BREAKING NEWS

खट्टर ने केजरीवाल को लिया आड़े हाथ, कहा- जैन को नहीं हटाया तो... कोर्ट या फिर लोग हटा देंगे◾सांप्रदायिक आधार पर प्रचार कर रही BJP, देश को आगे ले जाने का नहीं है कोई विजन : खड़गे◾दहशत में राष्ट्रीय राजधानी, स्कूल को ईमेल से मिली बम की धमकी, जांच में जुटा प्रशासन ◾गोवा में ड्रग्स का कहर, भाजपा विधायक बोले- राज्य में नए तस्कर आ रहे हैं ◾गहलोत द्वारा पायलट को 'गद्दार' कहे जाने पर बोले राहुल-दोनों नेता कांग्रेस की संपत्ति◾पांडव नगर हत्याकांड : खून बहने के लिए गला काटकर छोड़ा शव, फिर किए 10 टुकड़े◾पश्चिम बंगाल : CM ममता बनर्जी कर सकती हैं दो नए जिलों की आधिकारिक घोषणा ◾Vijay Hazare Trophy: रुतुराज गायकवाड़ का धमाल, एक ओवर में सात छक्के जड़कर बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड◾CM अरविंद केजरीवाल ने किया दावा, कहा- गुजरात में मिल रहा है महिलाओं और युवाओं का भारी समर्थन ◾इस्लामिक कट्टरपंथियों का एजेंडा बेनकाब, महिला के जबरन धर्मांतरण की कोशिश के आरोप में 3 लोगों पर केस दर्ज◾Gujarat Polls: भाजपा को झटका! पूर्व मंत्री जयनारायण व्यास ने थामा कांग्रेस का दामन ◾चीन : राष्ट्रपति शी जिनपिंग की जीरो-कोविड नीति को लेकर हिंसक हुआ विरोध प्रदर्शन, 'आजादी-आजादी' के लगे नारे ◾Border dispute: सीएम बोम्मई जाएंगे दिल्ली, महाराष्ट्र सीमा विवाद पर नड्डा, शीर्ष अधिवक्ता से करेंगे मुलाकात◾गुजरात : कांग्रेस खेमे में गए BJP के पूर्व मंत्री, टिकट कटने से नाराज जयनारायण व्यास ने छोड़ी पार्टी◾लोकप्रिय लेखक चेतन भगत को आपत्तिजनक टिप्पणी के बाद उर्फी जावेद ने लिया निशाने पर◾दिल्ली : मां-बेटे ने पिता की हत्या कर फ्रिज में रखा शव, नाले और रामलीला मैदान में फेंके टुकड़े◾मोतियाबिंद के ऑपरेशन के बाद चली गई लोगों की आंखों की रोशनी, प्रशासन ने नेत्र शिविरों पर लगाई रोक◾कांग्रेस अध्यक्ष का PM मोदी पर हमला, कहा-‘लोग आपकी चाय तो पीते हैं, मेरी तो पीते ही नहीं’◾इटावा रेलवे स्टेशन पर उस वक़्त चौंक गए यात्री जब माइक से गूंजा 'डिंपल भाभी जिंदाबाद' का नारा◾FIFA विश्व कप में मोरक्को की जीत के बाद बेल्जियम और नीदरलैंड में भड़के दंगे, जगह-जगह हुई आगजनी ◾

पंथ विरोधी शक्तियों के हाथों में खेल रहे एसजीपीसी के पूर्व मुख्य सचिव- लोंगोवाल

लुधियाना-अमृतसर : सिखों की सर्वोच्च संस्था को अलग-अलग सिख जत्थेबंदियों और अलग-अलग संगठनों द्वारा अलग-अलग मुददों पर दी जा रही चुनोतियों के मध्यनजर एसजीपीसी के अध्यक्ष जत्थेदार भाई गोबिद सिंह लोंगोवाल ने प्रैस विज्ञप्ति के जरिए स्पष्ट कि या कि कुर्बानियों के साथ स्थापित शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) को 100 वर्ष पूरे होने जा रहे हैं परंतु कुछ अपने ही लोग इसे बदनाम करने की कोशिशें कर रहे हैं। एसजीपीसी के पूर्व मुख्य सचिव हरचरण सिंह की ओर से एसजीपीसी की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करना हरचरण सिंह के दोगले चेहरे को बयां करता है।

एसजीपीसी के अध्यक्ष गोबिद सिह लोंगोवाल, वरिष्ठ उपाध्यक्ष रजिदर सिंह मेहता व महासचिव हरजिदर सिंह धामी ने कहा कि हरचरण सिंह खुद एसजीपीसी के मुख्य सचिव रहे हैं। उस वक्त उन्होंने एसजीपीसी के हर फैसले पर सहमति देते हुए फाइलें आगे भेजीं। अगर उनकी ओर से लगाए गए आरोपों में कोई सच्चाई है तो उन्होंने अपने पद पर रहते हुए फाइलों को पास करने के लिए हस्ताक्षर क्यों किए। हर प्रस्ताव पर हरचरण सिंह ने हस्ताक्षर किए हैं।

वर्ष 2015 में राम रहीम की माफी के लिए पास किए प्रस्ताव पर भी हरचरण सिंह ने हस्ताक्षर किए हैं तथा हर तरह की सुविधाएं हासिल कीं। संस्थान में इसने 23 महीने के दौरान 84 लाख रुपये वेतन व अन्य भत्ते हासिल किए।

 हरचरण सिंह ने अपनी नियुक्ति के खिलाफ कोर्ट केस में वकील की फीस के नाम पर दो लाख 50 हजार रुपये अपने खाते में जमा करवाए। वर्ष 2008-09 में संस्थान के कंप्यूटरीकरण के लिए 28 लाख 98 हजार 700 रुपये अपनी कंपनी डी लाइट के नाम पर वसूले और एसजीपीसी का खजाना कथित रूप में लूटा। वह आज विरोधियों के हाथों में खेल रहा है।

एसजीपीसी के पदाधिकारियों ने कहा कि श्री गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व पर विज्ञापन देकर पंडाल लगाने संबंधी टेंडर मांगे गए थे। जिस संबंधी पहुंचे टेंडरों में से सब कमेटी ने शो-क्राफ्ट प्राईवेट लिमिटेड कंपनी नई दिल्ली का टेंडर स्वीकार किया। जिस के तहत पंडाल के लिए 2 करोड़ 72 लाख 82 हजार 925 रुपये और गेट पर 32 लाख 3 हजार 487 रुपये इस कंपनी को संस्थान की ओर से अदा किए गए।

इसके अलावा जोड़ा घरों, गठरी घर, बाथरूम, एलईडी लाईट, लाइट एंड साउंड व लेजर शो, ड्रोन शो आदि पर भी पैसे खर्च किए गए। उन्होंने कहा कि एसएस कोहली एंड एसोसिएट्स चंडीगढ़ की फर्म के प्रति फीस को लेकर भी गलत प्रचार किया जा रहा है। फर्म को बाकायदा वर्ष 2010 में विज्ञापन देकर टेंडर करके गुरुद्वारा साहिब 85 का ऑडिट व बाद में स्कूलों व कॉलेजों का काम अलाट किया गया। कम रेट वाली फर्मों को ही टेंडर दिए गए थे। इस संबंध में पूर्व मुख्य सचिव हरचरण सिंह से संपर्क किया गया परंतु उन्होंने फोन नही उठाया।

- सुनीलराय कामरेड