कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा देशव्यापी लॉकडाउन को विफल बताए जाने वाले बयान पर भारतीय जनता पार्टी ने बुधवार को अपनी प्रतिक्रिया दी है। केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने राहुल गांधी के बयानों को निराधार बताते हुए कोरोना वायरस पर झूठ बोलने का आरोप लगाया है।
उन्होंने कहा, “राहुल गांधी जी, आप कहते हैं कि लॉकडाउन समाधान नहीं है, तो क्या आप अपने मुख्यमंत्रियों को यह नहीं समझाते? या वे आपकी बात नहीं मानते, या वे आपकी राय को कोई तवज्जो नहीं देते? क्योंकि प्रधानमंत्री के साथ मुख्यमंत्रियों की बैठक से पहले लॉकडाउन की घोषणा करने वाला पहला राज्य पंजाब था जिसके बाद राजस्थान। वहीं 31 मई तक लॉकडाउन का विस्तार करने वाले पहले राज्य भी महाराष्ट्र और पंजाब थे।
राहुल गांधी पर कटाक्ष करते हुए रविशंकर प्रसाद ने कहा, जब से कोविड-19 संकट आया है तब से वह वो झूठ बोलकर, गलत बयानबाजी करके और तथ्यों को गलत तरीके से बताकर कोरोना के खिलाफ लड़ाई में देश के संकल्प को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं।
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उन्होंने कहा, ‘राहुल गांधी ने न्याय योजना को लागू करने के लिए कहा लेकिन उनके ही राज्य इसे अपने यहां लागू नहीं कर रहे। वहीं, मोदी सरकार ने गरीबों और जरूरतमंद लोगों के लिए 52 हजार करोड़ रुपये भेजे हैं। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने श्रमिक स्पेशल ट्रेनों में मजदूरों की टिकट के लिए भी झूठे आरोप लगाएं कि टिकट का पैसा लिया जा रहा है।
सरकार ने बार-बार बताया कि मजदूरों से किराया नहीं लिया जा रहा है, टिकट के किराए में रेल मंत्रालय 85% और राज्य सरकारें 15% वहन कर रही हैं। राहुल गांधी ICMR पर भी आरोप लगाते हुए कहते हैं कि इसके द्वारा खरीददारी में गड़बड़ी हुई है। पहली बार ICMR को सफाई देनी पड़ी कि हमने ऐसी कोई खरीददारी नहीं की है। हमने न्यूनतम दामों में खरीददारी की। राहुल गांधी राजनीतिक विरोध में ऐसी संस्थाओं पर भी झूठे आरोप लगाने लगे हैं।”
गोपरतलब है कि राहुल गांधी ने वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से ‘ब्राउन यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ’ के नवनियुक्त डीन झा से कोरोना महामारी पर संवाद किया। संवाद में डीन झा ने कहा कि भारत को लॉकडाउन और कोरोना जांच को लेकर रणनीति बनानी होगी। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस के आर्थिक एवं स्वास्थ्य संबंधी प्रभाव के साथ ही इसका मनोवैज्ञानिक असर भी है और सरकारों को इस ओर भी ध्यान देने की जरूरत है।


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