लुधियाना-अमृतसर : पंजाब की पूर्व मंत्री व शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की पूर्व अध्यक्ष और शिरोमणि कमेटी महिला अकाली दल की प्रधान बीबी जागीर कौर अपनी बेटी की हत्या की साजिश रचाने के मामले में अदालत द्वारा बरी हो जाने के पश्चात आज सचखंड श्री हरिमंदिर साहिब में अकाल पुरख का शुक्राना करने के लिए राहत पहुंची।

इस अवसर पर शिरोमणि कमेटी के मुख्य सचिव डॉ रूप सिंह, सचिव दलजीत सिंह बेदी, बलजिंद्र सिंह जोड़ा, मेनेजर श्री दरबार साहिब सरदार जसविंद्र सिंह दीनपुर और शिरोमणि कमेटी द्वारा बीबी जगीर कौर को सूचना केंद्र में गुरू घर की बख्शीश सिरौपा देकर सम्मानित किया गया।

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इस अवसर पर बीबी जगीर कौर ने कहा कि उनका भारतीय न्याय प्रणाली में पूरा भरोसा है और आखिरी सच की जीत हुई। उन्होंने कहा कि यह एक साजिश थी परंतु न्याय प्रणाली पर उन्हें विश्वास था। भविष्य में होने वाले चुनाव लडऩे के बारे में बीबी जगीर कौर ने कहा कि यह फैसला पार्टी ने लेना है और वह पार्टी के हर फैसले को सिर मत्थे परवान करेंगी कि सरगर्म सियासत से उन्होंने कभी मुंह नहीं मोड़ा। वह सियासत में सरगर्म रहेंगी।

प्राप्त जानकारी के मुताबिक बेटी हरप्रीत कौर को कथित तौर पर अगवा करके गर्भपात करवाने के मामले में सीबीआई कोर्ट द्वारा दोषी करार दी गई शिरोमणि कमेटी की पूर्व प्रधान बीबी जगीर कौर के लिए आज का दिन काफी राहत भरा था। पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने मंगलवार को इस मामले में फैसला सुनाया और उनको दोषमुक्त कर दिया।

अदालत ने उनको सीबीआइ अदालत द्वारा सुनाई गई पांच साल की कैद की सजा भी खारिज कर दी। बीबी जगीर कौर ने सीबीआई के फैसले को चुनौती देते स्वयं को बेकसूर बताते हुए सजा खत्म करने की मांग की थी और सीबीआई ने 4 साल की घोषित सजा में बढ़ौतरी किए जाने की मांग करते हुए कहा था कि निचली अदालत ने कई महत्वपूर्ण पहलुओं को अनदेखी किया है।

दोनों की दलीलें सुनने के बाद दायर अपीलों पर 26 अक्टूबर को हाईकोर्ट के जस्टिस ए बी चौधरी और जस्टिस कुलदीप सिंह ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था और आज बीबी को बरी कर दिया गया।

– सुनीलराय कामरेड