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महाराष्ट्र : स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे बोले- राज्य सरकार को मई में मिलेंगे कोविड रोधी 18 लाख टीके

महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने शुक्रवार को कहा कि कोविड-19 रोधी टीका विनिर्माताओं ने राज्य सरकार को बताया है कि राज्य को मई के महीने में कोविड रोधी 18 लाख टीके उपलब्ध कराए जा सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि 18 से 44 साल की आयु तक के लोगों के टीकाकरण के लिए राज्य और निजी अस्पतालों को टीकों के वितरण के बारे में केंद्र की ओर से कोई स्पष्टता नहीं है।

दो दिन पहले, महाराष्ट्र सरकार ने यह स्पष्ट किया था कि 18-44 आयु समूह के लोगों के टीकाकरण के तहत राज्य में मई के पहले दिन ही टीकाकरण नहीं किया जा सकता क्योंकि उसके पास पर्याप्त संख्या में टीके नहीं हैं। वर्तमान में भारत में कोविड रोधी दो टीके-सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया का ‘कोविशील्ड’ और भारत बायोटेक का ‘कोवैक्सीन’ हैं।

टोपे ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘केंद्र सरकार ने घोषणा की है कि वह दोनों विनिर्माताओं से 50 प्रतिशत टीके खरीदेगी। शेष 50 प्रतिशत टीके राज्य, निजी अस्पताल और औद्योगिक निजी अस्पताल खरीदेंगे।’’ उन्होंने कहा कि अगर राज्य सरकार बड़ी संख्या में टीके खरीदने का ऑर्डर दे तो दोनों विनिर्माता किसे आपूर्ति करेंगे, यह एक सवाल है।

उन्होंने कहा, ‘‘यह सवाल भी उठता है कि क्या केंद्र सरकार टीकों के समूचे वितरण को नियमित करने के लिए हस्तक्षेप करेगी। इस बारे में कोई स्पष्टता नहीं है कि कैसे और किस आधार पर सभी राज्यों को टीकों का वितरण किया जाएगा।’’ मंत्री ने कहा कि सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया ने कहा है कि वह मई में 14-15 लाख (कोविशील्ड) टीकों की आपूर्ति कर सकता है, जबकि भारत बायोटेक की ओर से लगभग चार लाख (कोवैक्सीन) टीकों की आपूर्ति होगी।

उन्होंने कहा, ‘‘हमें लगभग 18 लाख टीके मिलेंगे। यदि हम टीका केंद्रों की संख्या सीमित रखें तो हम कोविड-19 टीकाकरण की गति बरकरार रख सकते हैं।’’ टोपे ने 18-44 आयु समूह के लोगों के टीकाकरण के बारे में कहा, ‘‘महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री को वास्तव में लगता है कि राज्य एक मई से टीकाकरण की शुरुआत कर सकता है।

एक मई राज्य का स्थापना दिवस भी है।’’ उन्होंने कहा कि लोगों को पूर्व अनुमति के बाद ही टीकाकरण केंद्र पहुंचना चाहिए। टोपे ने कहा कि प्रत्येक राज्य महामारी के मामलों में वृद्धि का सामना कर रहा है, इसलिए केंद्र को कोई ऐसी नीति बनानी चाहिए जिससे हर राज्य को बराबर मात्रा में टीके मिल सकें।