सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को बीमार चल रहे माकपा नेता मोहम्मद यूसुफ तारिगामी को श्रीनगर से दिल्ली के एम्स में भर्ती कराने का आदेश दिया। तारिगामी श्रीनगर में अपने घर में नजरबंद हैं। प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि वह पूर्व माकपा विधायक तारिगामी को यहां एम्स में स्थानांतरित करने के पक्ष में है।
माकपा नेता सीताराम येचुरी ने पीठ को बताया कि अगर तारिगामी को बेहतर इलाज के लिए एम्स में भर्ती कराया जाता है तो उन्हें कोई आपत्ति नहीं है। येचुरी ने सुप्रीम कोर्ट से कहा, ‘‘हम बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका में पूर्व विधायक की नजरबंदी को चुनौती देने के अपने अधिकार को सुरक्षित रखना चाहते हैं।’’
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कोर्ट ने इससे पहले येचुरी को अपनी पार्टी के बीमार चल रहे सहयोगी तारिगामी से मिलने के लिए जम्मू कश्मीर जाने की अनुमति दी थी। उसने केंद्र के इस दावे को खारिज कर दिया था कि इससे राज्य में ‘‘स्थिति को खतरा’’ हो सकता है। कोर्ट ने स्पष्ट किया था कि येचुरी को सिर्फ अपने सहयोगी से मुलाकात के लिये जम्मू कश्मीर जाने की अनुमति दी गयी थी।
इस बीच, तारिगामी को बेहतर इलाज के लिये दिल्ली स्थित एम्स में स्थानांतरित करने के लिये दाखिल अंतरिम अर्जी की ओर कोर्ट का ध्यान आकर्षित किया गया था। येचुरी ने कोर्ट में एक याचिका दायर कर तारिगामी को पेश करने की मांग की। तारिगामी जम्मू कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले संविधान के अनुच्छेद 370 को हटाए जाने के बाद से नजरबंद हैं।


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