चमोली में रेस्क्यू ऑपरेशन जारी, अब तक 14 लोगों की मौत, 150 से अधिक अब भी लापता

Summary :

नंदा देवी ग्लेशियर का एक हिस्सा टूटने के कारण उत्तराखंड के चमोली जिले के जोशीमठ में आयी बाढ़ के बाद कार्यों में सहयोग के लिए अन्य एजेंसियों के साथ सेना और भारतीय वायुसेना की टीमों के द्वारा राहत एवं बचाव कार्य जारी है।

नंदा देवी ग्लेशियर का एक हिस्सा टूटने के कारण उत्तराखंड के चमोली जिले के जोशीमठ में आयी बाढ़ के बाद कार्यों में सहयोग के लिए अन्य एजेंसियों के साथ सेना और भारतीय वायुसेना की टीमों के द्वारा राहत एवं बचाव कार्य जारी है। इस सैलाब में कई लोग बह गए, जिनमें से 14 के शव बरामद कर लिए गए हैं और 150 से ज्यादा मजदूर लापता हैं। 
गंगा की सहायक नदियों-धौली गंगा, ऋषि गंगा और अलकनंदा में बाढ़ से उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में दहशत फैल गयी और बड़े पैमाने पर तबाही हुई। एनटीपीसी की तपोवन-विष्णुगाड पनबिजली परियोजना और ऋषिगंगा परियोजना पनबिजली परियोजना को बड़ा नुकसान हुआ तथा उनके कई श्रमिक सुरंग में फंस गये। तपोवन परियोजना की एक सुरंग में फंसे सभी 16 मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है जबकि लगभग 150 से अधिक भी लापता है। बाढ़ के रास्ते मे आने वाले मकान बह गये। निचले हिस्सों में मानव बस्तियों को नुकसान पहुंचने की आशंका हैं। कई गांव खाली करा लिये गये हैं और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। 
शाम तक यह मान लिया गया था कि निचले क्षेत्र सुरक्षित हैं और केंद्रीय जल आयेाग ने कहा कि समीप के गांवों को खतरा नहीं है लेकिन धौली गंगा नदी का जलस्तर रविवार की रात एक बार फिर बढ़ गया। इसके चलते आसपास के इलाकों में रहने वाले लोगों में घबराहट पैदा हो गई। 
रविवार रात करीब आठ बजे अचानक धौली गंगा का जलस्तर बढ़ जाने के चलते अधिकारियों को एक परियोजना क्षेत्र में जारी राहत एवं बचाव कार्य को कुछ समय के लिए रोकना पड़ा। परियोजना के महाप्रबंधक (जीएम) ने कहा कि जलविद्युत परियोजना क्षेत्र की एक सुरंग में श्रमिकों एवं अन्य कर्मचारियों समेत करीब 30-35 फंसे लोगों को बचाने का अभियान सोमवार की सुबह फिर से शुरू किया जाएगा। 

Desk Team