इमरान ने माना – पाकिस्तान में रची गई थी मुंबई हमले की साजिश, दोषियों को देंगे सजा

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पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान का कहना है कि उनकी सरकार 2008 के मुंबई हमले के साजिशकर्ताओं को इंसाफ के कठघरे में लाना चाहती है और यह पाकिस्तान के हित

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान का कहना है कि उनकी सरकार 2008 के मुंबई हमले के साजिशकर्ताओं को इंसाफ के कठघरे में लाना चाहती है और यह पाकिस्तान के हित में है। एक तरह से उन्होंने मान लिया कि इस हमले की साजिश पाकिस्तान की धरती पर रची गई थी।

आपको बता दे कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने पहली बार स्वीकार किया कि 2008 के मुंबई हमले को पाकिस्तानी आतंकवादी समूह लश्कर-ए-तैयबा ने अंजाम दिया था। इमरान खान ने ‘वाशिंगटन पोस्ट’ को दिये एक साक्षात्कार में यह स्वीकारोक्ति की।

प्रधानमंत्री बनने के बाद इमरान खान का किसी विदेशी मीडिया को दिया गया यह पहला साक्षात्कार है। प्रधानमंत्री बनने के बाद इमरान खान का किसी विदेशी मीडिया को दिया गया यह पहला साक्षात्कार है।

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उन्होंने कहा, ‘‘मैंने अपनी सरकार से मामले की स्थिति का पता लगाने के लिए कहा है। इस मामले को सुलझाया जाना हमारे हित में है, क्योंकि यह आतंकवाद का मामला है।’’ उन्होंने कहा कि उनकी सरकार भारत के साथ तल्ख संबंधों को सामान्य बनाने की दिशा में प्रयासरत है।

इमरान खान ने कहा कि उनकी इच्छा है कि पाकिस्तान के अमेरिका के साथ भी वैसे ही संबंध हो, जैसे चीन के साथ हैं, लेकिन वह कोई ऐसा संबंध नहीं रखना चाहते जहां पाकिस्तान को एक किराये की बंदूक की तरह समझा जाये।

उन्होंने कहा, ‘‘मैं कभी ऐसा संबंध कायम नहीं रखना चाहूंगा जिसमें पाकिस्तान को एक किराये की बंदूक की तरह इस्तेमाल किया जाये, हमें पैसे देकर किसी और की लड़ई लड़ने के लिए कहा जाये।’’ यह पूछे जाने पर कि वह अमेरिका के साथ कैसा संबंध कायम रखने के पक्षधर हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘उदाहरण के लिए चीन के साथ हमारे संबंध एक-आयामी नहीं है, बल्कि यह दो देशों के बीच एक व्यापारिक संबंध है। हम अमेरिका के साथ ऐसे ही संबंध चाहते हैं।’’ इमरान खान ने अपने अमेरिका विरोधी होने संबंधी धारणा को खारिज करते हुए कहा कि अमेरिकी नीतियों के प्रति असहमति उन्हें अमेरिका विरोधी नहीं ठहरा सकती।

पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने आतंकवादियों के लिए पाकिस्तान में सुरक्षित ठिकाना होने संबंधी अमेरिका के आरोपों को भी खारिज किया। उन्होंने कहा कि सुरक्षा बलों ने उन्हें इस तथ्य से अवगत कराया है तथा अमेरिका से समय-समय पर बात किये जाने की जानकारी दी है।

उन्होंने अफगानिस्तान में शांति को पाकिस्तान के हित में बताया और कहा कि उनका देश तालिबान को वार्ता की मेज पर लाने के लिए दबाव बनाने का प्रयास करेगा।

Desk Team