BREAKING NEWS

सचिन पायलट की खुली बगावत, विधायक दल की बैठक में नहीं होंगे शामिल, बोले- अल्पमत में है गहलोत सरकार◾राजस्थान में गुटबाजी के संकट को टालने के लिये अजय माकन और रणदीप सुरजेवाला जयपुर भेजे गए ◾राजस्थान में जारी सियासी घमासान के बीच, सिंधिया का ट्वीट, बोले- कांग्रेस पार्टी में प्रतिभा और क्षमता का स्थान नहीं◾नहीं थम रहा महाराष्ट्र में कोरोना का विस्फोट, बीते 24 घंटे में 7,827 नए केस, संक्रमितों का आंकड़ा 2.54 लाख के पार◾राजस्थान सियासी संकट के बीच, ज्योतिरादित्य सिंधिया से मिले सचिन पायलट ◾सियासी घमासान के बीच, मुख्यमंत्री गहलोत ने सोमवार सुबह 10:30 बजे बुलाई कांग्रेस विधायक दल की बैठक◾दिल्ली में कोरोना का विस्फोट जारी, बीते 24 घंटे में 1,573 नए केस, संक्रमितों का आंकड़ा 1.12 लाख के पार◾राजस्थान घमासान पर सिब्बल ने जताई चिंता, कहा - क्या घोड़ों के अस्तबल से निकलने के बाद ही हम जागेंगे?◾विकास दुबे प्रकरण की जांच के लिए आयोग गठित, रिटायर जज शशि कांत अग्रवाल होंगे अध्यक्ष ◾सरकार पर संकट के बीच CM गहलोत ने आज रात 9 बजे बुलाई विधायकों की बैठक◾राजस्थान सरकार संकट : विधायकों की खरीद-फरोख्त मामले में SOG के नोटिस को CM गहलोत ने बताया सामान्य ◾अमिताभ-अभिषेक के बाद ऐश्वर्या और आराध्या भी कोरोना पॉजिटिव ◾PAK ने फिर शुरू किए आतंकी सरगना हाफिज सईद समेत JuD के नेताओं के बैंक अकाउंट◾राजस्थान में गहलोत सरकार पर संकट, सचिन पायलट विधायकों के साथ दिल्ली पहुंचे ◾कोरोना से निपटने के लिए UP में अब होगा वीकेंड लॉकडाउन, हर शनिवार और रविवार बंद रहेंगे बाजार ◾अनुपम खेर का भी परिवार आया कोरोना की चपेट में, मां समेत 4 सदस्य पॉजिटिव ◾अमित शाह बोले-कोरोना के खिलाफ देश की लड़ाई में बड़ी भूमिका निभा रहे हैं सुरक्षा बल◾राहुल ने किया ट्वीट- ऐसा क्या हुआ कि मोदी जी के रहते भारत माता की पवित्र जमीन को चीन ने छीन लिया?◾देश में कोरोना संक्रमितों की संख्या साढ़े आठ लाख के करीब, अब तक 22674 लोगों की मौत ◾कोरोना से संक्रमित अमिताभ बच्चन की हालत स्थिर, नानावती अस्पताल में इलाज जारी ◾

भारत में कोरोना के आँकड़े #GharBaithoNaIndiaSource : Ministry of Health and Family Welfare

कोरोना की पुष्टि

इलाज चल रहा है

ठीक हो चुके

मृत लोग

भारतीय महिला की मौत ने बदला आयरलैंड का इतिहास, दशकों पुराना गर्भपात कानून हटा

आ‌खिर एक भारतीय दंतचिकित्सक सविता हलप्पनवार की मोत ने आयरलैंड में गर्भपात कानून को बदल ‌दिया है। आयरलैंड में गर्भपात पर लगे प्रतिबंध को हटाने के लिए किए गए जनमत संग्रह में 66.4 लोगों ने इसके पक्ष में मतदान किया। जनमत के नतीजों के मुताबिक 66 फीसद से ज्यादा लोग चाहते थे कि यह प्रतिबंध हटाया जाए जबकि 33 फीसदी लोग गर्भपात पर प्रतिबंध के पक्षधर थे।

खास बात यह रही कि इस पूरी मुहिम के पीछे एक भारतीय महिला रही। आयरलैंड में भारतीय दंतचिकित्सक सविता हलप्पनवार को 2012 में गर्भपात की इजाजत नहीं मिलने पर एक अस्पताल में उनकी मौत हो गई थी। इसके बाद से ही देश में गर्भपात पर चर्चा छेड़ दी। सविता के पिता आनंदप्पा यालगी ने कर्नाटक स्थित अपने घर से कहा कि उन्हें आशा है कि आयरलैंड की जनता उनकी बेटी को याद रखेंगी। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक अब तक यहां महिला की जान को खतरा होने की स्थिति में ही गर्भपात की इजाजत है लेकिन बलात्कार के मामलों में भी गर्भपात को मंजूरी नहीं है।

भारतीय मूल के प्रधानमंत्री लियो वरदकर ने शनिवार को जनमत संग्रह के नतीजों की घोषणा की। वरदकर ने कहा, “लोगों ने अपनी राय जाहिर कर दी। उन्होंने कहा है कि एक आधुनिक देश के लिए एक आधुनिक संविधान की जरूरत है।”

प्रधानमंत्री ने कहा कि आयरलैंड के मतदाता, “महिलाओं के सही निर्णय लेने और अपने स्वास्थ्य के संबंध में सही फैसला करने के लिए उनका सम्मान और उन पर यकीन करते हैं।\" उन्होंने कहा कि हमने जो देखा वह आयरलैंड में पिछले 20 साल से हो रही शांत क्रांति की पराकाष्ठा है। दरअसल आयरलैंड में यूरोप के कुछ कड़े गर्भपात संबंधी कानूनों को लचीला बनाने को लेकर जनमत संग्रह में हिस्सा लिया था। आयरलैंड पारंपरिक रूप से यूरोप के सबसे धार्मिक देशों में से एक है। हालांकि बाल यौन उत्पीड़न के मामले सामने आने के बाद हाल के वर्षों में कैथोलिक चर्च का प्रभाव कम हुआ है।

कैसे हुई सविता की मौत

आयरलैंड के डॉक्टरों ने एक कैथोलिक देश का हवाला देकर सविता को गर्भपात की इजाजत नहीं दी थी। इसी वजह से 31 वर्षीय भारतीय दंत चिकित्सक सविता को अपनी जान गंवानी पड़ी थी। वह उस वक्त सविता 17 हफ्तों की गर्भवती थीं। सविता के पति प्रवीण हालापनवर ने बताया था कि एक दिन भारी पीड़ा में बिताने और यह बताए जाने के बाद कि वह जीवित बच्चे को जन्म नहीं दे पाएंगी, सविता ने चिकित्सीय रूप से गर्भपात करने को कहा।

प्रवीण ने बताया था कि डॉक्टरों ने यह मांग खारिज कर दी क्योंकि भ्रूण में अभी भी दिल की धड़कन मौजूद थी और यह कहा कि ‘यह एक कैथोलिक देश है।’ बाद में मृत भ्रूण को हटा कर सविता को सघन चिकित्सा कक्ष में रखा गया, जहां 28 अक्टूबर 2012 को सेप्टिसेमिया के कारण उनकी मौत हो गई थी।

24X7 नई खबरों से अवगत रहने के लिए यहां क्लिक करें।