लोकसभा चुनाव से पूर्व टेलीविजन पर घमासान शुरू हो चुका है जिसके माध्यम से लोगों के दिलोदिमाग में विचारों का आलोड़न व आरोपण किया जा रहा है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और कांग्रेस दोनों दलों के टेलीविजन वीर दक्षता के साथ अपने-अपने विचार सुस्पष्ट तरीके से रख रहे हैं।

इन टेलीविजन वीरों में युवा और अनुभवी दोनों तरह के लोग शामिल हैं जो समाचार चैनलों पर शोर-शराबे के बीच अपने-विचार रखना जानते हैं।

वे अपने-अपने नेताओं को प्रमोट करते हैं और एक दूसरे की झूठ और प्रचार का तथ्यों व आंकड़ों के जरिए प्रतिकार करते हैं। ये टेलीविजन वीर जो काम करते हैं वह उनके नेता व दल उनकी अन्य जिम्मेदारियों व प्रतिबद्धताओं के कारण रोज-रोज नहीं कर सकते हैं।

भाजपा के कुछ प्रमुख टेलीविजन वीरों के नाम दिए गए हैं जिनमें कई 35 साल से कम उम्र के हैं।

विनीत गोयनका : जोशीले राजनेता विनीत गोयनका को सूचना प्रौद्योगिकी, परिवहन, बुनियादी संरचना और कृषि की जानकारी है और उन्होंने जम्मू-कश्मीर में काफी काम किया है।

अपने राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों को मात देने के लिए गोयनका मुद्दे की गहराई में जाते हैं। वह रेल मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले संगठन गवर्निग काउंसिल ऑफ सेंटर फॉर रेलवे इन्फोरमेशन सिस्टम के सदस्य हैं। उनको सड़क परिवहन और राजमार्ग व जहाजरानी मंत्रालय में आईटी टास्क फोर्स का सदस्य नियुक्त किया गया है। वह सरकार के ‘मिनिमम गवर्नमेंट मैक्सिमम गवर्नेस’ के लक्ष्य की प्राप्ति की पहल को लेकर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और सुरेश प्रभु के निकट संपर्क में काम करते हैं।

नेहा जोशी : सामाजिक कार्यकर्ता नेहा जोशी उत्तराखंड के विधायक गणेश जोशी की पुत्री हैं। वह कहती हैं कि वह अक्खड़ की तरह पेश नहीं आने की कोशिश करती है क्योंकि वह टीवी बहस में देश की सत्ताधारी पार्टी का प्रतिनिधित्व करती हैं। उन्होंने आईएएनएस से कहा, ‘मैं आक्रामक बन सकती हूं लेकिन मैं कोशिश करती हूं कि लोगों के बोलते समय बीच में दखल न दूं।’

जोशी पहले अपने गृह राज्य में टीवी बहस के दौरान पार्टी के विचार प्रस्तुत करती रही हैं। वह पेट्रोलियम मंत्रालय में सलाहकार हैं। वह अर्थशास्त्र में डिग्री हासिल करने के बाद सामाजिक कार्य में पोस्टग्रेजुएट हैं।

वैभव अग्रवाल : भाजपा के वाकपटु टीवी चेहरा वैभव अग्रवाल तथ्यों के साथ आते हैं और उनको राजनीति की जमीनी हकीकत की समझ है। वह सामाजिक व राजनीतिक मसलों पर समाचार चैनलों की बहस में अक्सर आते रहे हैं। 43 वर्षीय अग्रवाल राजस्थान से आते हैं और पार्टी के विचारों को रखने में प्रवीण हैं।

चारु प्रज्ञा : मानव संसाधन विकास राज्यमंत्री सत्यपाल सिंह की पुत्री प्रज्ञा भाजपा की युवा शाखा भारतीय जनता युवा मोर्चा की सदस्य हैं और ट्विटर पर उनके 28,000 फॉलोवर हैं। उनको भारतीय राजनीति में जातीय समीकरण की अच्छी समझ है और वह सामाजिक मसलों पर सुस्पष्ट विचार रखती हैं।

रोहित चहल : रोहित चहल राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी और भाजयुमो में जम्मू-कश्मीर के प्रभारी हैं। वह शांति से बहस में हिस्सा लेते हैं और विरोधी विचार को सुनने में विश्वास रखते हैं। चहल ने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद में वर्षो तक काम किया है और पिछले तीन साल से वह भाजपा में हैं। वह पार्टी के विचारों को रखने में निपुण हैं। वह हिंदी समाचार चैनलों की बहस में हिस्सा लेते हैं।

गौरव भाटिया : समाजवादी पार्टी (सपा)के दिवंगत नेता व सांसद वीरेंद्र भाटिया के पुत्र गौरव पेशे से वकील हैं। वह पहले सपा से जुड़े थे। वह दो बार सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के अवैतनिक सचिव रहे हैं। वह एडवोकेट ऑन रिकॉर्ड हैं। वह बहस में अपनी पेशा के कौशल का उपयोग करते हैं।

सैयद जफर इस्लाम : पूर्व निवेश बैंकर सैयद जफर इस्लाम 2014 के लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा में शामिल हुए थे। वह टीवी बहस में पार्टी का प्रमुख मुस्लिम चेहरा हैं। वह बहस के दौरान शांत रहते हैं और प्रवीणता के साथ नरेंद्र मोदी सरकार की विकास योजनाओं को पेश करते हैं और विरोधियों के तर्क को खारिज करते हैं।

अमित मालवीय : भाजपा के सोशल मीडिया सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने खुद को पार्टी के प्रवक्ता के रूप में पेश किया है। सूचना प्रौद्योगिकी की पृष्ठभूमि वाले मालवीय के पास अपने विचार रखने के लिए आंकड़े तैयार रहते हैं। वह हाजिरजवावब भी हैं।

नीति जैन : भाजयुमो की सदस्य नीति जैन को विज्ञापन और कॉपीराइटिंग का अनुभव है। वह सोशल मीडिया कार्यकर्ता हैं और उनको शिक्षा, महिला सशक्तीकरण व युवा मामले, रंगकर्म में अभिरुचि है।

सुदेश वर्मा : पेशे से पत्रकार सुदेश वर्मा टीवी बहस में भाजपा के गंभीर और शांत चेहरा हैं। न्यूजएक्स टेलीविजन के पूर्व समाचार संपादक वर्मा तीन साल (2005-2008) तक ब्रिटिश उच्चायोग में वरिष्ठ राजनीतिक विश्लेषक रहे हैं। वह मृदुभाषी हैं और संप्रदायवाद व राष्ट्रवाद के मसलों पर पार्टी के विचारों को प्रवीणता के साथ पेश करते हैं।

आशीष सूद : आशीष अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से जुड़े रहे हैं। उनको 2002 में भाजयुमो की दिल्ली इकाई का उपाध्यक्ष बनाया गया था और बाद में उनको भाजपा की प्रदेश इकाई का उपाध्यक्ष बनाया गया। वह दिल्ली के स्थानीय मसलों के साथ-साथ राष्ट्रीय मसलों पर भी पार्टी के विचारों को रखने में निपुण हैं।

संजू वर्मा : भाजपा के मुंबई बुद्धिजीवी सेल की सह-संयोजक संजू एक उद्यमी हैं। वह जेपी मॉर्गन में एसोसिएट डायरेक्टर और एचडीएफसी सिक्योरिटीज की कार्यकारी निदेशक रह चुकी हैं। वह विरोधियों के हमलों पर पार्टी का बचाव करने में बिल्कुल शांत रहती हैं।