीद है कि वह हमारे विचारों पर ध्यान देंगे और सही काम करेंगे। 

अशोक गहलोत ने आगे कहा, ''दूसरों ने देशभक्ति के नाम पर देश को गुमराह किया। मोदीजी ने सेना के पीछे छिपकर राजनीति की, धर्म के नाम पर लोगों को गुमराह किया। उन्होंने विकास, अर्थव्यवस्था और रोजगार के बारे में बात नहीं की।''

गौरतलब है कि लोकसभा चुनाव में पार्टी की करारी हार के बाद से गांधी इस्तीफा देने पर अड़े हुए है। बैठक में गहलोत, पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और पुडुचेरी के मुख्यमंत्री वी नारायणसामी शामिल हैं। 

इस मुलाकात से पहले अशोक गहलोत ने कहा था, "कांग्रेस शासित राज्यों के सभी मुख्यमंत्री कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के प्रति एकजुटता प्रकट करने के लिए उनसे मुलाकात करेंगे। पहले भी हमने कहा है कि हम सभी कांग्रेस अध्यक्ष के साथ हैं और 2019 की हार की जिम्मेदार लेते हैं।"

उन्होंने कहा, "हमारा यह मानना है कि मौजूदा हालात में सिर्फ राहुल जी ही पार्टी का नेतृत्व कर सकते है। देश और देशवासियों के कल्याण को लेकर उनकी प्रतिबद्धता सवालों से परे और बेमिसाल है।" उन्होंने कहा, "2019 के चुनाव का नतीजा कांग्रेस के कार्यक्रम, नीति और विचारधारा की हार नहीं थी। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि कई मोर्चो पर मोदी सरकार की विफलता के बावजूद भाजपा सरकारी मशीनरी की मदद से उग्रवाद राष्ट्रवाद के पीछे अपनी विफलता को छिपा ले गई।" गहलोत ने कहा, "कांग्रेस अध्यक्ष ने इस चुनाव को मुद्दा आधारित बनाए रखने के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास किया।"

गौरतलब है कि लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की करारी हार के बाद 25 मई को हुई पार्टी कार्य समिति की बैठक में राहुल गांधी ने अध्यक्ष पद से इस्तीफे की पेशकश की थी। हालांकि कार्य समिति के सदस्यों ने उनकी पेशकश को खारिज करते हुए उन्हें आमूलचूल बदलाव के लिए अधिकृत किया था। इसके बाद से राहुल गांधी लगातार इस्तीफे की पेशकश पर अड़े हुए हैं। हालांकि पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं ने उनसे आग्रह किया है कि वह कांग्रेस का नेतृत्व करते रहें।