BREAKING NEWS

चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने कहा- भविष्य में युद्ध जीतने के लिए नई प्रतिभाओं की भर्ती की जरूरत◾शशि थरूर की महिला सांसदों सग सेल्फी हुई वायरल, कैप्शन लिखा- कौन कहता है लोकसभा आकर्षक जगह नहीं?◾ओवैसी बोले- CAA को भी रद्द करे मोदी सरकार..पलटवार करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा- इनको कोई गंभीरता से नहीं लेता◾ 'ओमीक्रोन' के बढ़ते खतरे के चलते जापान ने विदेशी यात्रियों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की◾IND VS NZ के बीच पहला टेस्ट मैच हुआ ड्रा, आखिरी विकेट नहीं ले पाई टीम इंडिया ◾विपक्ष को दिया बड़ा झटका, एक साथ किया इतने सारे सांसदों को राज्यसभा से निलंबित◾तीन कृषि कानून: सदन में बिल पास कराने से लेकर वापसी तक, जानिये कैसा रहा सरकार और किसानों का गतिरोध◾कृषि कानूनों की वापसी पर राहुल का केंद्र पर हमला, बोले- चर्चा से डरती है सरकार, जानती है कि उनसे गलती हुई ◾नरेंद्र तोमर ने कांग्रेस पर लगाया दोहरा रुख अपनाने का आरोप, कहा- किसानों की भलाई के लिए थे कृषि कानून ◾ तेलंगाना में कोविड़-19 ने फिर दी दस्तक, एक स्कूल में 42 छात्राएं और एक शिक्षक पाए गए कोरोना संक्रमित ◾शीतकालीन सत्र में सरकार के पास बिटक्वाइन को करेंसी के रूप में मान्यता देने का कोई प्रस्ताव नहीं: निर्मला सीतारमण◾विपक्ष के हंगामे के बीच केंद्र सरकार ने राज्यसभा से भी पारित करवाया कृषि विधि निरसन विधेयक ◾कृषि कानूनों की वापसी का बिल लोकसभा में हुआ पारित, टिकैत बोले- यह तो होना ही था... आंदोलन रहेगा जारी ◾बिना चर्चा कृषि कानून बिल वापसी को विपक्ष ने बताया लोकतंत्र के लिए काला दिन, मिला ये जवाब ◾प्रदूषण के मद्दे पर SC ने अपनाया सख्त रुख, कहा- राज्य दिशानिर्देश नहीं मानेंगे, तो हम करेंगे टास्क फोर्स का गठन ◾कांग्रेस का केंद्र पर निशाना -बिल वापसी नहीं हुई चर्चा क्योंकि सरकार को हिसाब और जवाब देना पड़ता◾पीएम मोदी ने निभाया किसानों को दिया वादा, लोकसभा में हंगामे के बीच पास हुआ कृषि कानून वापसी बिल ◾प्रधानमंत्री मोदी की अपील का नहीं हुआ विपक्ष पर असर, हंगामेदार हुई दोनों सदनों की शुरुआत ◾किसानों के समर्थन में संसद के बाहर कांग्रेस का विरोध, राहुल बोले- आज उगाना है अन्नदाता के नाम का सूरज ◾"संसद में सवाल भी हो और शांति भी", सत्र की शुरुआत से पहले बोले मोदी- कुर्सी की गरिमा को रखें बरकरार◾

योगेश्वर, सुशील, साक्षी के बिना टोक्यो ओलंपिक में उतरेगा कुश्ती दल

कुश्ती करवट बदल रही है और पहली कतार के जाने-माने पहलवान या तो रिटायर हो रहे हैं या ओलंपिक क्वालीफायर की बाधा उनके लिए कांटों की राह साबित हो रही है।  

योगेश्वर दत्त द्वारा सन्यास की घोषणा, उनसे पहले नरसिंह यादव का डोप कांड का शिकार होना और अब दो बार के ओलंपिक पदक विजेता सुशील कुमार को लेकर बनी असमंजस की स्थिति ने भारतीय कुश्ती में नई उर्जा और स्फूर्ति का संचार किया है। 

पुरुष वर्ग में जाने-माने पहलवान बजरंग पूनिया, रवि और दीपक क्वालीफ़ाई कर चुके हैं जबकि महिला वर्ग में सिर्फ़ विनेश फोगाट ही यह सम्मान अर्जित कर पाई हैं।  

हालाँकि कुश्ती फ़ेडेरेशन के अध्यक्ष ब्रज भूषण शरण सिंह कह रहे हैं कि देश के श्रेष्ठ पहलवान के लिए ओलंपिक क्वालीफायर के दरवाजे लगभग बंद हो चुके हैं लेकिन सुशील ने इस बारे में अभी कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया है।  उसके वर्ग में जितेंदर कुमार ने एशियन चैंपियनशिप में रजत पदक जीत कर मजबूत दावा पेश किया है।

 टोक्यो ओलंपिक में भारतीय उम्मीदों के बारे में पूछे जाने पर ब्रज भूषण कहते हैं कि हमारे पहलवान चार से छह पदक जीत सकते हैं।  ज़ाहिर है वह बड़ी बात कर रहे हैं लेकिन उनका तर्क है कि भारतीय कुश्ती अपने सबसे बेहतर दौर से गुजर रही है।  

चीफ़ कोच जगमिंदर हमेशा की तरह संभल कर और सावधानी के साथ बयान दे रहे हैं।  वह मानते हैं कि भले ही बजरंग और विनेश एशियन चैंपियनशिप में गोल्ड नहीं जीत पाए लेकिन उनमें ओलंपिक पदक जीतने की योग्यता है।  

रवि और दीपक से भी वह प्रभावित हैं लेकिन ओलंपिक भागीदारी को ज़्यादा अहमियत देते हैं।  पूर्व ओलंपियन सुदेश कुमार का एक प्रसंग सुना कर कहते हैं कि 1972 के म्यूनिख ओलंपिक में भाग लेने गये सुदेश कुमार ने बताया कि तब पूरे शहर में पोस्टर लगे थे और उन पर लिखा था कि आप यहां तक पहुंचे, यही सबसे बड़ी उपलब्धि है।  आप सचमुच बड़े चैम्पियन हैं। 

पदक नहीं मिलने का मलाल बिल्कुल ना करें। क्रिगिस्तान में आयोजित होने वाला ओलंपिक क्वालीफायर रद्द हो गया है लेकिन इतना तय है कि रियो ओलंपिक की कांस्य पदक विजेता साक्षी मलिक के लिए टोक्यो के दरवाजे लगभग बंद हो चुके हैं।  

क्वालीफायर में भाग लेने की पात्रता के लिए 62 किलो भार वर्ग में साक्षी के सामने फिर 18 वर्षीय सोनम मलिक थी और उसने एक बार फिर से साक्षी को चित कर अपनी श्रेष्ठता साबित कर दिखाई। 

 सोनम ने एशियन चैम्पियनशिप के क्वालीफायर में साक्षी को हरा कर तहलका ज़रूर मचाया पर कोई पदक नहीं जीत पाने के चलते क्वालीफायर से गुज़रना पड़ा, जबकि साक्षी ने 65 किलो में भाग लिया था। 

 अब पांच सदस्यीय महिला टीम टोक्यो के टिकट के लिए उतरेगी, जिसमें निर्मला (50), अंशु मलिक (57), सोनम मलिक (62), दिव्या काकरान (68) और किरण (72) शामिल हैं।