BREAKING NEWS

ED ने फ्रांस में विजय माल्या की 14 करोड़ रूपये की संपत्ति जब्त◾कृषि कानूनों के विरोध में दिल्ली-NCR बॉर्डर पर प्रदर्शन कर रहे किसानों को हटाने के लिए SC में याचिका दायर◾किसानों का ऐलान- 5 को देशभर में PM मोदी के पुतले फूंके जाएंगे, 8 दिसंबर को भारत बंद का आह्वान◾कैनबेरा टी-20 : भारत ने आस्ट्रेलिया को 11 रन से दी शिकस्त, नटराजन ने डेब्यू मैच में झटके 3 विकेट ◾कोरोना ने तोड़ी तंगहाल पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था की कमर, इमरान ने कर्जदाताओं से मांगी मदद ◾PM मोदी की सर्वदलीय बैठक पर बोले अधीर रंजन-वैक्सीनेशन पर नहीं दिया कोई रोडमैप◾किसान आंदोलन पर टिप्पणी पर भारत की कनाडा को सख्त चेतावनी, कहा- बिगड़ सकते हैं रिश्ते◾PM मोदी ने कहा-अगले कुछ हफ्तों में मिल सकती है भारत को कोरोना वैक्सीन ◾PM मोदी की अध्यक्षता में सर्वदलीय बैठक, कोरोना वैक्सीन की रणनीति पर चर्चा ◾कृषि कानून : किसानों का विरोध प्रदर्शन जारी, सिंघु बॉर्डर पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात◾देश में कोरोना केस 96 लाख के करीब, अब तक 90 लाख से अधिक लोगों ने महामारी को दी मात ◾हैदराबाद में GHMC चुनाव की मतगणना जारी, प्रचार अभियान में BJP ने झोंक दी थी पूरी ताकत◾TOP 5 NEWS 04 DECEMBER : आज की 5 सबसे बड़ी खबरें ◾आज का राशिफल ( 4 दिसंबर 2020 )◾अगले सप्ताह सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात जा सकते हैं सेना प्रमुख जनरल नरवणे ◾PM मोदी IIT 2020 वैश्विक शिखर सम्मेलन को करेंगे संबोधित◾SC ने कोरोना के आंकड़ों की दोबारा जांच के तरीके के बारे में केजरीवाल सरकार से मांगी जानकारी◾दिल्ली में 24 घण्टे में संक्रमण के 3734 नए मामले आये सामने, 82 लोगों की मौत◾साढ़े सात घंटे तक चली किसानों और सरकार के बीच बैठक बेनतीजा, अब 5 दिसंबर को अगली वार्ता ◾गृह मंत्री बासवराज बोम्मई का ऐलान, कहा- लव जिहाद के खिलाफ कर्नाटक में भी लागू होगा कानून ◾

भारत में कोरोना के आँकड़े #GharBaithoNaIndiaSource : Ministry of Health and Family Welfare

कोरोना की पुष्टि

इलाज चल रहा है

ठीक हो चुके

मृत लोग

न्यायालय ने कहा - अत्यधिक भरोसे पर आधारित होता है बीमा अनुबंध

उच्चतम न्यायालय का कहना है कि बीमा अनुबंध अत्यधिक भरोसे पर आधारित होता है। ऐसे में जीवन बीमा लेने के इच्छुक लोगों के लिये हर वैसी जानकारियों का खुलासा करना उनका दायित्व हो जाता है, जिनका संबंधित मुद्दों पर किसी प्रकार का असर हो सकता है। उच्चतम न्यायालय ने राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग (एनसीडीआरसी) के इस साल मार्च के एक फैसले को निरस्त करते हुए यह टिप्पणी की। एक बीमा कंपनी ने मृतक की माता को ब्याज के साथ दावे की पूरी राशि का भुगतान करने के आदेश के खिलाफ आयोग में याचिका दायर की थी, जिसे आयोग ने खारिज कर दिया था। 

न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि प्रस्ताव के फॉर्म में पुरानी बीमारियों का अलग से खुलासा करने की जरूरत होती है, ताकि बीमा करने वाली कंपनी बीमांकिक जोखिम के आधार पर एक विचारशील निर्णय पर पहुंचने में सक्षम हो सके। इस पीठ में न्यायमूर्ति इंदू मल्होत्रा और न्यायमूर्ति इंदिरा बनर्जी भी शामिल रहीं। पीठ ने कहा, ‘‘बीमे का अनुबंध अत्यधिक भरोसे पर आधारित होता है। यह बीमा लेने के इच्छुक हर व्यक्ति का दायित्व हो जाता है कि वह संबंधित मुद्दे को प्रभावित करने वाली सारी जानकारियों का खुलासा करे, ताकि बीमा करने वाली कंपनी बीमांकिक जोखिम के आधार पर किसी विवेकपूर्ण निर्णय पर पहुंच सके।’’

बीमा कंपनी ने आयोग के फैसले के खिलाफ उच्चतम न्यायालय के समक्ष याचिका दायर की थी। राष्ट्रीय आयोग ने संबंधित मामले में राज्य उपभोक्ता आयोग के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दी थी। उच्चतम न्यायालय ने राष्ट्रीय उपभोक्ता शिकायत निवारण आयोग के फैसले को रद्द करते हुए कहा कि बीमा लेने वाले व्यक्ति ने अपनी पुरानी बीमारियों के बारे में जानकारियों का खुलासा नहीं किया था। उसने यह भी नहीं बताया था कि बीमा लेने के महज एक महीने पहले उसे खून की उल्टियां हुई थीं। पीठ ने कहा, ‘‘बीमा कंपनी के द्वारा की गयी जांच में पता चला है कि बीमा धारक पुरानी बीमारियों से जूझ रहा था, जो लंबे समय तक शराब का सेवन करने के कारण उसे हुई थीं। उसने उन तथ्यों की भी जानकारी बीमा कंपनी को नहीं दी थी, जिनके बारे में वह अच्छे से अवगत था।’’