बेंगलुरू : कर्नाटक में सत्तारूढ़ कांग्रेस- जद (एस) गठबंधन समन्वय समिति के अध्यक्ष सिद्धरमैया ने बृहस्पतिवार को कहा कि गठबंधन के सहयोगियों ने लोकसभा चुनाव के लिए सीटों के बंटवारे को लेकर समझौता करने में ‘लेन-देन’ की नीति अपनाई। प्रदेश में कांग्रेस विधायक दल के नेता सिद्धरमैया ने यह भी कहा कि लोकसभा चुनाव के लिए राज्य के पार्टी के प्रत्याशियों की सूची को 16 मार्च तक अंतिम रूप दिये जाने की संभावना है। यह पूछे जाने पर कि सीटों के बंटवारे को लेकर हुए समझौते से क्या कांग्रेस के नेता संतुष्ट हैं तो सिद्धरमैया ने कहा, ‘‘गठबंधन में लेन-देन होता रहता है…।’’ कुछ स्थानों पर पार्टी नेताओं में असंतोष की खबरों के बारे में पूछे जाने पर पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘ये सभी चीजें शुरूआत में होंगी.. टिकटार्थी थोड़े गुस्से में होंगे लेकिन चीजें धीरे-धीरे समान्य हो जाएंगी।

तुमकुर लोकसभा सीट जद (एस) को दिये जाने पर उन्होंने कहा, ‘‘हमने कहा था कि इसे नहीं दिया जाना चाहिये लेकिन यह पार्टी आलाकमान का निर्णय है, हमें उस फैसले को मानना होगा…।’’ गौरतलब है कि प्रदेश कांग्रेस के नेताओं का रुख था कि पार्टी के निर्वतमान सांसदों की कोई भी सीट नहीं दी जानी चाहिये। इसके बावजूद जद (एस) को यह सीट दिया गया।

राज्य में कांग्रेस 20 और जद (एस) आठ लोकसभा सीटों पर चुनाव लड़ेगी। कई सप्ताह के मोल-भाव के बाद प्रदेश में सत्तारूढ़ गठबंधन के दोनों सहयोगियों ने बुधवार को सीटों के बंटवारे को लेकर हुए समझौते की घोषणा की थी। कांग्रेस के एस पी मुद्दाहनुमेगौड़ा इस समय तुमकुर से सांसद हैं और टिकट के आकांक्षी थे। सिद्धरमैया ने बताया कि कांग्रेस 16 मार्च को अपने प्रत्याशियों की सूची को अंतिम रूप देगी।