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CJI, सात वरिष्ठ न्यायाधीश 5 अक्टूबर से करेंगे PIL, सामाजिक न्याय के विषयों पर सुनवाई

उच्चतम न्यायालय ने न्यायाधीशों को मामले आवंटित करने के लिये बृहस्पतिवार को एक नया ‘रोस्टर’ जारी किया। इसके तहत जनहित याचिकाओं (पीआईएल), पत्र याचिकाओं और सामाजिक न्याय के विषयों की सुनवाई प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) एस ए बोबडे एवं सात वरिष्ठ न्यायाधीश करेंगे। 

रोस्टर पांच अक्टूबर से प्रभावी होगा। 

इसके अनुसार सीजेआई के अलावा वरिष्ठतम न्यायाधीश-- न्यायमूर्ति एन वी रमण और न्यायमूर्ति आर एफ नरीमन, न्यायमूर्ति यू यू ललित, न्यायमूर्ति ए एम खानविलकर, न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति अशोक भूषण तथा न्यायमूर्ति एल नागेश्वर राव-- पीआईएल के मामले देखेंगे। वे उन सामाजिक न्याय के ऐसे विषयों की भी सुनवाई करेंगे जिनमें आमतौर पर केंद्र, राज्य और उनकी एजेंसियां प्रतिवादी पक्ष के रूप में शामिल हों। 

कोविड-19 महामारी के कारण आमतौर पर शीर्ष न्यायालय की छह-सात पीठ वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये सुनवाई कर रही हैं, जबकि सामान्य दिनों में 14-15 पीठ बैठती हैं। 

पिछला रोस्टर बीते वर्ष 29 नवंबर को जारी किया गया था, जिसके तहत पीआईएल और सामाजिक न्याय के मामलों की सुनवाई सीजेआई तथा तीन अन्य वरिष्ठतम न्यायाधीशों को करनी थी। 

पीआईएल विषयों के अलावा सीजेआई बोबडे ने अपने पास अवमानना, चुनाव, बंदी प्रत्यक्षीकरण, सामाजिक न्याय, प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष कर के मामले तथा चुनावी मामले सहित अन्य विषय रखे हैं। 

सात वरिष्ठतम न्यायाधीशों को पत्र याचिकाएं और पीआईएल सीजेआई द्वारा आवंटित की जाएंगी।