निर्वाचन आयोग ने इस बात को फिर से दोहराया है कि लोकसभा चुनाव के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर आधारित फिल्म की रिलीज पर प्रतिबंध लगाने का उसका निर्णय सही और वैध है। बुधवार को एक सूत्र ने इस बात की जानकारी दी। आयोग ने सोमवार को बॉयोपिक ‘पीएम नरेंद्र मोदी’ से संबंधित अपनी रिपोर्ट एक सीलबंद लिफाफे में सर्वोच्च न्यायालय को सौंपी।

शीर्ष अदालत को सौंपी गई निर्वाचन आयोग की रिपोर्ट से वाकिफ एक सूत्र ने इस बात की जानकारी दी कि जिन अधिकारियों ने यह फिल्म देखी है, उनका मानना है कि अगर चुनाव के दौरान इस फिल्म को रिलीज किया गया तो एक विशेष राजनीतिक दल को इसका भरपूर लाभ मिलेगा।

रिपोर्ट में कहा गया है कि इसके मद्देनजर आयोग का यह फैसला सही है कि 19 मई को लोकसभा चुनाव के अंतिम चरण की वोटिंग के बाद फिल्म को रिलीज किया जाए। निर्वाचन आयोग की इस रिपोर्ट पर सर्वोच्च न्यायालय शुक्रवार को फैसला लेगा। आयोग ने अपने वकील राकेश द्विवेदी के माध्यम से अदालत में इस रिपोर्ट को जमा करवाया है।

सर्वोच्च न्यायालय की पीठ ने आयोग से इस रिपोर्ट को फिल्म के प्रोड्यूसर के साथ साझा करने का निर्देश दिया। केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) से मंजूरी मिलने के बाद भी फिल्म की रिलीज को रोकने के निर्वाचन आयोग के फैसले के खिलाफ फिल्म के प्रोड्यूसर ने शीर्ष अदालत का रुख किया है।