राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे ने कहा है कि विकास की गाड़ इन साढे चार सालों में पटरी पर आई है और विकास की तेज दौड़ती इस गाड़ी को पटरी पर से नहीं उतारे ताकि प्रदेश भी गुजरात, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ की तरह विकास की दौड़ में आगे निकल सके।

श्रीमती राजे आज कोटा एवं बारां जिले में मांगरोल, इटावा, दीगोद एवं ताथेड़ में जनसभाओं को संबोधित कर रही थीं। उन्होंने कहा कि राजस्थान को प्रगति के नये दौर में ले जाने के लिए आमजन का साथ बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता के साथ मिलकर सरकार कड़ मेहनत करके राजस्थान को देश का अग्रणी प्रदेश बनाने में कोई कसर नहीं छोड़गी। उन्होंने कहा कि सरकार के पास विकास के लिए पैसे की कोई कमी नहीं है।

CAG ने खोली राजस्थान सरकार की पोल, नौकरी पाने वाले की ये है सच्चाई…

उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार में विकास नहीं रूकता क्योंकि हम जनता के विश्वास पर खरा उतरने का काम करते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने महिलाओं की उन्नति और सामाजिक सुरक्षा के लिए कई कदम उठाये हैं। सरकार ने बालिका के जन्म से लेकर उसकी पढ़ई, जीवन-यापन, परिवार के पालन-पोषण और पेंशन तक की व्यवस्था कर दी है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार में महिलाएं पूरी तरह सुरक्षित हैं। बच्चियों से दुष्कर्म करने वालों के खिलाफ फांसी की सख्त सजा का प्रावधान किया गया है। अब तक तीन मामलों में बलात्कार के आरोपियों को फांसी की सजा सुनाई भी जा चुकी है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने आगामी 31 मार्च तक प्रदेश के सुदूर क्षेत्रों सहित हर घर को रोशन करने का लक्ष्य तय किया है। आज प्रदेश में घरेलू बिजली कनेक्शन मात्र 500 रूपये में उपलब्ध कराया जा रहा है तथा बीते पांच सालों में राज्य सरकार ने कृषि-बिजली की प्रति यूनिट दरों में भी कोई बढ़तरी नहीं की है।

श्रीमती राजे ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द, मोदी की संवेदनशील सरकार ने फसलों को नुकसान होने पर मुआवजे के लिए खराबे की सीमा 50 प्रतिशत से घटाकर 33 प्रतिशत कर दी है जिसके कारण प्रदेश में तीन हजार करोड़ रूपये का मुआवजा वितरित किया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने भी किसानों को राहत देने के लिए पहली बार 50 हजार रूपये तक के फसली ऋण माफ किये हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने नि:शुल्क दवा योजना के लिए 500 करोड़ रूपये के साथ-साथ भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत निशुल्क इलाज के लिए 2100 करोड़ रूपये की राशि के दावों का भुगतान किया है। इस योजना के माध्यम से गरीब परिवारों को प्रदेश के बड़ निजी अस्पतालों में नि:शुल्क इलाज का लाभ मिल रहा है।