BREAKING NEWS

चुनावी बांड से चुनावी राजनीति में साफ धन आया : भाजपा ◾SPG सुरक्षा हटाए जाने पर बोलीं प्रियंका - यह राजनीति है ◾सेना ने मुख्यमंत्री पद के लिए नए नाम सुझाए, राकांपा ने उद्धव पर दिया जोर◾ED ने कश्मीर में आतंकवादियों से संबंधित छह संपत्तियां जब्त की ◾प्रदूषण पर राज्यसभा में भाजपा और आप में तकरार, केंद्र ने कहा ‘अच्छे’ दिन बढे◾केजरीवाल के दबाव में केंद्र ने अनधिकृत कॉलोनियों के निवासियों को दिया मालिकाना हक : आप◾मोदी की जीत आशाओं तथा अपेक्षाओं की जीत : रविशंकर प्रसाद ◾विकास के कार्य पूरे करने को झारखंड में भाजपा को दें पूर्ण बहुमत : शाह◾राज्यसभा में विपक्षी दलों ने ट्रांसजेन्डर विधेयक को प्रवर समिति में भेजने की मांग की◾शिवसेना सदस्य ने की बिरसा मुंडा, वीर सावरकर को भारत रत्न देने की मांग◾TOP 20 NEWS 21 NOV : आज की 20 सबसे बड़ी खबरें◾महाराष्ट्र : कांग्रेस और NCP के बीच बातचीत पूरी, कल नई सरकार की रुपरेखा पर होगा अंतिम निर्णय◾महाराष्ट्र : कांग्रेस के साथ संयुक्त बैठक से पहले NCP नेताओं की बैठक ◾अमित शाह ने झारखंड में चुनावी रैली को किया संबोधित, राम मंदिर को लेकर कांग्रेस पर साधा निशाना◾लोकसभा में कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने उठाया चुनावी बॉन्ड का मुद्दा◾साध्वी प्रज्ञा को रक्षा मंत्रालय की समिति में मिली जगह, कांग्रेस ने बताया दुर्भाग्यपूर्ण◾दिल्ली : महाराष्ट्र में शिवसेना संग गठबंधन पर सीडब्ल्यूसी ने लगाई मुहर ◾महाराष्ट्र में सरकार गठन की प्रकिया 1 दिसंबर से पहले हो जाएगी पूरी : संजय राउत ◾दिल्ली : सोनिया गांधी के आवास पर सीडब्ल्यूसी की बैठक, महाराष्ट्र पर चर्चा की संभावना◾झारखंड विधानसभा चुनाव : पहले चरण में भाजपा के लिए सीटें बचाना हुआ मुश्किल , 'अपने' दे रहे कड़ी टक्कर ◾

देश

मोदी ने किया उच्चतम न्यायालय की एकीकृत मुकदमा प्रणाली का शुभारंभ

 modi5
नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के प्रधान न्यायाधीश की मौजूदगी में उच्चतम न्यायालय की एकीकृत मुकदमा प्रबंधन प्रणाली की आज शुरूआत की। इस प्रणाली से वादियों को आंकड़ें हासिल करने और ऑनलाइन सूचना हासिल करने में मदद मिलेगी तथा यह उच्चतम न्यायालय में कागज रहित काम की दिशा में एक अहम कदम होगा। प्रधान न्यायाधीश जगदीश सिंह खेहर ने इस मौके पर कहा कि वह सभी 24 उच्च न्यायालयों और निचली अदालतों में एकीकृत प्रणाली शुरू करने का प्रस्ताव रखते है। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था में पारदर्शिता आएगी, हेरफेर कम होगा और वादी को वास्तविक समय में अपने मुकदमे की प्रगति के बारे में जानने में मदद मिलेगी। केंद्र और राज्य सरकार के प्रत्येक विभाग को यह पता चल जाएगा कि क्या उन्हें मामले में पक्षकार बनाया गया और उन्हें इसी के अनुसार तैयारी करने में मदद मिलेगी। अदालत के शुल्क और प्रक्रिया शुल्क की गणना ऑनलाइन की जाएगी जिससे वादी को इसमें आने वाली लागत का पता लग जाएगा। न्यायाधीश खेहर ने कहा कि इससे बार को मदद मिलेगी और उसका कार्यभार नहीं बढ़ेगा। - भाषा