BREAKING NEWS

ईरान में कोरोना संकट के बीच फंसे 275 भारतीयो को दिल्ली लाया गया ◾कोरोना वायरस से अमेरिका में संक्रमितों की संख्या 121,000 के पार हुई, अबतक 2000 अधिक से लोगों की मौत ◾कोरोना संकट : देश में कोरोना संक्रमित मरीजों का आंकड़ा 1000 के पार, मौत का आंकड़ा पहुंचा 24◾कोरोना महामारी के बीच प्रधानमंत्री मोदी आज करेंगे मन की बात◾कोरोना : लॉकडाउन को देखते हुए अमित शाह ने स्थिति की समीक्षा की◾इटली में कोरोना वायरस का प्रकोप जारी, मरने वालों की संख्या बढ़कर 10,000 के पार, 92,472 लोग इससे संक्रमित◾स्पेन में कोरोना वायरस महामारी से पिछले 24 घंटों में 832 लोगों की मौत , 5,600 से इससे संक्रमित◾Covid -19 प्रकोप के मद्देनजर ITBP प्रमुख ने जवानों को सभी तरह के कार्य के लिए तैयार रहने को कहा◾विशेषज्ञों ने उम्मीद जताई - महामारी आगामी कुछ समय में अपने चरम पर पहुंच जाएगी◾कोविड-19 : राष्ट्रीय योजना के तहत 22 लाख से अधिक सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवा कर्मियों को मिलेगा 50 लाख रुपये का बीमा कवर◾कोविड-19 से लड़ने के लिए टाटा ट्रस्ट और टाटा संस देंगे 1,500 करोड़ रुपये◾लॉकडाउन : दिल्ली बॉर्डर पर हजारों लोग उमड़े, कर रहे बस-वाहनों का इंतजार◾देश में कोविड-19 संक्रमण के मरीजों की संख्या 918 हुई, अब तक 19 लोगों की मौत ◾कोरोना से निपटने के लिए PM मोदी ने देशवासियों से की प्रधानमंत्री राहत कोष में दान करने की अपील◾कोरोना के डर से पलायन न करें, दिल्ली सरकार की तैयारी पूरी : CM केजरीवाल◾Coronavirus : केंद्रीय राहत कोष में सभी BJP सांसद और विधायक एक माह का वेतन देंगे◾लोगों को बसों से भेजने के कदम को CM नीतीश ने बताया गलत, कहा- लॉकडाउन पूरी तरह असफल हो जाएगा◾गृह मंत्रालय का बड़ा ऐलान - लॉकडाउन के दौरान राज्य आपदा राहत कोष से मजदूरों को मिलेगी मदद◾वुहान से भारत लौटे कश्मीरी छात्र ने की PM मोदी से बात, साझा किया अनुभव◾लॉकडाउन को लेकर कपिल सिब्बल ने अमित शाह पर कसा तंज, कहा - चुप हैं गृहमंत्री◾

वाराणसी के लोगों से बोले PM मोदी-कोरोना वायरस हमारी संस्कृति और संस्कार नहीं मिटा सकता

कोरोना वायरस के चलते पूरे देश में 14 अप्रैल तक लॉकडाउन का ऐलान के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी के लोगों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए चर्चा की। लोगों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, कोरोना वायरस न हमारी संस्कृति को मिटा सकता है और न ही हमारे संस्कार मिटा सकता है। इसलिए, संकट के समय हमारी संवेदनाएं और जागृत हो जाती हैं।

वाराणसी के सांसद के रूप में, इस समय मुझे आपके साथ होना चाहिए था, लेकिन राजधानी दिल्ली में जो चीजें चल रही हैं, आप जानते हैं। यहां व्यस्त होने के बावजूद, मैं अपने सहयोगियों से वाराणसी के बारे में नियमित जानकारी ले रहा हूं। उन्होंने महाभारत का युद्ध 18 दिन में जीता गया था। आज कोरोना के खिलाफ जो युद्ध पूरा देश लड़ रहा है। उसमें 21 दिन लगने वाले हैं। हमारा प्रयास है इसे 21 दिन में जीत लिया जाए। 

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, महाभारत के युद्ध में भगवान श्रीकृष्ण महारथी, सारथी थें, आज 130 करोड़ महारथियों के बलबूते पर हमें कोरोना के खिलाफ इस लड़ाई को जीतना है। इसमें काशीवासियों की बहुत बड़ी भूमिका है। काशी का अनुभव शाश्वत, सनातन, समयातीत है। और इसलिए, आज लॉकडाउन की परिस्थिति में काशी देश को सिखा सकती है-  संयम, समन्वय, संवेदनशीलता। काशी देश को सिखा सकती है- सहयोग, शांति, सहनशीलता। काशी देश को सिखा सकती है- साधना, सेवा, समाधान। 

उन्होंने कहा,कोरोना बीमारी के देखते हुए देशभर में व्यापक तैयारियां की जा रही है। सभी को इस समय घरों में रहना अति आवश्यक है। यही इस बीमारी से बचने का बेहतर उपाय है। कोरोना से जुड़ी सही और सटीक जानकारी के लिए सरकार ने WhatsApp के साथ मिलकर एक हेल्पडेस्क भी बनाई है। अगर आपके पास WhatsApp की सुविधा है तो आप इस नंबर 9013151515 पर 'नमस्ते' खिलकर भेजेंगे तो आपको उचित जवाब मिलना शुरू हो जाएगा। 

लॉकडाउन पर गृह मंत्री ने जनता को दिलाया भरोसा, कहा-नहीं रहेगी आवश्यक वस्तुओं की कमी

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, कोरोना से संक्रमित दुनिया में 1 लाख से अधिक लोग ठीक भी हो चुके हैं। भारत में भी दर्जनों लोग कोरोना के शिकंजे से बाहर निकले हैं। उन्होंने कहा, कई बार लोग उन चीजों पर ध्यान नहीं देते जो महत्वपूर्ण हैं। ऐसा ही भारत में हो रहा है। मैं लोग से अनुरोध करता हूं कि वे तथ्यों को समझें और अफवाहों पर विश्वास न करें। कोरोना अमीर और गरीब के साथ भेदभाव नहीं करता है। यह किसी को भी नहीं बख्शेगा भले ही वह रोजाना योग या व्यायाम करते हो।

उन्होंने कहा, मेरा ऐसे लोगों से आग्रह है कि गलतफहमी से बाहर निकलें और सच्चाई को समझें। ये बीमारी किसी के साथ भेदभाव नहीं करती। समृद्ध लोगों या व्यायाम करने वालों को भी ये वायरस अपने चपेट में लेता है। बीमारी कितनी भयानक है ये समझना जरूरी है। कुछ स्थानों से ऐसी घटनाओं की जानकारी भी मिली है, जिससे हृदय को चोट पहुंची है। मेरी सभी नागरिकों से अपील है कि कहीं आपको डॉक्टर, नर्स या मेडिकल स्टाफ के साथ कोई बुरा बर्ताव होता दिख रहा हो तो आप वहां जाकर लोगों को समझाएं कि आप गलत कर रहे हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, कोरोना वायरस न हमारी संस्कृति को मिटा सकता है और न ही हमारे संस्कार मिटा सकता है। इसलिए, संकट के समय हमारी संवेदनाएं और जागृत हो जाती हैं। कोरोना को जवाब देने का दूसरा एक ताकतवर तरीका है और वो है करुणा। कोरोना का जवाब करुणा से। हम गरीबों और जरूरतमंदों के प्रति करुणा दिखाकर भी कोरोना को पराजित करने का एक कदम ये भी ले सकते हैं।

कैबिनेट मीटिंग में PM मोदी के साथ केंद्रीय मंत्रियों ने फॉलो किया 'सोशल डिस्टेंसिंग' का फॉर्मूला

\देश में कोरोना की मौजूदा स्तिथि को देखते हुए उन्होंने कहा, अगर मैं कहूं कि सब कुछ ठीक है, सब कुछ सही है, तो मैं मानता हूं कि ये खुद को भी धोखा देने वाली बात होगी। इस समय केंद्र सरकार हो या राज्य सरकारें, जितना ज्यादा हो सके, जितना अच्छा हो सके, इसके लिए भरसक प्रयास कर रही हैं। ऐसे में जब देश के सामने इतना बड़ा संकट हो, पूरे विश्व के सामने इतनी बड़ी चुनौती हो, तब मुश्किलें नहीं आएंगी, सब कुछ अच्छा होगा, ये कहना अपने साथ धोखा करने जैसा होगा।

अपने सम्बोधन में प्रधानमंत्री ने कहा, हम सभी का प्रयास होना चाहिए कि प्रशासन पर कम से कम दबाव डालें, प्रशासन का सहयोग करें। अस्पताल में काम करने वाले, पुलिसकर्मी, सरकारी दफ्तरों में काम करने वाले, हमारे मीडियाकर्मी इन सभी का हमें हौसला बढ़ाना चाहिए। कोरोना के संक्रमण का इलाज अपने स्तर पर बिल्कुल नहीं करना है, घर में रहना है और जो करना है डॉक्टरों की सलाह से ही करना है।

आपने खबरों में भी देखा होगा कि दुनिया के कुछ देशों में अपनी मर्जी से दवाएं लेने के कारण कैसे जीवन संकट में पड़ रहे हैं। हम सभी को हर तरह के अंधविश्वास से, अफवाह से बचना है। आप सभी ने देखा होगा कि मानवजाति कैसे इस संकट से जीतने के लिए एक साथ आ गई है। इसमें सबसे बड़ी भूमिका निभा रही है हमारी बाल सेना। 4-5 साल के बच्चे अपने परिजनों को जागरूक कर रहे हैं। 

कई परिवारों ने सोशल मीडिया पर ऐसी वीडियो शेयर की है। पूरे देश से हजारों प्रबुद्ध नागरिकों ने इस महामारी से निपटने के लिए सख्ती से लॉकलाउन लागू कराने की अपील की है। जब हमारे देशवासियों में ये दृढ़ इच्छा शक्ति हो, तो मुझे विश्वास है कि देश इस महामारी को जरूर हराएगा।