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ममता बनर्जी को झटका, कलकत्ता HC के आदेश पर चुनाव बाद हिंसा की जांच के लिए NHRC ने समिति गठित की

कलकत्ता हाई कोर्ट के आदेश के बाद राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने पश्चिम बंगाल में चुनाव के बाद हुई हिंसा के मामलों की जांच के लिए एक समिति गठित की है। समिति के गठन का विरोध कर रहीं बंगाल की सीएम ममता बनर्जी के लिए इसे करारा झटका माना जा रहा है।

पश्चिम बंगाल में मार्च-अप्रैल में कई चरणों में हुए चुनाव के बाद वहां हिंसा भड़क उठी थी। मानवाधिकार आयोग ने सोमवार को बयान जारी कर कहा कि इसके अध्यक्ष न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) अरूण मिश्रा ने एक समिति का गठन किया है जो ‘‘पश्चिम बंगाल में चुनाव बाद हिंसा की शिकायतों पर कलकत्ता हाई कोर्ट के आदेशों के मुताबिक जांच करेगी।’’

इससे पहले कलकत्ता हाई कोर्ट ने पश्चिम बंगाल सरकार की एक याचिका खारिज कर दी जिसमें इसने मानवाधिकार आयोग से कथित मानवाधिकार उल्लंघन की घटनाओं और चुनाव बाद की हिंसा की जांच के सभी मामले वापस लेने का आग्रह किया था। समिति के अध्यक्ष मानवाधिकार आयोग के सदस्य राजीव जैन होंगे।

अधिकारियों ने बताया कि यह उन मामलों की जांच करेगी जो एनएचआरसी के समक्ष आई है या जिस बारे में आयोग से शिकायत की जाएगी।

एनएचआरसी ने बयान जारी कर कहा कि समिति के सदस्यों में राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के उपाध्यक्ष आतिफ रशीद, राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य राजूलबेन एल. देसाई, एनएचआरसी के महानिदेशक (जांच) संतोष मेहरा, पश्चिम बंगाल राज्य मानवाधिकार आयोग के रजिस्ट्रार प्रदीप कुमार पंजा, पश्चिम बंगाल राज्य कानूनी सेवाएं प्राधिकरण के सदस्य सचिव राजू मुखर्जी और एनएचआरसी के डीआईजी (जांच) मंजिल सैनी शामिल होंगे।