BREAKING NEWS

गृह मंत्री अमित शाह दो दिन के राजस्थान दौरे पर जाएंगे, BSF जवानों की करेंगे हौसला अफजाई◾पंजाबः AAP नेता चड्ढा ने सभी राजनीतिक दलों पर लगाया आरोप, कहा- विधानसभा चुनाव में केजरीवाल बनाम सभी पार्टी होगा◾'ओमिक्रॉन' के बढ़ते खतरे के बीच क्या भारत में लगेगी बूस्टर डोज! सरकार ने दिया ये जवाब ◾2021 में पेट्रोल-डीजल से मिलने वाला उत्पाद शुल्क कलेक्शन हुआ दोगुना, सरकार ने राज्यसभा में दी जानकारी ◾केंद्र सरकार ने MSP समेत दूसरे मुद्दों पर बातचीत के लिए SKM से मांगे प्रतिनिधियों के 5 नाम◾क्या कमर तोड़ महंगाई से अब मिलेगाी निजात? दूसरी तिमाही में 8.4% रही GDP ग्रोथ ◾उमर अब्दुल्ला का BJP पर आरोप, बोले- सरकार ने NC की कमजोरी का फायदा उठाकर J&K से धारा 370 हटाई◾LAC पर तैनात किए गए 4 इजरायली हेरॉन ड्रोन, अब चीन की हर हरकत पर होगी भारतीय सेना की नजर ◾Omicron वेरिएंट को लेकर दिल्ली सरकार हुई सतर्क, सीएम केजरीवाल ने बताई कितनी है तैयारी◾NIA की हिरासत मेरे जीवन का सबसे ‘दर्दनाक समय’, मैं अब भी सदमे में हूं : सचिन वाजे ◾भाजपा की चिंता बढ़ा सकता है ममता का मुंबई दौरा, शरद पवार संग बैठक के अलावा ये है दीदी का प्लान ◾ओमीक्रोन के बढ़ते खतरे पर गृह मंत्रालय का एक्शन - कोविड प्रोटोकॉल गाइडलाइन्स 31 दिसंबर तक बढा़ई ◾निलंबन वापसी पर केंद्र करेगी विपक्ष से बात, विधायी कामकाज कल तक टालने का रखा गया प्रस्ताव, जानें वजह ◾राहुल के ट्वीट पर पीयूष गोयल ने निशाना साधते हुए पूछा तीखा सवाल, खड़गे द्वारा लगाए गए आरोपों की कड़ी निंदा की ◾कश्मीर में सामान्य स्थिति लाने के लिए बहाल करनी होगी धारा 370 : फारूक अब्दुल्ला◾स्वास्थ्य मंत्री मंडाविया ने बताया - भारत में अब तक ओमिक्रॉन वेरिएंट का कोई मामला नहीं मिला◾मप्र में शिवराज सरकार के लिए मुसीबत का सबब बने भाजपा के लिए नेताओं के विवादित बयान ◾UP: विधानसभा Election को सियासी धार देने के लिए BJP करेगी छह चुनावी यात्राएं, ये वरिष्ठ नेता होंगे सम्मिलित ◾UP चुनाव को लेकर मायावती खेल रही जातिवाद का दांव, BJP पर लगाए मुसलमानों के उत्पीड़न जैसे कई आरोप ◾12 सांसदों के निलंबन पर राहुल का ट्वीट, 'किस बात की माफी, संसद में जनता की बात उठाने की' ◾

किसान पराली से न केवल कमाई की आशा कर सकते हैं बल्कि हाइड्रोजन के उत्पादन में भी मदद कर सकते है

मानसून की वापसी की आधिकारिक तौर पर उलटी गिनती शुरू होने के साथ ही खराब वायु गुणवत्ता वाले दिनों की आशंका शुरू हो गई है। प्रदूषण का कारण बनने वाले कई स्रोतों में पंजाब और हरियाणा के किसानों द्वारा 'पराली' (पराली जलाना) है। अब, किसान इस कृषि-कचरे से न केवल कमाई करने की आशा कर सकते हैं, बल्कि हाइड्रोजन के उत्पादन में भी मदद कर सकते हैं। पुणे के शोधकर्ताओं ने कृषि अवशेषों से हाइड्रोजन के सीधे उत्पादन के लिए एक अनूठी तकनीक विकसित की है। 

 हाइड्रोजन ईंधन-सेल इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा

यह नवाचार हाइड्रोजन उपलब्धता की चुनौती पर काबू पाकर पर्यावरण के अनुकूल हाइड्रोजन ईंधन-सेल इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा दे सकता है। भारत ने अपने राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित योगदान (एनडीसी) के हिस्से के रूप में विश्व समुदाय से जिन कई कदमों का वादा किया है, उनमें से वैश्विक तापमान वृद्धि को प्रतिबंधित करने के लिए कार्बन उत्सर्जन को सीमित करने के लिए की जाने वाली कार्रवाई में भारत ने 2030 तक 450 गीगावाट अक्षय ऊर्जा का लक्ष्य निर्धारित किया है।

हर जगह शोधकर्ता अक्षय ऊर्जा समाधान की दिशा में काम कर रहे हैं, जो सीमित कार्बन पदचिह्न् के साथ टिकाऊ होना चाहिए। इसे प्राप्त करने के सबसे किफायती तरीकों में से एक सस्ते, प्रचुर मात्रा में और नवीकरणीय स्रोत से हाइड्रोजन का उत्पादन करना है। कृषि अपशिष्ट, जिसे निपटान के लिए एक बड़ी चुनौती का सामना करना पड़ता है, हाइड्रोजन उत्पादन के स्रोतों में से एक हो सकता है और यह ऊर्जा उत्पादन और अपशिष्ट निपटान की दोहरी समस्या को हल कर सकता है।

माइक्रोबियल कंसोर्टियम का उपयोग

भारत सरकार के विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) के एक स्वायत्त संस्थान, अघरकर अनुसंधान संस्थान (एआरआई), पुणे के शोधकर्ताओं की एक टीम ने केपीआईटी टेक्नोलॉजीज के सेंटिएंट लैब्स के सहयोग से प्रयोगशाला स्तर पर प्रौद्योगिकी विकसित की है। एआरआई के निदेशक डॉ प्रशांत ढाकेफलकर ने कहा, "हमारी तकनीक आज इस्तेमाल की जाने वाली पारंपरिक अवायवीय पाचन प्रक्रियाओं की तुलना में 25 प्रतिशत अधिक कुशल है। दो चरणों की प्रक्रिया बायोमास के पूर्व-उपचार को समाप्त करती है। इस प्रकार प्रक्रिया को किफायती और पर्यावरण के अनुकूल बनाती है। 

यह प्रक्रिया एक पाचन उत्पन्न करती है जो समृद्ध है पोषक तत्व, जिनका उपयोग जैविक उर्वरक के रूप में किया जा सकता है।" प्रौद्योगिकी के डेवलपर्स ने समझाया कि हाइड्रोजन ईंधन उत्पादन प्रक्रिया में एक विशेष रूप से विकसित माइक्रोबियल कंसोर्टियम का उपयोग शामिल है जो सेल्यूलोज के बायोडिग्रेडेशन की सुविधा प्रदान करता है और हेमिकेलुलोज-समृद्ध कृषि अवशेष, जैसे कि धान, गेहूं, या मक्का के बायोमास, बिना थर्मो-केमिकलया एंजाइमी पूर्व उपचार करना है। डेवलपर्स ने कहा, "प्रक्रिया पहले चरण में हाइड्रोजन और दूसरे में मीथेन उत्पन्न करती है। इस प्रक्रिया में उत्पन्न मीथेन का उपयोग अतिरिक्त हाइड्रोजन उत्पन्न करने के लिए भी किया जा सकता है।

अनुपयोगी कृषि अवशेषों से हाइड्रोजन पैदा

सेंटिएंट लैब्स के अध्यक्ष रवि पंडित ने कहा, "अनुपयोगी कृषि अवशेषों से हाइड्रोजन पैदा करने की यह सफलता हमें ऊर्जा संसाधनों पर आत्मनिर्भर बनने में मदद करेगी। इससे किसान समुदाय को राजस्व का एक बड़ा प्रवाह भी मिलेगा।"

विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय की ओर से गुरुवार को जारी एक विज्ञप्ति में कहा गया है कि वैज्ञानिकों, महाराष्ट्र एसोसिएशन फॉर कल्टीवेशन ऑफ साइंस (एमएसीएस-एआरआई) के डॉ एसएस डागर और प्रणव क्षीरसागर और केपीआईटी-सेंटिएंट के कौस्तुभ पाठक ने इस प्रक्रिया के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। साथ ही, आईपीआर की सुरक्षा के लिए एक भारतीय पेटेंट आवेदन दायर किया गया है।