राष्ट्रीय हरित अधिकरण ने पंजाब के रूपनगर जिले में जारी अवैध रेत खनन को रोकने और इसमें शामिल अधिकारियों के खिलाफ तीन महीने के भीतर कार्रवाई करने का पंजाब सरकार को निर्देश दिया है ।

अधिकरण के अध्यक्ष आदर्श कुमार गोयल की अगुवाई वाली पीठ ने प्रदेश में जारी अवैध खनन पर चिंता जाहिर करते हुए पंजाब सरकार के मुख्य सचिव को इस मामले में अधिकरण के आदेश की अनुपालन रिपोर्ट के साथ सात मार्च को पेश होने के आदेश दिये।

अधिकरण ने राज्य सरकार को रूपनगर जिले के हर्षबेला, स्वढ़ा एवं बैहारा गांव से रेत के अवैध निष्कर्षण एवं परिवहन को रोकने, इसका उल्लंघन करने वालों से मुआवजा वसूलने एवं इसकी ढुलाई में इस्तेमाल होने वाले वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया है ।

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अधिकरण ने राज्य सरकार को अवैध खनन को लेकर एक समिति गठित करने का निर्देश दिया है। समित अ‍वैध खनन से हुए नुकसान की वसूली को लेकर आकलन करेगी।

पीठ ने कहा, ‘‘ हर्जाना वसूली की व्यवस्था ऐसी बनायी जानी चाहिए कि ताकि अवैध खनन निष्फल हो जाए । अवैध ढुलाई में इस्तेमाल किये जा रहे वाहनों को नये वाहनो की शोरूम कीमत की 50 फीसदी रकम के बराबर जुर्माना वसूलने के बाद ही छोड़ा जाना चाहिए। क्षति में न केवल अवैध खनन किये गए पदार्थ की कीमत बल्कि इसमें पर्यावरण को हुए नुकसान को भी शामिल किया जाना चाहिए ।’’

अधिकरण का यह निर्देश केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, खनन निदेशक और राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों वाली एक समिति की रिपोर्ट के बाद आया।

समिति ने एनजीटी को सौंपी अपनी रिपोर्ट में कहा कि खनन अवैज्ञानिक तरीके से और जिस गहराई तक खनन की अनुमति दी गयी है उससे अधिक गहराई तक किया जा रहा है।