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मलेशिया के पूर्व प्रधानमंत्री नजीब रजाक को 12 साल की सजा के खिलाफ याचिका पर सुनवाई शुरू

मलेशिया की एक अदालत ने सरकार द्वारा संचालित रणनीतिक विकास कंपनी 1एमडीबी (मलेशिया डेवलपमेंट बरहाद) की सरकारी निवेश निधि में हेरफेर से जुड़े मामले में देश के पूर्व प्रधानमंत्री नजीब रजाक को दोषी ठहराए जाने और 12 साल की सजा दिए जाने के फैसले के खिलाफ दायर याचिका पर सोमवार को सुनवाई आरंभ की।

एक उच्च न्यायालय ने आठ महीने पहले नजीब को सत्ता के दुरुपयोग, अमानत में खयानत और धनशोधन का दोषी पाया था। वह दोषी ठहराए गए मलेशिया के पहले नेता हैं। इसी मामले के कारण 2018 में उनकी सरकार गिर गई थी। नजीब ने कहा कि उन्हें ठग बैंकरों ने गुमराह किया और उनके खिलाफ दर्ज मामला राजनीतिक है।

नजीब के खिलाफ 1एमडीबी घोटाले से जुड़े भ्रष्टाचार के कई मुकदमे चल रहे हैं। इन घोटाले के संबंध में अमेरिका और कई अन्य देशों में जांच शुरू हुई हैं। अमेरिका के जांचकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि 1एमडीबी से 4.5 अरब डॉलर से अधिक की राशि चुराई गई और नजीब के सहयोगियों ने धनशोधन किया।

नजीब (67) सोमवार सुबह ‘कोर्ट ऑफ अपील’ पहुंचे, लेकिन उन्होंने संवाददाताओं से बात नहीं की। नजीब ने अपने ऊपर लगे आरोपों को गलत बताया है और याचिका पर सुनवाई लंबित रहने तक उनकी सजा निलंबित की गई है। इस मामले में उनकी पत्नी और उनकी पार्टी एवं पूर्व सरकार के कई अधिकारियों को भी आरोपी बनाया गया है।