अयोध्या : राम मंदिर शिलान्यास की तैयारियां तेज, त्रेता युग से जुड़े आश्रमाें की पवित्र मिट्टी से होगा भूमि पूजन

Summary :

जिले के परिधि से लगी सभी घाघरा, सरयू, मनोरमा, मनवर, बिसुहि, टेढ़, सगरा, राप्ती समेत कई पवित्र नदियों का जल एकत्र कर अयोध्या में श्री रामजन्म भूमि के पूजन मे शामिल किया जा रहा हैं।

अयोध्या में श्रीराम मंदिर निर्माण के लिए पांच अगस्त को होने वाले भूमि पूजन के लिए जोर-शोर से तैयारियां चल रही है। इसके लिए केंद्र और राज्य सरकार पूरा जोर लगा रही है। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की जन्मभूमि पर होने वाले विशाल मंदिर निर्माण के भूमि पूजन मे पावन अयोध्या धाम से 84 कोसी परिक्रमा परिधि एवं अन्य त्रेतायुग से जुड़े आश्रमों की पवित्र मिट्टी शामिल की जा रही हैं ।

विहिप धर्म यात्रा प्रमुख राकेश वर्मा उर्फ गुड्डू वर्मा ने शनिवार को बताया कि गोण्डा, बस्ती व बाराबंकी जिलों की 84 कोसी, चौदह कोसी और पंचकोसी सीमाओं के अन्तर्गत स्थित त्रेतायुग युग के महर्षि उद्दालक ऋषि, योग प्रेता महर्षि पतंजलि के जन्मभूमि, भगवान सुभगनाथ, महाराजा दिलीप द्वारा निर्मित ऐतिहासिक काली भवानी मंदिर, भगवान दुःखहरण नाथ मंदिर के गर्भगृह की पावन मिट्टी एकत्र कर श्री अयोध्या धाम ले जायी जा रही हैं। 

इसके अलावा भगवान वाराह और मां वाराही, द्वापर युग के पांडव कालीन बाबा पृथ्वीनाथ मंदिर के गर्भगृह, गोस्वामी तुलसीदासजी के जन्मस्थल सूकरखेत और गुरु नरोत्तम दास जी के पवित्र आश्रम की पावन मिट्टी एकत्र कर श्री अयोध्या धाम ले जायी जा रही हैं। उन्होने बताया कि इसके अतिरिक्त जिले के परिधि से लगी सभी घाघरा, सरयू, मनोरमा, मनवर, बिसुहि, टेढ़, सगरा, राप्ती समेत कई पवित्र नदियों का जल एकत्र कर अयोध्या में श्री रामजन्म भूमि के पूजन मे शामिल किया जा रहा हैं।

उपराज्यपाल के फैसले पर सत्येंद्र जैन बोले- UP में कोरोना के बढ़ते केस के बावजूद खुले हैं होटल तो दिल्ली में क्यों बंद ?

Desk Team