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अपनी मर्जी से सेवा नहीं छोड़ सकते वायुसेना सदस्य : SC

उच्चतम न्यायालय ने बुधवार को कहा कि भारतीय वायुसेना के सदस्य के रूप में नामित किसी भी व्यक्ति को सेवाकाल के दौरान अपनी मर्जी से सेवा छोड़ने का ‘‘असीमित अधिकार’’ नहीं है। एक वायुसैन्यकर्मी द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने कहा कि सेवा के हितों और वायुसेना में नामित लोगों के असैन्य रोजगार के आग्रहों से जुड़ी स्थितियों के बीच संतुलन बनाया जाना चाहिए।

पीठ ने कहा, लेकिन सेवा के हित सर्वोपरि महत्व के हैं। वायु सैन्यकर्मी ने 2012 में पारित सैन्य बल न्यायाधिकरण के दो आदेशों को चुनौती दी है जिसमें एक बैंक में असैन्य पद पर नियुक्ति के लिए वायुसेना से पदमुक्त होने और अनापत्ति प्रमाणपत्र के लिए निर्देश की मांग वाली उसकी याचिका खारिज कर दी गई थी।

 न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति हेमंत गुप्ता की पीठ ने अपने फैसले में कहा कि वायुसेना के सदस्य के रूप में नामित किसी भी व्यक्ति को सेवाकाल के दौरान सेवा छोड़ने का असीमित अधिकार नहीं होता है।