BREAKING NEWS

'अश्विनी मिन्ना' मेमोरियल अवार्ड में आवेदन करने के लिए क्लिक करें ◾Bihar Election : कृषि मंत्री ने कमल निशान वाला मास्क पहन वोट डालने पहुंचे, दर्ज होगा मामला ◾बिहार चुनाव : 11 बजे तक 18.48 फीसदी मतदान,जानिए कहां कितने प्रतिशत हुई वोटिंग◾दरभंगा रैली में बोले PM मोदी, पूर्व की सरकारों का मंत्र रहा, पैसा हज़म-परियोजना खत्म◾मुंगेर मामला : तेजस्वी ने कहा- पुलिस ने लोगों को ढूंढ-ढूंढ कर पीटा, कांग्रेस ने सरकार से बर्खास्तगी की मांग की ◾देश में पिछले 24 घंटो में कोरोना के 43,893 नए मामलों की पुष्टि और 508 मरीजों ने गंवाई जान◾JDU ने चिराग को बताया RJD की 'बी' टीम, कहा-रील लाइफ के साथ रियल लाइफ में भी असफल◾बिहार में कोरोना काल के बीच मतदान जारी, शुरुआती 2 घंटे में 6.74 प्रतिशत हुआ मतदान ◾Bihar Election : राहुल गांधी और जेपी नड्डा ने लोगों से वोट करने की अपील की, कही ये बात ◾जम्मू-कश्मीर के बडगाम में सुरक्षा बलों ने मुठभेड़ के दौरान 2 आतंकवादियों को मार गिराया ◾बिहार चुनाव : कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच 71 सीटों के लिए मतदान जारी, पीएम मोदी ने लोगों से की ये अपील ◾बिहार चुनाव : पहले चरण में 16 जिलों की 71 सीटों पर मतदान आज, 1066 प्रत्याशियों के भविष्य का होगा फैसला◾बिहार विधानसभा चुनाव : दूसरे चरण के चुनाव प्रचार के लिए आज PM मोदी और राहुल की कई रैलियां◾आज का राशिफल ( 28 अक्टूबर 2020 )◾अर्थव्यवस्था में सुधार, पर 2020-21 में वृद्धि दर नकारात्मक या शून्य के करीब रहेगी : सीतारमण ◾SRH vs DC ( IPL 2020 ) : साहा, वॉर्नर और राशिद ने सनराइजर्स को दिलाई दिल्ली पर जीत◾पोम्पियो के दौरे से भड़का बीजिंग, कहा : 'भारत - चीन' के बीच कलह के बीज बोना बंद करें अमेरिका◾उमर अब्दुल्ला बोले- नया भूमि कानून स्वीकार नहीं, इस छल से जम्मू-कश्मीर बिकने के लिए तैयार◾अगर आरजेडी सत्ता में आयी तो विकास के कटोरे में छेद हो जायेगा, इनका चरित्र ही अराजक है : जेपी नड्डा ◾भ्रष्टाचार का वंशवाद बड़ी चुनौती, कई राज्यों में राजनीतिक परंपरा का हिस्सा बना: पीएम मोदी◾

भारत में कोरोना के आँकड़े #GharBaithoNaIndiaSource : Ministry of Health and Family Welfare

कोरोना की पुष्टि

इलाज चल रहा है

ठीक हो चुके

मृत लोग

चंद्रयान-2 पर विदेशी मीडिया ने दी मिली-जुली प्रतिक्रिया

वॉशिंगटन/ लंदन : चंद्रमा के अनछुए दक्षिणी ध्रुव पर रोवर की ‘सॉफ्ट लैंडिंग” कराने का भारत का ऐतिहासिक मिशन भले ही अधूरा रह गया हो लेकिन उसके इंजीनियरिंग कौशल और बढ़ती आकांक्षाओं ने अंतरिक्ष महाशक्ति बनने के उसके प्रयास को गति दी है । दुनिया भर की मीडिया ने शनिवार को यह टिप्पणी की। 

न्यूयॉर्क टाइम्स, द वॉशिंगटन पोस्ट, बीबीसी और द गार्डियन समेत अन्य कई प्रमुख विदेशी मीडिया संगठनों ने भारत के ऐतिहासिक चंद्रमा मिशन ‘चंद्रयान-2’ पर खबरें प्रकाशित एवं प्रसारित कीं। 

अमेरिकी पत्रिका ‘वायर्ड’ ने कहा कि चंद्रयान-2 कार्यक्रम भारत का अब तक का ‘सबसे महत्त्वकांक्षी’ अंतरिक्ष मिशन था। 

पत्रिका ने कहा, “चंद्रमा की सतह तक ले जाए जा रहे विक्रम लैंडर और प्रज्ञान रोवर से संपर्क टूटना भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम के लिए एक बड़ा झटका होगा..लेकिन मिशन के लिए सबकुछ खत्म नहीं हुआ है।” 

न्यूयॉर्क टाइम्स ने भारत की “इंजीनियरिंग शूरता और दशकों से किए जा रहे अंतरिक्ष कार्यक्रमों के विकास” की सराहना की। 

खबर में कहा गया, “भले ही भारत पहले प्रयास में लैंडिंग नहीं करा पाया हो, उसके प्रयास दिखाते हैं कि कैसे उसकी इंजीनियरिंग शूरता और अंतरिक्ष विकास कार्यक्रमों पर की गई दशकों की उसकी मेहनत उसकी वैश्विक आकांक्षाओं से जुड़ गई है।” 

इसमें कहा गया, “चंद्रयान-2 मिशन की आंशिक विफलता चंद्रमा की सतह पर समग्र रूप से उतरने वाले देशों के विशिष्ट वर्ग में शामिल होने की देश की कोशिश में थोड़ी और देरी करेगा।” 

ब्रिटिश समाचारपत्र ‘द गार्डियन’ ने अपने लेख “इंडियाज मून लैंडिंग सफर्स लास्ट मिनट कम्यूनिकेशन लॉस” में मैथ्यू वीस के हवाले से कहा, “भारत वहां जा रहा है जहां अगले 20, 50, 100 सालों में संभवत: मनुष्य का भावी निवास होगा।” 

वीस फ्रांस अंतरिक्ष एजेंसी सीएनईएस के भारत में प्रतिनिधि हैं। 

वॉशिंगटन पोस्ट ने अपनी हैडलाइन “इंडियाज फर्स्ट अटेंप्ट टू लैंड ऑन द मून अपीयर्स टू हैव फेल्ड” में कहा कि यह मिशन “अत्याधिक राष्ट्रीय गौरव’’ का स्रोत है। 

वहीं अमेरिकी नेटवर्क सीएनएन ने इसकी व्याख्या करते हुए कहा, “चंद्रमा के ध्रुवीय सतह पर भारत की ऐतिहासिक लैंडिंग संभवत: विफल हो गई।” 

बीबीसी ने लिखा कि मिशन को दुनिया भर की सुर्खियां मिलीं क्योंकि इसकी लागत बहुत कम थी। 

चंद्रयान-2 में करीब 14.1 करोड़ डॉलर की लागत आई है। 

उसने कहा, “उदाहरण के लिए एवेंजर्स: एंडगेम का बजट इसका दोगुना करीब 35.6 करोड़ डॉलर था। लेकिन यह पहली बार नहीं है कि इसरो को उसकी कम खर्ची के कारण तारीफ मिली हो। इसके 2014 के मंगल मिशन की लागत 7.4 करोड़ डॉलर थी जो अमेरिकी मेवन ऑर्बिटर से लगभग 10 गुणा कम थी।’’ 

फ्रेंच दैनिक ल मोंद ने चंद्रमा पर सॉफ्ट लैंडिंग की सफलता दर का उल्लेख किया। 

उसने अपनी खबर में लिखा, “अब तक जैसा कि वैज्ञानिक बताते हैं ऐसे उद्देश्य वाले केवल 45 प्रतिशत मिशनों को ही सफलता मिली है।”