BREAKING NEWS

'हाउडी मोदी' के लिए ह्यूस्टन तैयार, 50 हजार टिकट बिके ◾ शिवसेना, भाजपा को महाराष्ट्र चुनावों में 220 से ज्यादा सीटें जीतने का भरोसा◾आधारहीन है रिहाई के लिए मीरवाइज द्वारा बॉन्ड पर दस्तखत करने की रिपोर्ट : हुर्रियत ◾TOP 20 NEWS 21 September : आज की 20 सबसे बड़ी खबरें◾रामदास अठावले ने किया दावा - गठबंधन महाराष्ट्र में 240-250 सीटें जीतेगा ◾कृषि मंत्रालय से मिले आश्वासन के बाद किसानों ने खत्म किया आंदोलन ◾फडणवीस बोले- भाजपा और शिवसेना साथ मिलकर लड़ेंगे चुनाव, मैं दोबारा मुख्यमंत्री बनूंगा◾चुनावों में जनता के मुद्दे उठाएंगे, लोग भाजपा को सत्ता से बाहर करने को तैयार : कांग्रेस◾चुनाव आयोग का ऐलान, महाराष्ट्र-हरियाणा के साथ इन राज्यों की 64 सीटों पर भी होंगे उपचुनाव◾महाराष्ट्र और हरियाणा में 21 अक्टूबर को होगी वोटिंग, 24 को आएंगे नतीजे◾ISRO प्रमुख सिवन ने कहा - चंद्रयान-2 का ऑर्बिटर अच्छे से कर रहा है काम◾विमान में तकनीकी खामी के चलते जर्मनी के फ्रैंकफर्ट में रुके PM मोदी, राजदूत मुक्ता तोमर ने की अगवानी◾जम्मू-कश्मीर के पुंछ और राजौरी जिलों में पाकिस्तान ने फिर किया संघर्ष विराम का उल्लंघन◾कपिल सिब्बल बोले- कॉरपोरेट के लिए दिवाली लाई सरकार, गरीबों को उनके हाल पर छोड़ा◾मध्यप्रदेश सरकार ने शराब, पेट्रोल और डीजल पर बढ़ाया 5 फीसदी वैट◾Howdy Modi: 7 दिनों के अमेरिका दौरे पर रवाना हुए पीएम मोदी, ये रहेगा कार्यक्रम◾शरद पवार बोले- केवल पुलवामा जैसी घटना ही महाराष्ट्र में बदल सकती है लोगों का मूड◾नीतीश पर तेजस्वी का पलटवार, कहा- जब एबीसीडी नहीं आती, तो मुझे उपमुख्यमंत्री क्यों बनाया था?◾महाराष्ट्र और हरियाणा विधानसभा चुनावों के लिए आज होगी तारीखों की घोषणा, 12 बजे EC की प्रेस कॉन्फ्रेंस◾विदेश मंत्री जयशंकर ने फिनलैंड के शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात की◾

देश

उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू की पाकिस्तान को दो टूक, बोले- अब सिर्फ PoK पर होगी बात

उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने प्रत्येक भारतीय के लिये सुरक्षा और देश की अखंडता को सर्वोपरि करार देते हुये कहा कि पाकिस्तान के साथ द्विपक्षीय वार्ता अब पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) के मुद्दे पर ही होगी। नायडू ने मंगलवार को जम्मू-कश्मीर में हाल ही में निर्वाचित पंच और सरपंचों के एक प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात के दौरान कहा, "पाकिस्तान के साथ अब सिर्फ पीओके के मसले पर ही बातचीत होगी।" 

उपराष्ट्रपति कार्यालय द्वारा जारी बयान के अनुसार नायडू ने सरपंचों को संबोधित करते हुये इस बात पर जोर दिया कि प्रत्येक भारतीय के लिये सुरक्षा और राष्ट्र की एकता एवं अखंडता सर्वोपरि है। उन्होंने जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले संविधान के अनुच्छेद 370 की अधिकतर धाराओं को पांच अगस्त को समाप्त किये जाने के बाद विभिन्न नागरिक सुविधाओं पर लगाये गये अस्थायी प्रतिबंधों का जिक्र करते हुये कहा कि इसका उद्देश्य उपद्रव और अशांति फैलाने की शरारती तत्वों की मंशा को नाकाम बनाना है। 

उन्होंने कहा कि अब इन प्रतिबंधों को धीरे-धीरे हटाया जा रहा है। इसके तहत संचार सुविधाएं भी चरणबद्ध तरीके से शुरू की जा रही हैं। उल्लेखनीय है कि जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 को निष्प्रभावी बनाने और जम्मू कश्मीर एवं लद्दाख को संघ शासित क्षेत्र घोषित करने के बाद पिछले एक महीने से राज्य में टेलीफोन, मोबाइल और इंटरनेट सेवायें आंशिक रूप से बंद थीं। 

पाकिस्तान में पेट्रोल से भी महंगा बिक रहा है दूध

इसके अलावा अशांति की आशंका वाले राज्य के कुछ इलाकों में एहतियातन कर्फ्यू भी लागू करना पड़ा था। नायडू ने कहा कि अनुच्छेद 370 हटने के बाद संघ शासित क्षेत्र घोषित किये गये जम्मू कश्मीर एवं लद्दाख में विकास की गति जोर पकड़ेगी। 

नायडू ने सरपंचों के साथ बैठक की जानकारी ट्विटर पर भी साझा करते हुये कहा, "आज अपने निवास पर जम्मू कश्मीर से आये सरपंचों के शिष्टमंडल से मुलाकात की और संविधान का अनुच्छेद 370 हटने के बाद, क्षेत्र में हो रहे विकास कार्यों को तत्परता से जनसाधारण तक पहुंचाने के लिए निष्ठापूर्वक अथक प्रयास करने का आग्रह किया।" 

उपराष्ट्रपति ने राज्य में मौजूदा हालात के बारे में कहा, "जम्मू-कश्मीर में लगाये गये अस्थायी प्रतिबंधों का उद्देश्य शरारती तत्वों द्वारा अशांति और उपद्रव की संभावना को रोकना तथा उसके कारण जान-माल की संभावित हानि से नागरिकों को बचाना है।" 

उन्होंने राज्य में पंचायती राज व्यवस्था मजबूत होने के प्रति विश्वास व्यक्त करते हुये कहा कि जम्मू कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटाये जाने के बाद, वहां भी पंचायती राज से जुड़े संविधान के 73वें और 74वें संशोधनों के प्रावधान स्वत: ही जम्मू-कश्मीर में भी लागू होंगे। 

नायडू ने जम्मू कश्मीर में पंचायतों के चुनाव पर खुशी व्यक्त करते हुये कहा, "मुझे हर्ष है कि जम्मू कश्मीर में दशकों बाद, राज्यपाल शासन के दौरान, सफलतापूर्वक पंचायत चुनाव आयोजित किए गए तथा पंचायतों को संविधान सम्मत अधिकार दिए गए हैं। लगभग 4483 पंचायतों में से 3500 पंचायतों के चुनावों में लगभग 74 प्रतिशत मतदाताओं ने 35000 पंचों को चुना है।"

उन्होंने पंचायतों के वित्तीय अधिकारों में दस गुना बढ़ोतरी का जिक्र करते हुये कहा कि पंचायतों को अधिकार दिया गया है कि वे कर के माध्यम से अपना राजस्व बढ़ा सकें तथा प्रधानमंत्री आवास योजना जैसी विकास योजनाओं का सोशल आडिट/लेखा परीक्षा करवा सकें। नायडू ने कहा कि पंचायतों को अधिकाधिक अधिकार दिए जा रहे हैं। 

पंचायतों को सार्थक और सक्षम बनाने के लिए पर्याप्त कोष, कार्ययोजना और इसे लागू करने के लिये अधिकारियों और कर्मचारियों का अमला होना आवश्यक है। नायडू ने सुझाव दिया कि राज्य में स्थानीय निकायों के चुनाव हर पांच साल में कराये जाने को अनिवार्य बनाया जाना चाहिये। राज्य में इन चुनावों को टालने का अब कोई विकल्प मौजूद नहीं होना चाहिये।