मसूरी : उत्तराखंड राज्य आंदोलन में दो सितंबर को मसूरी गोलीकांड में शहीद हुए आंदोलन कारियों को शहीद स्थल पर उनकी प्रतिमाओं व चित्रों पर पुष्प अर्पित कर श्रंद्धाजलि दी गई। इस मौके पर संस्कृति विभाग की ओर से शहीदों की याद में सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गये वही लोक गायक जीतेंद्र पंवार ने मसूरी के शहीदों पर गढ़वाली गीत सुनाया तो लोगों की आंखो से आंसू छलक पड़े। दो सितबंर 1994 को उत्तराखंड राज्य आंदोलन में पुलिस ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे निहत्थे आंदोलनकारियों को गोलियों से भून दिया था जिसमें छह आंदोलनकारी बलबीर नेगी, धनपत, राय सिंह बंगारी, हंसा धनाई, बेलमती चैहान, मदनमोहन ममगाई सहित पुलिस के सीओ उमाकांत त्रिपाठी शामिल थे।
उनकी याद में हर वर्ष शहीद स्थल पर श्रद्धांजलि समारोह आयोजित किया जाता है। इस मौके पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अजय भटट ने कहा कि राज्य के हित में सभी राजनैतिक दलों को एक साथ मिलकर कार्य करना चाहिए। क्यों कि सभी का लक्ष्य राज्य का विकास है। इस मौके पर प्रदेश के कबीना मंत्री मदन कौशिक ने कहा कि राज्य निर्माण जिन उददेश्यों को लेकर किया गया था उन्हें साकार करने में प्रदेश सरकार पूरा प्रयास कर रही है। यही कारण है कि मुख्यमंत्री नहीं आ पाये वह इनवेस्टर मीट में सिंगापुर जा रखे हैं अगर राज्य में उद्योग आयेंगे तो रोजगार के अवसर बढ़ेगे।
खटीमा-मसूरी गोलीकांड के शहीदों को दी श्रद्धांजलि
इस मौके पर विधायक गणेश जोशी ने कहा कि उत्तराखंड राज्य आंदोलन मेें कई लोगों ने शहादत दी थी। इस मौके पर पूर्व अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने कहा कि जिन उददेश्यों को लेकर राज्य बनाया गया उसमें कार्य नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि जो राज्य हित के कार्य है उनमें पूरा सहयोग वर्तमान सरकार को किया जायेगा। उन्होंने कहा कि वे खुद आंदोलनकारी थे। आज उन्हीं की बदौलत राज्य बना है इस लिए उनके सपनों को साकार करना सरकार का कार्य है।


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