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बेंगलुरु में PM मोदी का संबोधन, बोले- दुनियाभर में परचम लहरा रहे हैं भारतीय वैज्ञानिक

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आज कर्नाटक दौरे का दूसरा दिन है। उन्होंने ने आज बेंगलुरू में भारतीय विज्ञान कांग्रेस के 107वें सत्र का उद्घाटन करते हुए अपने संबोधन में कहा कि भारतीय वैज्ञानिक दुनियाभर में परचम लहरा रहे हैं। उन्होंने कहा, मुझे बहुत खुशी है कि नए साल और नए दशक की शुरुआत में मेरा पहला कार्यक्रम विज्ञान, तकनीक और अन्वेषण से जुड़ा हुआ है। यह कार्यक्रम बेंगलुरु में हो रहा है जो विज्ञान और अन्वेषण के साथ जुड़ा हुआ शहर है। 

उन्होंने कहा, जब हम वर्ष 2020 की शुरुआत विज्ञान और प्रौद्योगिकी संचालित विकास की सकारात्मकता और आशावाद के साथ करते हैं, तो हम अपने सपने को पूरा करने की दिशा में एक और कदम बढ़ाते हैं। उन्होंने कहा, देश आज विज्ञान के क्षेत्र में आगे बढ़ा है, ये लगातार 10 फीसदी की रफ्तार से बढ़ रहा है जबकि दुनिया की रफ्तार 4 फीसदी ही है। 

इनोवेशन इंडेक्स की रैंकिंग में भारत काफी ऊपर आ गया है, ये रफ्तार ऐसे ही आगे बढ़ती रहनी चाहिए। भारत के विकास की यात्रा विज्ञान के क्षेत्र के हाथ में है, अब जरूरत है कि देश के युवा वैज्ञानिक आम लोगों की भलाई के लिए काम करें। हमारी योजनाओं ने पिछले 50 वर्षों की तुलना में पिछले 5 वर्षों में अधिक प्रौद्योगिकी व्यवसाय इन्क्यूबेटरों का निर्माण किया है। मैं इन उपलब्धियों के लिए हमारे वैज्ञानिकों को बधाई देता हूं। 

प्रधानमंत्री मोदी ने आगे कहा, अंतरिक्ष अन्वेषण में हमारी सफलता अब गहरे समुद्र के नए सीमांत में प्रतिबिंबित होनी चाहिए। हमें पानी, ऊर्जा, भोजन और खनिजों के विशाल समुद्री संसाधनों का पता लगाने, मानचित्र बनाने और जिम्मेदारी से दोहन करने की आवश्यकता है। आज देश में गवर्नेंस के लिए, जितने बड़े पैमाने पर साइंस एंड टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल हो रहा है, उतना पहले कभी नहीं हुआ। कल ही हमारी सरकार ने देश के 6 करोड़ किसानों को एक साथ पीएम किसान सम्मान निधि का पैसा ट्रांसफर करके एक रिकॉर्ड कायम किया है। 

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उन्होंने कहा, प्रौद्योगिकी जल जीवन मिशन की ताकत है। पानी की रीसाइक्लिंग के लिए सस्ती और प्रभावी तकनीक विकसित करना आपकी जिम्मेदारी है। जल प्रशासन आप सभी के लिए एक नया मोर्चा है। पीएम मोदी ने कहा कि देश ने सिंगल यूज़ प्लास्टिक को खत्म करने का संकल्प लिया है, ताकि पशु-पर्यावरण को बचा सकें। वैज्ञानिकों को प्लास्टिक का कोई विकल्प खोजना होगा, ताकि आम इंसान को दिक्कत ना पाए। आप जो समाधान देंगे, उसे लघु उद्योग बाजार में उतार पाएंगे। 

भारत के विकास में खासतौर पर ग्रामीण विकास में टेक्नोलॉजी की उपयोगिता को हमें व्यापक बनाना है। पीएम मोदी ने कहा आनेवाल दशक भारत में साइंस और टेक्नोलॉजी आधारित गवर्नेंस के लिए एक अच्छा समय होने वाला है। उन्होंने कहा, हमें जल्द से जल्द सभी प्रकार के कचरे को धन में बदलना होगा। हम यह सुनिश्चित करने की कोशिश कर रहे हैं कि 2022 तक हम कच्चे तेल के आयात में 10% की कमी करें। 

स्टार्ट-अप के लिए अपार अवसर हैं जो जैव-ईंधन और इथेनॉल उत्पादन में काम करना चाहते हैं। भारत को टिकाऊ और पर्यावरण के अनुकूल परिवहन और ऊर्जा-भंडारण विकल्पों के लिए एक दीर्घकालिक रोडमैप विकसित करना होगा। ग्रिड-प्रबंधन के लिए उत्तरार्द्ध तेजी से महत्वपूर्ण हो गया है क्योंकि हम अपनी ऊर्जा-प्रबंधन आपूर्ति का विस्तार करते हैं।टेक्नोलॉजी सरकार और सामान्य मानवी के बीच का ब्रिज है। टेक्नोलॉजी तेज विकास और सही विकास में संतुलन का काम करती है। यही कारण है कि जब ह्यूमन सेंसिटिविटी और मॉडर्न टेक्नोलॉजी का कोआर्डिनेशन बढ़ता है तो अभूतपूर्व परिणाम मिलते हैं।