भारत करतारपुर साहिब गलियारे को खोलने के खातिर समझौते को अंतिम रूप देने के लिए पाकिस्तान को एक मसौदा भेजेगा। इस गलियारे से पाकिस्तान में स्थित ऐतिहासिक गुरुद्वारा दरबार साहिब जाने के लिए सिख तर्थयात्रियों को सहूलियत होगी।

अधिकारियों ने बताया कि यह निर्णय उच्च स्तरीय बैठक में लिया गया है। यह बैठक इस पर बात पर चर्चा करने के लिए बुलाई गई थी कि करतारपुर परियोजना को तेजी से कैसे लागू किया जाए।

इस बैठक की अध्यक्षता गृह सचिव राजीव गोबा ने की थी, जिसमें पाकिस्तान में भारतीय उच्चायुक्त अजय बिसारिया, पंजाब के मुख्य सचिव करण अवतार सिंह और अन्य ने शिरकत की।

पंजाब , हरियाणा कोहरे और ठंड की चपेट में 

करतारपुर, पाकिस्तान के पंजाब में नरोवाल जिले के शकरगढ़ में स्थित है। सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानक देव जी ने अपनी जिदंगी के 18 साल वहां बिताए थे। करतारपुर रावी नदी के तट पर स्थित है जो पाकिस्तान की सरहद से सिर्फ कुछ किलोमीटर दूर है।

पंजाब के मुख्य सचिव करण अवतार सिंह ने घंटों चली बैठक के बाद बताया, ‘‘ भारत एक महीने के अंदर उस समझौते का मसौदा पाकिस्तान को भेजेगा जिस पर करतारपुर गलियारे के लिए हस्ताक्षर होने हैं। हमें उम्मीद है कि प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।’’

गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि भारत करतारपुर गलियारा खोलने के लिए ‘ज़ीरो प्वाइंट’ के निर्देशांक के बारे में पाकिस्तान को बता चुका है। बैठक में राजमार्ग और एकीकृत जांच चौकी (आईसीपी) के लिए भूमि अधिग्रहण के मुद्दे पर भी चर्चा की गई।

अधिकारी ने कहा कि पंजाब सरकार ने आश्वस्त किया है कि दोनों परियोजनाओं के लिए मार्च मध्य तक भूमि मुहैया करा दी जाएगी।