केन्द्रीय मंत्री राजनाथ सिंह ने अपने चुनाव घोषणा पत्र में राजद्रोह कानून को खत्म करने का वादा करने के लिए कांग्रेस पर निशाना साधते हुए गुरुवार को कहा कि बीजेपी के केन्द्र में वापस आने पर इस कानून को और कड़ा किया जाएगा। राजनाथ सिंह ने मंडी लोकसभा सीट से पार्टी प्रत्याशी राम स्वरूप शर्मा के समर्थन में हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में एक रैली को संबोधित करते हुए कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था बन गई है और आईएमएफ ने भी देश की अर्थव्यवस्था की सराहना की है।

 उन्होंने दावा किया कि बीजेपी के पांच वर्ष के शासन के दौरान मुद्रास्फीति भी नियंत्रित रही। राजनाथ सिंह ने कहा कि बीजेपी अगर सत्ता में वापस आई तो राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों पर नजर रखने के लिए राजद्रोह कानून के प्रावधानों को और कड़ा किया जाएगा। कांग्रेस ने अपने चुनावी घोषणापत्र में भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) में राजद्रोह के प्रावधान का खत्म करने और सशस्त्र बल विशेषाधिकार अधिनियम (अफस्पा) और सशस्त्र बलों की तैनाती की समीक्षा करने का वादा किया है।

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राजनाथ सिंह ने दावा किया, ‘‘ बीजेपी ही एकमात्र ऐसा दल है जहां जमीनी स्तर का कार्यकर्ता मुख्यमंत्री बन सकता है… यहां तक कि अपने अथक प्रयासों से प्रधानमंत्री भी बन सकता है। वहीं दूसरी ओर एक ऐसा दल है जो सिर्फ एक परिवार तक ही सीमित है।’’ राम स्वरूप का मुकाबला कांग्रेस के आश्रय शर्मा से है जो सुख राम के पोते हैं। आश्रय शर्मा के पिता अनिल शर्मा ने हाल ही में राज्य के मंत्रिमंडल से इस्तीफा दिया था। लेकिन वह अब भी मंडी विधानसभा क्षेत्र से बीजेपी के विधायक हैं। राज्य की सभी चार लोकसभा सीटों शिमला (सुरक्षित), मंडी, हमीरपुर और कांगड़ा पर सातवें एवं अंतिम चरण में 19 मई को मतदान होगा।