कर्नाटक बीजेपी ने सोमवार को राज्य के मुख्यमंत्री एच डी कुमारस्वामी द्वारा अपने पुत्र को राजनीति में लाने के किये जा रहे प्रयासों के बीच उन पर आरोप लगाया कि उन्होंने अपने ‘‘पारिवारिक व्यवसाय’’ की जरूरतों की पूर्ति करने के लिए अपने सरकारी पद का इस्तेमाल किया। बीजेपी की ओर से मुख्यमंत्री की आलोचना ऐसे समय आयी है जब कुमारस्वामी अपने अभिनेता पुत्र निखिल कुमारस्वामी की पार्टी के गढ़ मांड्या लोकसभा सीट से जीत सुनिश्चित करने के लिए सभी प्रयास कर रहे हैं।

जद(एस) ने हाल में संकेत दिये थे कि निखिल मांड्या से पार्टी के उम्मीदवार होंगे। कर्नाटक बीजेपी ने एक ट्वीट में लिखा, ‘‘मुख्यमंत्री कुमारस्वामी पिछले आठ महीने में। पहले दो महीने के दौरान सरकार कैसे बनानी है, तीसरे और चौथे महीने में पत्नी की चुनाव जीतने में मदद कैसे करनी है, पांचवें और छठे महीने में पुत्र की फिल्म को कैसे प्रोत्साहित करना है, सातवें और आठवें महीने में पुत्र की संसदीय चुनाव में मांड्या सीट से जीत कैसे सुनिश्चित करनी है।

मुख्यमंत्री की सीट परिवार की कारोबारी जरूरतों को पूरा कर रही है।’’ कुमारस्वामी की पत्नी अनीता रामनगरा से विधायक हैं। रामनगरा सीट उन दो सीटों में से एक है जहां से वह मई 2018 में विधानसभा चुनाव जीते थे। कुमारस्वामी ने रामनगरा सीट छोड़ दी थी और चन्नापाटना सीट रखी थी। निखिल को मांड्या में दिवंगत अभिनेता अंबरीश की पत्नी सुमलता के खिलाफ मैदान में उतारे जाने की उम्मीद है।

सुमलता ने स्पष्ट कर दिया है कि वह मांड्या सीट से चुनाव लड़ेंगी जिसका प्रतिनिधित्व पहले अंबरीश करते थे। हालांकि कांग्रेस ने कहा है कि यह सीट उसके गठबंधन साझेदार जद(एस) को जाएगी। अभी यह स्पष्ट नहीं है कि सुमलता यहां से चुनाव निर्दलीय लडेंगी या बीजेपी से समर्थन लेंगी क्योंकि भाजपा भी वोक्कालिगा गढ़ में अपनी संभावना बढ़ाने के प्रयास में हैं जहां वह फिलहाल कमजोर है।

ऐसे में जब सुमलता को एक मजबूत उम्मीदवार के तौर पर देखा जा रहा है क्योंकि उनके दिवंगत पति क्षेत्र में काफी लोकप्रिय थे, कुमारस्वामी और जद(एस) के लिए यह सीट बरकरार रखना एक प्रतिष्ठा का सवाल है। इसके तहत आने वाली विधानसभा की सभी सात सीटों पर पार्टी का कब्जा है। जद(एस) और देवगौड़ा परिवार को निखिल को मांड्या सीट और एक अन्य पौत्र प्रजवाल को हासन से खड़ा करने की योजनाओं को लेकर सोशल मीडिया पर आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है।