BREAKING NEWS

हवाई चप्पल वालों को 'हवाई सफर' का वादा देने वाली BJP ने सड़क पर चलना भी किया मुश्किल: प्रियंका ◾बंगाल के युवा भाजपा नेता की गोली मारकर हत्या, शुभेंदु ने TMC पर लगाया आरोप◾कश्मीर में बिहारियों की हत्या पर सियासत गर्म, BJP बोली- घटिया राजनीतिक पत्थरबाज न बने तेजस्वी◾बांग्लादेश में हिन्दुओं पर हमला, हसीना सरकार के खिलाफ है साजिश या फिर अल्पसंख्यकों के लिए नफरत◾केरल में भारी बारिश ने मचाई तबाही, शहर-शहर डूबे, अब तक 26 लोगों ने गंवाई जान ◾महंगाई के मुद्दे पर अखिलेश का हल्लाबोल - गरीबों की जेब काटकर अमीरों की तिजोरियां भर रही है भाजपा◾देश में कोरोना के एक्टिव केस 221 दिनों में सबसे कम, पिछले 24 घंटे में 13596 नए मामलों की पुष्टि ◾लखीमपुर हिंसा के विरोध में प्रदर्शनकारियों का 'रेल रोको' आंदोलन जारी, प्रशासन अलर्ट ◾विश्वभर में जारी है कोरोना का कहर, संक्रमितों का आंकड़ा 24.06 करोड़ पहुंचा, 48.9 लाख से अधिक लोगों की हुई मौत ◾जयशंकर ने भारत में अवसरों पर ध्यान देने के लिए इजराइली कारोबारियों को किया प्रोत्साहित ◾राहुल से मुलाकात कर भी नहीं माने सिद्धू, सोनिया को लिखा 13 सूत्री एजेंडा वाला खत◾आतंकवादी हमले में बिहार के दो लोगों की हत्या पर CM नीतीश ने की चिन्ता व्यक्त, उपराज्यपाल से फोन पर की बात ◾J&K: 'टारगेट किलिंग' के मद्देनजर इमरजेंसी एडवाइजरी जारी, पुलिस-आर्मी कैंप में लाए जाएंगे बाहरी मजदूर ◾सिंघु बॉर्डर लिंचिंग : कोर्ट ने तीन आरोपियों को पुलिस रिमांड पर भेजा, दो एसआईटी कर रही जांच◾ J-K: लगातार दूसरे दिन आतंकियों ने किया गैर-कश्मीरियों पर हमला, कुलगाम में बिहार के दो मजदूरों की हत्या◾UP विधानसभा चुनाव : चंद्रशेखर आजाद बोले- सत्ता में आए तो किसानों को एमएसपी की देंगे गारंटी◾J-K में आतंकी हमलो के बीच केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने की भारत-पाकिस्तान मैच को रद्द करने की मांग◾UP विधानसभा उपाध्यक्ष पद के लिए सपा के उम्मीदवारों ने दाखिल किया नामांकन पत्र, BJP ने नितिन अग्रवाल का किया समर्थन ◾ PM मोदी ने केरल के CM पिनराई विजयन से की बात, भारी बारिश और भूस्खलन पर हुई चर्चा◾गोवा के एक नेता ने मां दुर्गा से की ममता बनर्जी की तुलना, कहा- BJP की 'भस्मासुर' सरकार का करेंगी नाश ◾

CM बिप्लब देब का विवादित बयान, बोले- अदालत की अवमानना से न डरें अधिकारी, पुलिस मेरे नियंत्रण में है

उत्तर-पूर्व के त्रिपुरा राज्य के मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब कई बार अपने बेबाक बयानबाजी के चलते सुर्खियों में रह चुके है। ऐसे में एक बार फिर मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब ने एक ऐसा बयान दिया है, जिससे विवाद की स्थिति बन सकती है। बिप्लब ने सरकारी अधिकारियों से कहा है कि वे अदालत की अवमानना ​​के बारे में चिंता न करें क्योंकि पुलिस उनके नियंत्रण में है और ऐसे में किसी को जेल भेजना आसान नहीं है।
देब ने त्रिपुरा सिविल सर्विस ऑफिसर्स एसोसिएशन के द्विवार्षिक सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा था कि अधिकारियों का एक वर्ग इस तरह अदालत की अवमानना ​​​​का हवाला दे रहा है जैसे कि यह अवमानना कोई बाघ हो, लेकिन वास्तव में ''मैं बाघ हूं।’’ देब की इस टिप्पणी पर विवाद खड़ा हो गया है। विपक्ष ने कहा कि उनके शासन में लोकतंत्र दांव पर है।

पाकिस्तान: ग्वादर में जिन्ना की प्रतिमा को बम से उड़ाया, बलोच ने ली हमले की जिम्मेदारी

मुख्यमंत्री ने शनिवार को रवींद्र भवन में आयोजित कार्यक्रम में कहा, ''आजकल, अधिकारियों का एक वर्ग अदालत की अवमानना ​​से डरता है। वे अदालत की अवमानना ​​का हवाला देते हुए यह कहकर किसी फाइल को नहीं छूते हैं कि परेशानी खड़ी हो जाएगी। अगर मैं ऐसा करता हूं तो मुझे अदालत की अवमानना ​​के लिए जेल भेजा जाएगा।'' उन्होंने कहा, ''समस्या कहां है? अदालत की अवमानना ​​के आरोप में अब तक कितने अधिकारियों को जेल भेजा गया है? मैं यहां हूं, आप में से किसी को भी जेल भेजे जाने से पहले मैं जेल जाऊंगा।''

देब ने कहा कि किसी को जेल भेजना आसान नहीं है क्योंकि इसके लिए पुलिस की जरूरत होती है। देब राज्य के गृह मंत्री भी हैं। उन्होंने तालियों की गड़गड़ाहट के बीच कहा था, ''और, मैं पुलिस को नियंत्रित करता हूं। अधिकारी इस तरह हालात का हवाला दे रहे हैं जैसे कि अदालत की अवमानना ​​​कोई बाघ हो! मैं आप सभी को आश्वस्त करना चाहता हूं कि मैं बाघ हूं। सरकार चलाने वाले पास शक्ति होती है।''

मुख्यमंत्री ने इस मुद्दे पर एक पूर्व मुख्य सचिव के साथ अपने अनुभव का भी जिक्र किया था। उन्होंने मुख्य सचिव का मजाक उड़ाते हुए कहा था, ''हमारे एक मुख्य सचिव ने कहा कि अगर वह सिस्टम से बाहर काम करते है तो उन्हें अदालत की अवमानना ​​के लिए जेल भेजा जाएगा... फिर मैंने उन्हें जाने दिया।'' विपक्षी माकपा ने कहा कि मुख्यमंत्री के बयान से पता चलता है कि वह न्यायपालिका का सम्मान नहीं करते।

माकपा के राज्य सचिव जितेंद्र चौधरी ने कहा, ''यह दर्शाता है कि वह न्यायपालिका का सम्मान नहीं करते, जो लोकतंत्र के महत्वपूर्ण स्तंभों में से एक है। उनके शासन में लोकतंत्र दांव पर है।'' तृणमूल कांग्रेस ने भी देब हमला किया और उच्चतम न्यायालय से उनकी टिप्पणियों पर संज्ञान लेने का आग्रह किया।

टीएमसी महासचिव अभिषेक बनर्जी ने ट्वीट किया, ''बिप्लब देब पूरे देश के लिए एक अपमान हैं! वह बेशर्मी से लोकतंत्र का मज़ाक उड़ाते हैं, माननीय न्यायपालिका का मज़ाक उड़ाते हैं। क्या सर्वोच्च न्यायालय उनकी टिप्पणियों का संज्ञान लेगा?'' इससे पहले उन्होंने यह दावे कर विवाद खड़ा कर दिया था कि ''महाभारत के युग'' के दौरान इंटरनेट मौजूद था। रवींद्रनाथ टैगोर ने अंग्रेजों के विरोध में अपना नोबेल पुरस्कार लौटा दिया था।