BREAKING NEWS

BJP महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने खान-पान का तरीका देख मजदूरों को बताया बांग्लादेशी◾ उत्तर प्रदेश में CAA के खिलाफ अनोखा विरोध, कब्रिस्तान पहुंच कर पूर्वजों की कब्र पर रोने लगे कांग्रेसी नेता◾विधानसभा चुनाव : आज दिल्ली में 3 सार्वजनिक रैलियों को संबोधित करेंगे अमित शाह ◾चीन में कोरोना वायरस से मरने वालों की संख्या बढ़कर 25 हुई, 830 मामलों की पुष्टि ◾कोहरे की वजह दिल्ली आने वालीं 12 ट्रेनें 1 घंटे 30 मिनट से लेकर 4 घंटे 15 मिनट तक लेट ◾बालिका दिवस पर बोले नायडू- ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ हमारा संवैधानिक संकल्प है◾भ्रष्टाचार के मामले में 180 देशों में 80वें स्थान पर भारत◾अमित शाह ने केजरीवाल पर लगाया दिल्ली में दंगा भड़काने का आरोप ◾मैंने अपना भगवा रंग नहीं बदला है : उद्धव ठाकरे◾राज की मनसे ने अपनाया भगवा झंडा, घुसपैठियों को बाहर करने के लिए मोदी सरकार को समर्थन◾भाजपा नेता ने मोदी को चेताया, देश बढ़ रहा है दूसरे विभाजन की तरफ◾पासवान से मिला ब्राजील का प्रतिनिधिमंडल, एथेनॉल प्रौद्योगिकी साझेदारी पर बातचीत◾हिंदू समाज में साधु-संतों को ऐसी भाषा शोभा नहीं देती : अखिलेश◾पदाधिकारी पार्टी के खिलाफ सोशल मीडिया पर टिप्पणी करने से बचें : ठाकरे◾दिल्ली की जनता तय करे, कर्मठ सरकार चाहिए या धरना सरकार चाहिए : शाह◾वन्य क्षेत्रों में अनधिकृत कॉलोनियों को नियमित नहीं किया जा सकता : दिल्ली सरकार◾मानसिक दिवालियेपन से गुजर रहा है कांग्रेस नेतृत्व : नड्डा◾निर्भया के दोषियों से पूछा : आखिरी बार अपने-अपने परिवारों से कब मिलना चाहेंगे , तो नहीं दिया कोई जवाब !◾विपक्ष की तुलना पाकिस्तान से करना भारत की अस्मिता के खिलाफ : कांग्रेस◾ब्राजील के राष्ट्रपति 24-27 जनवरी तक भारत यात्रा पर रहेंगे, गणतंत्र दिवस परेड में होंगे मुख्य अतिथि◾

शशि थरूर बोले- कांग्रेस को समावेशी भारत का विचार नहीं त्यागना चाहिए

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर ने सोमवार कहा कि वह जीवनभर राजनीतिक करियर के लिए कांग्रेस पार्टी को ज्वाइ नहीं किया है। उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव में हार के बावजूद कांग्रेस को समावेशी भारत के अपने विचार को चुनावी लाभ के लिए नहीं छोड़ना चाहिए। तिरुवनंतपुरम से सांसद ने यह भी दावा किया कि लोकसभा चुनाव के नतीजों से स्पष्ट है कि देश के 60 फीसदी मतदाता भाजपा की विचारधारा से सहमत नहीं हैं। 

कांग्रेस के अल्पसंख्यक विभाग की ओर से आयोजित एक कार्यक्रम से इतर उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘‘मेरा यह मानना है कि पिछले साल लोकसभा चुनाव में भाजपा को 37 फीसदी वोट मिले और ऐसे में 60 फीसदी वोटर ऐसे हैं जो उसके साथ सहमत नहीं हैं। इन 37 फीसदी लोगों में कुछ लोग ऐसे हैं जो भारत को बहुसंख्यकवादी देश बनते नहीं देखना चाहते।’’ 

पाक सीमा पर समुद्र में संदिग्ध बोट मिलीं, आतंकी हमले की आशंका

उन्होंने कहा कि कांग्रेस समावेशी भारत और सभी के लिए काम करने में विश्वास रखती है जो उसे भाजपा से अलग बनाती है। थरूर ने कहा कि कांग्रेस को अपने इस सिद्धांत पर अडिग रहना चाहिए कि भारत सबके लिए है और वह इस बात को 130 वर्षों से कहती आ रही है। 

उन्होंने कहा, ‘‘मैं राजनीतिक करियर के लिए कांग्रेस में नहीं आया। मैं कांग्रेस में आया क्योंकि यह समावेशी भारत के विचार को आगे बढ़ाने का सबसे प्रमुख माध्यम है। इन विचारों को सिर्फ एक सीट या पांच फीसदी वोट के लिए नहीं छोड़ा जा सकता क्योंकि आखिर में यही सवाल होगा कि हमारा रुख क्या है।’’ इससे एक दिन पहले थरूर ने दिए साक्षात्कार में रविवार को इस बात पर जोर दिया कि उनकी पार्टी का यह कर्तव्य है कि वह धर्मनिरपेक्षता की रक्षा करे। 

साथ ही, उन्होंने यह भी कहा था कि हिंदी पट्टी में पार्टी के संकट ‘‘बहुसंख्यक तुष्टिकरण’’ या ‘‘कोक लाइट’’ की तर्ज पर किसी तरह के ‘‘लाइट हिंदुत्व’’ की पेशकश करने से दूर नहीं हो सकते हैं क्योंकि इस रास्ते पर चल कर ‘‘कांग्रेस जीरो’’ हो जाएगी।