प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी को 1200 करोड़ रुपये से अधिक की 40 विकास परियोजाओं की सौगात दी। प्रधानमंत्री मोदी ने पंडित दीन दयाल उपाघ्याय की 63 फीट ऊंची प्रतिमा का भी अनावरण किया।
इस दौरान उन्होंने एक जानसभा को संबोधित करते हुए कहा, यह स्मारक जो यहां बनाया गया है और यह भव्य प्रतिमा जो स्थापित की गई है, जो आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी, दीन दयाल उपाघ्याय जी की नैतिकता और विचार प्रेरित करेंगे।

उन्होंने कहा, आज जब हम भारत में 5 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था की बात करते हैं, तो पर्यटन इसका एक अभिन्न हिस्सा है। प्रकृति के अलावा, विरासत पर्यटन में लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए एक मजबूत भूमिका है। साथ ही, वाराणसी के साथ अन्य पवित्र स्थलों को नई तकनीकों का उपयोग करके विकसित किया जा रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, वर्षों से भारत को धारा 370 को निरस्त करने और सीएए को लागू करने जैसे फैसलों का इंतजार था। ये निर्णय देश हित में आवश्यक थे। सभी दबावों के बावजूद, हम इन फैसलों पर अपनी जमीन पर खड़े रहे और आगे भी बने रहेंगे। देशहित में ये फैसले जरूरी थे और दुनिया भर के तमाम दबावों के बावजूद हम इन फैसलों पर कायम हैं और कायम रहेंगे।
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देश के विभिन्न हिस्सों में सीएए के खिलाफ जारी अनिश्चितकालीन प्रदर्शनों के मद्देनजर प्रधानमंत्री का यह बयान बहुत महत्वपूर्ण है। उन्होंने सरकार की ‘मेक इन इंडिया’ और ‘मुद्रा’ समेत विभिन्न योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि दीनदयाल कहते थे कि आत्मनिर्भरता और स्वयं सहायता सभी योजनाओं के केंद्र में होने चाहिए। उनके इन विचारों को सरकार की योजनाओं और कार्यप्रणाली में निरन्तर लाने का प्रयास किया जा रहा है।


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