BREAKING NEWS

क्यों बेटे के लिए इस्तीफा देने को तैयार हुई भाजपा सांसद रीता बहुगुणा जोशी, जानिए क्या है पूरी खबर◾यूपी: PM मोदी ने भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ किया डिजिटल संवाद, जानिए उनकी बातचीत की अहम बातें◾अखिलेश ने किया चुनावी वादा, बोले- 300 यूनिट मुफ्त बिजली लेने वाले कल से कराएं अपना पंजीकरण◾भगवंत मान होंगे AAP के CM उम्मीदवार, 'जनता चुनेगी अपना सीएम' पोल में दूसरे नंबर पर नवजोत सिंह सिद्धू ◾UP विधानसभा चुनाव: सियासी दलों के बीच छिड़ी सुरों की जंग, जानिए कैसे गीतों के सहारे प्रचार कर रही हैं पार्टियां◾'ज़िंदगी झंड बा-फिर भी घमंड बा', रवि किशन के वायरल Video पर नवाब मलिक का तंज◾सुरक्षा चूक: जांच कमेटी की अध्यक्ष जस्टिस इंदु मल्होत्रा के बाद SC के वकील को फिर मिली धमकी, जानें मामला ◾पंजाब चुनाव से पहले ED का बड़ा एक्शन, चन्नी के भतीजे समेत 10 जगहों पर की छापेमारी, अमरिंदर बोले... ◾5 राज्यों में होने वाले चुनाव को लेकर हुई डिजिटल प्रचार की शुरुआत, पार्टियों में छिड़ी 'थीम सॉन्ग्स' की जंग ◾UP election: ग्रामीण इलाकों में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए कांग्रेस करेगी 'प्रतिज्ञा चौपाल' का आयोजन ◾प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की स्पीच में पड़ा खलल, राहुल ने ली चुटकी, बोले- टेलीप्रॉम्प्टर भी नहीं झेल पाया झूठ ◾यूपी: AIMIM ने बाहुबली अतीक अहमद की पत्नी को प्रयागराज से चुनावी मैदान में उतारा, मिलेगी कड़ी टक्कर◾UP: हरिद्वार विवाद से अलीगढ़ प्रशासन ने लिया सबक, प्रस्तावित धर्म संसद की अनुमति देने से किया इनकार ◾Today's Corona Update : देश में गिरने लगा कोरोना का ग्राफ, पिछले 24 घंटे में ढाई लाख से कम नए केस ◾दिल्ली: गाजीपुर में RDX मिलने के बाद सुरक्षा के बंदोबस्त किए गए पुख्ता, गणतंत्र दिवस पर तीसरी आंख रखेगी नजर◾World Coronavirus : वैश्विक स्तर पर कोरोना मामलों में वृद्धि, 33.02 करोड़ से ऊपर पहुंचा आंकड़ा◾देश के कई हिस्सों में सर्दी का सितम जारी, मैदानी इलाकों को अभी नहीं मिलेगी शीतलहर से राहत◾UP चुनाव को लेकर PM मोदी वाराणसी के भाजपा कार्यकर्ताओं से आज करेंगे वर्चुअल संवाद, देंगे यह मंत्र◾पंजाब विधानसभा चुनाव में CAPF की 1,050 कंपनी तैनात करने की मांग ◾पंजाब विधान सभा चुनाव - गठबंधन तय लेकिन सीटों को लेकर अभी तक नहीं हो पाया है अंतिम फैसला ◾

संसद की रक्षा संबंधित स्थाई समिति ने पूर्वी लद्दाख में पैंगांग, गलवान घाटी का दौरा करने की इच्छा जताई

भारत-चीन के बीच पिछले काफी समय से चल रहे सैन्य गतिरोध के बीच संसद की रक्षा संबंधित स्थाई समिति पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी, पैंगांग जाने की तैयारी में है। स्थाई समिति का यह दौरा ऐसे समय में हो सकता है, जब पूर्वी लद्दाख सीमा पर भारत-चीन की सेनाएं धीरे-धीरे पीछे हट रही है।

जानकारी के मुताबिक, समिति सामरिक रूप से महत्वपूर्ण इस क्षेत्र का दौरा करने के लिए सरकार से पहले अनुमति ले सकती है। भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री जुएल ओराम की अध्यक्षता वाली यह 30 सदस्यीय समिति मई के अंतिम सप्ताह या जून में पूर्वी लद्दाख के क्षेत्र में जाने की मंशा बना रही है। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी भी इसके सदस्य हैं। 

इस क्षेत्र में जाने का निर्णय समिति की पिछली बैठक में किया गया। उस बैठक में गांधी उपस्थित नहीं थे। नौ माह तक चले गतिरोध के बाद भारत और चीन की सेनाओं के बीच पैंगांग नदी के उत्तरी एवं दक्षिणी तटों से सैनिकों को हटाने की सहमति बनी। इसके तहत दोनों पक्ष अग्रिम तैनातियों से सैनिकों को चरणबद्ध, समन्वित और पुष्टि योग्य तरीके से हटाएंगे। 

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बृहस्पतिवार को संसद में इस समझौते के बारे में संसद में विस्तार से बयान दिया था। समझौते के अनुसार चीन उत्तरी तट पर ‘फिंगर 8’ के पूर्वी इलाके से अपने सैनिक हटायेगा जबकि भारतीय सैनिक ‘फिंगर 3’ के पास धन सिंह थापा चौकी के पास अपना स्थाई ठिकाने पर रहेंगे। 

सिंह ने कहा कि झील के दक्षिणी इलाके में भी इसी तरह के कदम उठाए जाएंगे। रक्षा मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा कि भारत ने पूर्वी लद्दाख के पैंगांग त्सो में सैनिकों को हटाने का समझौता करते समय चीन को कोई भू-भाग नहीं दिया है। देपसांग, हॉट स्प्रिंग और गोगरा सहित लंबित ‘‘समस्याओं’’ पर दोनों देशों के सैन्य कमांडरों की अगली बैठक में विचार किया जाएगा। 

मंत्रालय के इस बयान से कुछ ही समय पहले कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने आरोप लगाया था कि सरकार ने भारत का भूभाग चीन को दे दिया है। उन्होंने सैनिकों को हटाने की प्रक्रिया पर सवाल भी उठाए थे। मंत्रालय ने इस दावे को ‘‘पूरी तरह से झूठ’’ करार दिया कि पैंगांग त्सो क्षेत्र में भारत का भू-भाग ‘फिंगर 4’ तक है। उसने कहा कि क्षेत्र में दोनों पक्षों की चौकियां सु-व्यवस्थित और काफी लंबे समय से हैं। 

मंत्रालय ने कठोर शब्दों वाले बयान में कहा, ‘‘भारत ने इस समझौते के परिणामस्वरूप किसी भू-भाग को नहीं दिया है। इसने एलएसी (वास्तविक नियंत्रण रेखा) का पालन और सम्मान लागू करवाया है और यथास्थिति में किसी भी प्रकार के एकपक्षीय परिवर्तन को निषेध किया है।’’ 

विदेश मंत्रालय ने कहा कि पैंगांग झील से सैनिकों को हटाने का काम पूरा होने के 48 घण्टे के भीतर वरिष्ठ कमांडरों की 10वें दौर की वार्ता कराने पर दोनों देशों ने सहमति जताई है ताकि बकाया मुद्दों पर विचार किया जा सके। 

साथ ही इसमें कहा गया कि भारत-चीन सीमा मामलों पर सलाह एवं समन्वय हेतु कार्यशील तंत्र (डब्ल्यूएमसीसी) के लिए कोई तिथि तय नहीं की गई है। पैंगांग झील के उत्तरी एवं दक्षिण तटों पर सैनिकों को हटाने के समझौते के अनुसार भारत एवं चीन, दोनों पक्षों ने ‘‘चरणबद्ध, समन्वित और पुष्टि किए जा सकने योग्य’’ तरीके से सैनिकों की अग्रिम तैनाती को हटाने पर सहमति जताई है।