BREAKING NEWS

कुख्यात अपराधी विकास दुबे की गिरफ्तारी के बाद मां ने कहा- हर वर्ष जाते है महाकाल मंदिर में दर्शन के लिए ◾मोस्ट वांटेड गैंगस्टर विकास दुबे के बारे में शुरुआत से लेकर गिफ्तारी तक का जानिए पूरा घटनाक्रम◾काशीवासियों से बोले PM मोदी- जो शहर दुनिया को गति देता हो, उसके आगे कोरोना क्या चीज है◾ कांग्रेस ने PM मोदी से किया सवाल, पूछा- क्या गलवान घाटी पर भारत का दावा कमजोर किया जा रहा?◾उज्जैन पुलिस की पीठ थपथापे हुए बोले CM शिवराज-जल्दी UP पुलिस को सौंपा जाएगा विकास दुबे◾चित्रकूट की खदानों में बच्चियों के यौन शोषण पर बोले राहुल-क्या यही सपनों का भारत है◾देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना संक्रमितों के 24,879 नए मामले और 487 लोगों ने गंवाई जान ◾कानपुर में 8 पुलिसर्मियों की हत्या का मुख्य आरोपी विकास दुबे उज्जैन में गिरफ्तार◾ दुनिया में कोरोना मरीजों के आंकड़ों में बढ़ोतरी का सिलसिला जारी, मरने वालों आंकड़ा 5 लाख 48 हजार के पार ◾कानपुर : हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे के सहयोगी प्रभात और बउआ को पुलिस ने एनकाउंटर के दौरान मार गिराया ◾PM मोदी वाराणसी की संस्थाओं के प्रतिनिधियों से आज 11 बजे वीडियो कांफ्रेंस पर संवाद करेंगे◾चीन की अत्यंत आक्रामक कार्रवाई का जवाब भारत ने सर्वश्रेष्ठ तरीके से दिया है :अमेरिका ◾जम्मू कश्मीर के बांदीपुरा में आतंकवादियों ने BJP नेता, उनके पिता और भाई की गोली मारकर हत्या की◾महाराष्ट्र में कोरोना वायरस संक्रमण के 6,603 नये मामले, 198 और लोगों की गई जान ◾अमेरिका के दबाव के आगे झुका चीन , कोरोना की उत्पत्ति का पता लगाने के लिए WHO टीम को दी अनुमति ◾मोदी सरकार 'आत्मनिर्भर भारत अभियान' को तेजी से बढ़ा रही आगे , पर कांग्रेस गैरजिम्मेदार विपक्ष: भाजपा◾राहुल ने PM मोदी पर साधा निशाना, कहा- 'सच के लिए लड़ने वालों को धमकाया नहीं जा सकता◾कानपुर : मुखबिरी के आरोप में चौबेपुर थाने के पूर्व SO विनय तिवारी और बीट प्रभारी केके शर्मा गिरफ्तार◾कैबिनेट बैठक में गरीब कल्याण अन्न योजना और EPF सुविधा की अवधि बढ़ाने की दी गई मंजूरी◾पाकिस्तान का दावा, कुलभूषण जाधव ने रिव्यू पिटीशन दायर करने से किया इनकार◾

भारत में कोरोना के आँकड़े #GharBaithoNaIndiaSource : Ministry of Health and Family Welfare

कोरोना की पुष्टि

इलाज चल रहा है

ठीक हो चुके

मृत लोग

हेलीकॉप्टर घोटाला : ईडी ने अदालत से कहा- रतुल पुरी पहले से ही हिरासत में, नहीं कर सकते आत्मसमर्पण

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बुधवार को दिल्ली की एक अदालत से कहा कि मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ के भांजे रतुल पुरी आत्मसमर्पण करने की स्थिति में नहीं हैं जैसा कि उन्होंने अगस्तावेस्टलैंड हेलीकॉप्टर घोटाला मामले में करने की पेशकश की है क्योंकि वह अन्य मामले में पहले से ही हिरासत में हैं। 

प्रवर्तन निदेशालय ने यह बात विशेष न्यायाधीश अरविंद कुमार के समक्ष पुरी की एक अर्जी का विरोध करते हुए कही। उक्त अर्जी में पुरी ने हेलीकॉप्टर घोटाले से जुड़े धनशोधन मामले में आत्मसमर्पण करने की अनुमति मांगी है। 

पुरी अपनी कंपनी मोजर बियर से संबंधित बैंक धोखाधड़ी से जुड़े एक अलग धनशोधन मामले में पहले ही 30 अगस्त तक प्रवर्तन निदेशालय की हिरासत में हैं। 

एजेंसी ने अदालत से कहा, ‘‘हम उन्हें हिरासत में नहीं ले सकते। कानून हमें इसकी इजाजत नहीं देता। वह पहले से हिरासत में हैं। उनका उनके शरीर पर नियंत्रण नहीं है। कैसे वह आकर यह कह सकते हैं कि मुझे हिरासत में ले लिया जाए? हम उन्हें हिरासत में नहीं ले सकते क्योंकि वह पहले ही एक अन्य मामले में हिरासत में हैं। कोई भी व्यक्ति तभी आत्मसमर्पण कर सकता है जब वह मुक्त हो।’’ 

पुरी के लिए पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता सिद्धार्थ लूथरा ने अदालत से कहा कि आरोपी के खिलाफ हेलीकॉप्टर घोटाला मामले में गैर जमानती वारंट जारी है और वह आत्मसमर्पण करना चाहता है। 

अदालत ने हेलीकॉप्टर घोटाला मामले में गैर जमानती वारंट नौ अगस्त को जारी किया था। यह प्रवर्तन निदेशालय द्वारा पुरी को गत 20 अगस्त को मोजर बियर से संबंधित बैंक धोखाधड़ी मामले में गिरफ्तार करने से पहले जारी किया गया था। 

लूथरा ने पुरी की ओर से कहा, ‘‘मैं आत्मसमर्पण करना चाहता हूं लेकिन ईडी मुझे गिरफ्तार नहीं करना चाहता। उन्हें (ईडी) अपने कदम के लिए जिम्मेदारी लेने की जरुरत है। उन्होंने गिरफ्तारी वारंट (गैर जमानती वारंट) जारी करने का अनुरोध करना चुना। अब जब मैं आत्मसमर्पण करना चाहता हूं तो वे कहते हैं कि वे नहीं चाहते कि मैं आत्मसमर्पण करूं। यदि ईडी कहता है कि वे अभी मुझे गिरफ्तार नहीं कर सकते तो क्या मुझे उसका विधिक लाभ लेने से वंचित किया जा सकता है।’’ 

मामला इटली की फिनमेकैनिका की ब्रिटिश सहायक कंपनी अगस्ता वेस्टलैंड से 12 वीवीआईपी हेलीकॉप्टर खरीद में कथित अनियमितता से जुड़ा है। 

सौदे को राजग सरकार ने 2014 में संविदात्मक दायित्वों के कथित उल्लंघन और सौदा प्राप्त करने के लिए रिश्वत के भुगतान के आरोपों को लेकर रद्द कर दिया था। 

ईडी के अनुसार अपराध से अर्जित राशि को पुरी के स्वामित्व वाली विभिन्न कंपनियों में जमा किया गया तथा वह अन्य आरोपियों द्वारा अपनायी गई कार्यप्रणाली और अपराध से अर्जित राशि के आखिरी ठिकाने का पता लगाने के लिए प्रमुख कड़ी हैं।