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देश

चक्रवात ‘वायु’ के रास्ता बदलने के बावजूद गुजरात हाई अलर्ट पर

गुजरात सरकार ने चक्रवात 'वायु' से निपटने के लिए करीब तीन लाख लोगों को को तटीय इलाके से निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया है। गुजरात के लिए रहत कि खबर है। मौसम विभाग ने कहा कि चक्रवात ‘वायु’ ने अपना रास्ता बदल लिया है और अब इसके गुजरात तट से टकराने की संभावना नहीं है।

पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के सचिव एम राजीवन ने कहा, ‘‘इसके (चक्रवात वायु के) तट से टकराने की संभावना नहीं है। यह केवल तट के किनारे से गुजरेगा। इसके मार्ग में हल्का बदलाव आया है। लेकिन, इसका प्रभाव वहां होगा, तेज हवाएं चलेंगी और भारी बारिश होगी।’’ मौसम विज्ञान विभाग के अतिरिक्त महानिदेशक देवेंद्र प्रधान ने बताया कि चक्रवात समुद्र में रहेगा और गुजरात तट के किनारे-किनारे गुजरेगा। प्रधान ने कहा, ‘‘इसने थोड़ा सा पश्चिम की तरफ रुख कर लिया है। यह गुजरात तट के किनारे-किनारे गुजरेगा।’’ 

 UPDATE :-

- पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के सचिव एम राजीवन ने कहा, इसके (चक्रवात वायु के) तट से टकराने की संभावना नहीं है। यह केवल तट के किनारे से गुजरेगा। इसके मार्ग में हल्का बदलाव आया है। लेकिन, इसका प्रभाव वहां होगा, तेज हवाएं चलेंगी और भारी बारिश होगी।

-गुजरात तट से चक्रवाती वायु टकराने की संभावना नहीं। फिर गुजरात हाई अलर्ट पर है इसी बीच बतया जा रहा है कि मुंबई में करीब 3.83 मीटर ऊंची लहरें उठ सकती हैं।

- प्रशासन ने जारी किए हेल्पलाइन नंबर चक्रवाती तूफान वायु के दौरान लोगों की मदद करने के लिए जिला प्रशासन    और एनडीआरएफ ने हेल्पलाइन नंबर किये जारी हैं। एनडीआरएफ का हेल्पलाइन नंबर- 91-9711077372 है इसके अलावा चक्रवात वायु प्रभावित जिलों के हेल्पलाइन हैं। जामनगर कंट्रोल रूम नंबर: 0288-2553404  द्वारका कंट्रोल रूम नंबर: 02833-232125पोरबंदर कंट्रोल रूम नंबर:  0286-2220800दाहोद कंट्रोल रूम नंबर: 02673-239277नवसारी कंट्रोल रूम नंबरः 02637-259401 पंचमहल कंट्रोल रूम नंबर: +912672242536 छोटा उदयपुर कंट्रोल रूम नंबर: +912669233021 कच्छ कंट्रोल रूम नंबर: 02832-250080 राजकोट कंट्रोल रूम नंबर: 0281-2471573अरावली कंट्रोल रूम नंबर: +912774250221


- चक्रवात वायु को लेकर लोगों ने तैयारी तेज कर दी है। राजकोट में विभिन्न समूहों ने खाने के पैकेट्स तैयार किए हैं।

- पश्चिम रेलवे ने बुधवार यानि कल को बताया कि चक्रवात वायु के चलते  रेलवे ने 70 ट्रेनों को रद्द कर दिया और 28       ट्रेनों को गंतव्य से पहले ही रोकने का फैसला किया है।

चक्रवात चेतावनी प्रभाग ने सुबह साढ़े आठ बजे के बुलेटिन में कहा, ‘‘काफी संभावना है कि यह कुछ समय तक उत्तर-उत्तर पश्चिमी दिशा की तरफ चलेगा और फिर उत्तर पश्चिमी दिशा में सौराष्ट्र तट के किनारे से गुजरेगा जिससे गिर सोमनाथ, दीव, जूनागढ़, पोरबंदर और देवभूमि द्वारका प्रभावित होंगे । इस दौरान 135 से 145 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी जो 13 जून को दोपहर बाद 160 किलोमीटर प्रति घंटे रफ्तार की हवाओं में तब्दील हो सकती हैं।’’ 

राहत और बचाव के लिए तीनो सेना अलर्ट

समुद्री तट पर बसे मछुआरों को किनारे से हटने को कहा गया है, यहां तक कि उनके गांवों में भी पानी भर गया है। किसी भी अनहोनी का सामना करने के लिए NDRF की 52, SDRF की 9, SRP की 14 कंपनियां तैनात हैं। केंद्र सरकार भी राज्य सरकार के साथ मिलकर काम कर रही है। राहत और बचाव कार्य के लिए सेना के तीनों अंगों को भी तैयार रखा गया है।

समुद, तटों पर लोगों को नहीं जाने की सलाह दी गयी है। उधर तटवर्ती इलाकों समेत राज्य के कई स्थानों पर आज बादलयुक्त वातावरण हैं और कई स्थानों पर बूंदाबांदी भी हुई है। समुद, तट पर ऊंची लहरे उठ रही हैं। गौरतलब है कि इससे पहले दो बार ऐसे तूफानों की चेतावनी अंत में फुस्स साबित हुई थी।

 वर्ष 2014 के अक्टूबर में नीलोफर तूफान और 2017 दिसंबर में ओखी तूफान गुजरात तट से टकराते समय महज निम्न दबाव के मामूली क्षेत्र में तब्दील हो गये थे। इनसे कोई नुकसान नहीं हुआ था जबकि इससे पहले इनसे निपटने के लिए व्यापक तैयारी की गयी थी और सेना के तीनो अंगों को भी तैयार रखा गया था।