BREAKING NEWS

जम्मू-कश्मीर को लेकर हलचल तेज, 24 जून को PM मोदी की बैठक, अब्दुल्ला-महबूबा समेत 14 नेताओं को न्योता ◾पाकिस्तान का भारत पर बड़ा आरोप, कहा- जाधव मामले में आईसीजे के फैसले को गलत ढंग से पेश किया ◾दिल्ली में समाप्ती की ओर कोरोना, 24 घंटे में 135 नए मामले, 7 मरीजों की गई जान◾24 जून को पीएम मोदी ने बुलाई सर्वदलीय मीटिंग, कांग्रेस बोली- केंद्र से नहीं मिला कोई निमंत्रण ◾पंचत्व में विलीन हुए फ्लाइंग सिंख मिल्खा सिंह, राजकीय सम्मान के साथ हुआ अंतिम संस्कार◾आगरा के पारस अस्पताल को क्लीन चिट मिले पर प्रियंका बोली- सरकार ने न्याय की उम्मीद खत्म की◾यूपी चुनावों से पहले भाजपा ने पूर्व IAS एके शर्मा को दी बड़ी जिम्मेदारी, नियुक्त किया प्रदेश उपाध्यक्ष ◾तीन महीने बाद उत्तर प्रदेश में कम हुए कोरोना के एक्टिव केस, 24 घंटे में सामने आये संक्रमण के 294 नए मामले◾ओम बिरला द्वारा उठाए गए कदमों ने हमारे संसदीय लोकतंत्र को समृद्ध किया : PM मोदी◾गाजियाबाद : बुजुर्ग के साथ मारपीट मामले में सपा नेता उम्मेद पहलवान गिरफ्तार◾हम लोकतंत्र, संविधान और कानून के साथ समझौता नहीं कर सकते : राज्यपाल धनखड़◾राजस्थान में 'राजे ही भाजपा, भाजपा ही राजे' से मचा कोहराम, पूनिया बोले- पार्टी का संविधान सर्वोपरि◾अनलॉक में मिली ढील... कहीं बन ना जाए कोरोना की डील, केंद्र का राज्यों को आदेश अपनाए '3T+V' फॉर्मूला◾IAF में 2022 तक 36 राफेल को शामिल करने का लक्ष्य, LAC विवाद पर चीन के साथ बातचीत जारी : भदौरिया ◾CBSE 12वीं परीक्षा की रिजल्ट स्‍कीम से असंतुष्‍ट छात्रों ने सुप्रीम कोर्ट में दी चुनौती◾मिल्खा को जिंदगी ने दिए काफी जख्म, संघर्षो की नींव पर उपलब्धियों की गाथा लिखने वाला बना 'फ्लाइंग सिख'◾AIIMS चीफ की चेतावनी- 2 महीने के अंदर भारत में कोरोना की तीसरी लहर दे सकती है दस्तक ◾150 दिनों में 30 करोड़ लोगों को लगाई गई कोरोना वैक्सीन, जो बाइडेन ने घोषित किया 'समर ऑफ जॉय'◾असम में 4.2 तीव्रता का भूकंप, पूर्वोत्तर क्षेत्र में 24 घंटे में पांच बार हिली धरती ◾Covid 19 : देशभर में पिछले 24 घंटे में 60753 नए केस, कोरोना संक्रमण से 1,647 लोगों ने गंवाई जान ◾

भारत में कोरोना के आँकड़े #GharBaithoNaIndiaSource : Ministry of Health and Family Welfare

कोरोना की पुष्टि

इलाज चल रहा है

ठीक हो चुके

मृत लोग

भारत ने की अमेरिका से अपील, मुंबई हमले में शामिल आतंकी तहव्वुर राणा को प्रत्यर्पित करे बाइडन प्रशासन

अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन के प्रशासन ने संघीय अदालत से पाकिस्तानी मूल के कनाडाई कारोबारी तहव्वुर राणा को प्रत्यर्पित करने के भारत के अनुरोध पर गौर करने की अपील की है। राणा पर मुंबई में 2008 में हुए आतंकवादी हमलों में संलिप्त होने का आरोप है। लॉस एंजिलिस में अमेरिकी संघीय अदालत में प्रतिवेदन दाखिल करते हुए सहायक अमेरिकी अटॉर्नी जॉन जे लुलजियन ने कहा कि मुंबई आतंकवादी हमले के मामले में राणा (59) को भारत प्रत्यर्पित करने के सभी मानदंड पूरे होते हैं।

राणा ने स्वयं को भारत प्रत्यर्पित किए जाने का चार फरवरी को विरोध करते हुए दलील दी थी कि जिन अपराधों के लिए उसके प्रत्यर्पण की अपील की गई है, उनमें उसे पहले ही बरी किया जा चुका है। लॉस एंजिलिस में यूएस डिस्ट्रिक्ट कोर्ट की न्यायाधीश जैकलीन शूलजियन ने मामले की सुनवाई के लिए 22 अप्रैल की तारीख तय की है। लुलजियन ने सोमवार को अदालत में दाखिल किए 61 पृष्ठ के प्रतिवेदन में कहा,‘‘अमेरिका सम्मानपूर्वक अनुरोध करता है कि प्रत्सर्पण के मामले पर 22 अप्रैल 2021 की सुनवाई के बाद, अदालत भारत के राणा को प्रत्यर्पित करने के अनुरोध पर गौर करे....।’’

लुलजियन ने कहा,‘‘भगौड़ा तहव्वुर राणा मुंबई आतंकवादी हमले के मामले में संलिप्तता के अपराध में सुनवाई के लिए वांछित है, जिसमें 166 लोग मारे गए थे, 239 लोग घायल हुए थे और करीब 1.50 अरब डॉलर की सम्पत्ति का नुकसान हुआ था।’’ भारत-अमेरिका प्रत्यर्पण संधि के अनुसार, भारत सरकार ने राणा को प्रत्यर्पित करने के लिए औपचारिक अनुरोध किया है, और संयुक्त राज्य अमेरिका ने इस प्रत्यर्पण कार्यवाही को शुरू किया है।

डेविड कोलमेन हेडली के बचपन के दोस्त राणा (59) को 2008 के मुंबई आतंकवादी हमलों में संलिप्तता के लिये भारत के प्रत्यर्पण अनुरोध पर 10 जून को लॉस एंजिलिस से दोबारा गिरफ्तार कर लिया गया था। हमलों में छह अमेरिकी नागरिकों समेत कुल 166 लोगों की मौत हो गई थी। भारत ने उसे भगौड़ा घोषित कर रखा है। मुंबई आतंकवादी हमलों की साजिश रचने में लश्कर-ए-तैयबा का पाकिस्तानी-अमेरिकी आतंकवादी कोलमैन हेडली शामिल था। उसे इस मामले में सरकारी गवाह बनाया गया था और वह हमले में अपनी भूमिका के लिये फिलहाल अमेरिका की जेल में 35 साल के कारावास की सजा काट रहा है।

राणा के वकीलों ने पिछले सप्ताह लास एंजिलिस की जिला अदालत में न्यायाधीश जैकलीन केलोनियन के समक्ष प्रत्यर्पण का विरोध करते हुए याचिका दायर की थी। राणा के वकीलों ने दलील दी कि अमेरिका-भारत प्रत्यर्पण संधि के अनुच्छेद छह के तहत राणा को भारत प्रत्यर्पित नहीं किया जा सकता क्योंकि जिन अपराधों के लिये उसके प्रत्यर्पण का अनुरोध किया गया है, उसमें उसे पहले ही बरी किया जा चुका है। साथ ही संधि के अनुच्छेद 9 के तहत भी उसे प्रत्यर्पित नहीं किया जा सकता क्योंकि सरकार ने कथित अपराधों में राणा की संलिप्तता पर विश्वास करने के संभावित कारण नहीं बताए हैं।