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अमृतसर में शिअद नेता की गोली मारकर हत्या, पार्टी ने लगाया कांग्रेस पर आरोप, सीबीआई जांच की मांग

शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के एक स्थानीय नेता की तीन मोटरसाइकिल सवार हमलावरों ने यहां उमरपुरा गाँव में गोली मारकर हत्या कर दी।

शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के एक स्थानीय नेता की तीन मोटरसाइकिल सवार हमलावरों ने यहां उमरपुरा गाँव में गोली मारकर हत्या कर दी। 
विपक्षी दल ने इसे ‘राजनीति से प्रेरित हत्या’ बताते हुए सत्ताधारी कांग्रेस पर आरोप लगाया है। 
पचास वर्षीय गुरदीप सिंह की बुधवार को हुई हत्या राज्य में नवंबर के बाद दूसरी ऐसी घटना है। नवंबर में गुरदासपुर में शिअद नेता दलबीर सिंह ढिलवां की हत्या हुई थी। 
पुलिस ने बताया कि गुरदीप गुरुद्वारे में प्रार्थना करने के बाद बाहर आ रहे थे जब गोली मार कर उनकी हत्या कर दी गयी। दिवंगत गुरदीप की पत्नी ग्राम प्रधान हैं। 
गुरदीप को अकाली दल के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया का करीबी माना जाता है। मजीठिया ने गुरदीप की हत्या का आरोप जग्गू भगवानपुरिया गिरोह पर लगाते हुए सीबीआई जांच की मांग की है। 
उन्होंने चंडीगढ़ में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा, “यह कांग्रेस के इशारे पर राजनीति से प्रेरित हत्या है।” 
पुलिस ने कहा कि गुरदीप के शरीर में पांच गोलियां दागने के बाद हमलावर भागने में कामयाब रहे। गुरदीप की मौके पर ही मौत हो गयी। 
पुलिस ने यह भी कहा कि उन्होंने हत्या के संबंध में पांच लोगों पर मामला दर्ज किया है जिसमें पिता-पुत्र निर्मल सिंह और हरमनजीत सिंह शामिल हैं। पुलिस ने कहा कि पुलिस को कई आपराधिक मामलों में हरमनजीत की तलाश है। 
थानाध्यक्ष तरसेम सिंह ने कहा कि आरोपियों को पकड़ने के लिए छापेमारी की जा रही है और आसपास के क्षेत्रों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। 
चंडीगढ़ में संवाददाता सम्मेलन में पूर्व मंत्री दलजीत सिंह चीमा के साथ आए मजीठिया ने कहा कि गुरदीप उनके बेहद करीबी थे और उन्होंने लंबे समय तक पार्टी की सेवा की। 
मजीठिया ने यह भी दावा किया कि गुरदीप को पंजाब में “मंत्री-गैंगस्टर गिरोह” के खिलाफ आवाज उठाने के लिए मौत की धमकियाँ मिलती थीं। 
मजीठिया ने कहा, “बाबा गुरदीप सिंह की हत्या उसी प्रकार की गयी है जैसे पूर्व अकाली सरपंच दलबीर ढिलवां की हत्या की गयी थी। (इस हत्या से) मुझे यह संदेश देने की कोशिश की गयी है कि अगर मैं ढिलवां को न्याय दिलाने के लिए आवाज उठाना बंद नहीं करूँगा तो मेरे करीबी राजनीतिक सहयोगियों को निशाना बनाया जाएगा।” 
अकाली नेता ने कहा कि उन्होंने नवंबर में पंजाब के पुलिस महानिदेशक से जग्गू भगवानपुरिया गिरोह के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा था लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गयी। 

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