जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले में गुरुवार 14 फरवरी को सीआरपीएफ के काफिले पर आतंकी हमला हुआ है उस हमले में सीआरपीएफ के 44 जवानों की जान चली गई। पूरा देश शहीद जवानों की मौत पर आंसू बहा रहा है। शहीद जवानों के परिवार वालों के आंसू थमने का नाम ही नहीं ले रहे हैं।

सीआरपीएफ के इन जवानों की मौत से सिर्फ उनका परिवार और गांव दुखी नहीं है पूरा देश इस समय गम में डूबा हुआ है। शहीदों के परिवार केलिए सरकार से लेकर आम आदमी सब मदद का हाथ बढ़ा रहे हैं। इसी बीच एक खबर सूरत से आर्ई है जहां पर एक कपल ने भी कुछ ऐसा ही काम किया है।

सेठ और सांघवी परिवार सूरत का

15 फरवरी को सूरत के सेठ और सांघवी परिवार एक परिवार में बंधे हैं। सेठ और सांघवी परिवार के बच्चे अमि और मीत की शादी हुई और उसके बाद उनकी शादी की रिसेप्शन की तैयारी हो रही थी। लेकिन इस बीच गुरुवार 14 फरवरी को पुलवामा में आतंकी हमले की खबर आती है और उस हमले में सीआरपीएफ के 44 जवानों की मौत हो जाती है। यह खबर सुन कर जहां पूरा देश गम में था तो वहीं इन दोनों परिवारों ने ऐसा फैसला लेकर देश का सम्मान और भी बढ़ा दिया।

यहां पढ़ें ये ट्वीट

बता दें कि सेठ और सांघवी परिवार ने फैसला लिया कि वह वेडिंग रिसेप्शन नहीं करेंगे और जिन पैसों से वेडिंग रिसेप्शन का खर्चा होना था उन सारी पैसों को वह शहीदों के परिवारों को दे देंगे। सेठ और सांघवी परिवार शहीदों के परिवार वालों को 11 रूपए देंगे। इसके अलावा यह परिवार कल्याणकारी संगठन को 5 लाख रूपए की और राशी देगा।

ये श्रद्धांजलि है शहीदों को

सेठ और सांघवी परिवार ने अपने इस कदम पर कहा कि यह शहीदों को श्रद्धांजलि है और उन सभी परिवारों के लिए यह हमारी तरफ से एक छोटी सी मदद है। इसके अलावा अमि और मीत की शादी भी बहुत सादगी से हुई है। इन दोनों की शादी बीते शुक्रवार को हुई है। शादी में कम से कम पैसा लगाया गया और जो बाकी कार्यक्रम थे उन्हें रद्द कर दिया गया।

शहीद के परिवार वालों के लिए हम कुछ भी करें सब कम है

नव दंपति अति और मीत ने भी अपने परिवार वालों के इस फैसले का दिल से स्वागत किया है। अमि और मीत ने कहा, हमारे जवान देश की सुरक्षा के लिए सीमा पर अपनी जान न्योछावर कर रहे हैं। हम उनके लिए कितना भी करे कम है।

पुलवामा अटैक में मारे गए जवान नहीं कहलाएं जायेंगे शहीद, जानिए क्या हैं वजह!