BREAKING NEWS

आज का राशिफल (29 मार्च 2023)◾विपक्ष लोकसभा अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की तैयारी में◾'माफिया अतीक को पहली बार किसी मामले में हुई सजा', जानिए ! कौन-कौन सी लगाई गई है धाराएं ◾प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विपक्ष की एकता पर निशाना साधा◾कांग्रेस की धुरी है गांधी परिवार, पार्टी को एकजुट रखती है : मुख्यमंत्री गहलोत◾महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, सत्तारूढ़ गठबंधन के अन्य नेताओं ने सोशल मीडिया पर सावरकर की लगाई तस्वीर ◾दिल्ली विधानसभा में मुख्यमंत्री केजरीवाल ने प्रधानमंत्री पर साधा निशाना, भाजपा ने केजरीवाल पर बोला हमला◾जी20 की बैठक के लिए विदेशी मेहमान पहुंचे रामनगर ◾कांग्रेस एकजुटता के प्रयासों को आगे बढ़ाने के लिए अप्रैल में शीर्ष विपक्षी नेताओं की बुलाएगी बैठक ◾Social Media पर सामने आये CCTV फुटेज में बिना पगड़ी के दिखा अमृतपाल सिंह◾जामिया नगर हिंसा मामला : दिल्ली उच्च न्यायालय ने इमाम, 10 अन्य को आरोपमुक्त करने के आदेश को आंशिक रूप से किया रद्द ◾नगालैंड विधानसभा ने मई में शहरी स्थानीय निकाय चुनाव नहीं कराने का प्रस्ताव किया पारित ◾‘बीजेपी ने 7 साल में कांग्रेस के 75 साल बराबर लूटा’ ... दिल्ली विधानसभा में बोले केजरीवाल◾Noida की सोसायटी में नमाज को लेकर विवाद, मौके पर पुलिस फोर्स तैनात ◾उत्तर प्रदेश को मिलेगा चौथा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम, इस शहर में होगा निर्माण ◾‘सांप्रदायिक सद्भाव बनाए रखने के लिए हेट स्पीच का त्याग मौलिक जरूरत’, सुप्रीम कोर्ट की अहम टिप्पणी◾राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू बोलीं- गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर ने भारत की परिकल्पना ज्ञान के प्रमुख स्रोत के तौर पर की थी◾UP News: फतेहपुर में श्रद्धालुओं से भरा वाहन सड़क किनारे खड़े कंटेनर से टकराया, 3 की मौत◾‘PM कम पढ़े-लिखे... चीजों को ठीक से नहीं समझते’, CM केजरीवाल के फिर बिगड़े बोल ◾ क्या राहुल गांधी कांग्रेस के षडयंत्र का शिकार हुए? अनुराग ठाकुर ने पूछा सवाल ◾

म्यांमार में तख्तापलट को लेकर US ने जताई चिंता, कहा-देश में कैद नेताओं को रिहा करे सेना

म्यामां में सेना ने सोमवार तड़के तख्तापलट कर स्टेट काउंसलर आंग सान सू ची को नजरबंजद करने के बाद चिंतित अमेरिका ने कहा है कि वह स्थिति पर करीब से नजर बनाये हुए है। साथ ही अमेरिका ने धमकी दी कि अगर देश में लोकतंत्र को बहाल करने के लिए सही कदम नहीं उठाये गये तो वह कार्रवाई करेगा। 

मीडिया में आयी खबरों के अनुसार सेना के स्वामित्व वाले टेलीविजन चैनल ‘मायवाडी टीवी’ पर सोमवार सुबह यह घोषणा की गयी कि सेना ने एक साल के लिए देश का नियंत्रण अपने हाथ में ले लिया है। मीडिया में आयी खबरों में सत्तारूढ़ नेशनल लीग फॉर डेमोक्रेसी (एनएलडी) के प्रवक्ता के हवाले से कहा गया कि सोमवार सुबह म्यामां की नेता सू ची और सत्तारूढ़ पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं को हिरासत में ले लिया गया है। 

व्हाइट की प्रेस सचिव जेन साकी ने कहा, ‘‘बर्मा की सेना ने देश में कायम हुए लोकतंत्र को कमतर करने के कदम उठाए हैं। इन खबरों से अमेरिका चिंतित है। यहां तक कि स्टेट काउंसर आंग सान सू ची एवं अन्य अधिकारियों को भी गिरफ्तार कर लिया गया है।’’ साकी ने कहा, ‘‘अमेरिका म्यामां के लोकतांत्रिक प्रतिष्ठानों के प्रति अपना मजबूत समर्थन जताता है और क्षेत्रीय सहयोगियों के साथ तालमेल से सेना और अन्य सभी पक्षों से लोकतांत्रिक मूल्यों तथा कानून के शासन को मानने तथा आज हिरासत में लिये गये लोगों को रिहा करने का अनुरोध करता है।’’ 

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जेक सुलिवन ने राष्ट्रपति जो बाइडन को स्थिति से अवगत कराया है। साकी ने कहा कि अमेरिका हालिया चुनाव के नतीजों को पलटने के प्रयास या म्यामां में लोकतांत्रिक तरीके से सत्ता के हस्तांतरण को रोकने के कदम का विरोध करता है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर इन कदमों को वापस नहीं लिया गया तो अमेरिका इसके लिये जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करेगा। साकी ने कहा, ‘‘हमलोग स्थिति पर करीब से नजर रख रहे हैं और म्यामां के लोगों के साथ हैं जिन्होंने लोकतंत्र एवं शांति के लिए पहले ही काफी कुछ झेला है।’’ संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस ने भी सू ची तथा अन्य नेताओं को सेना द्वारा हिरासत में लेने की कड़ी निंदा की तथा सत्ता सेना के हाथों में जाने पर चिंता जताई। 

गुतारेस के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने कहा, ‘‘म्यामां में नई संसद का सत्र आरंभ होने से पहले स्टेट काउंसलर आंग सान सू ची, राष्ट्रपति यू विन मिंट तथा अन्य राजनीतिक नेताओं को हिरासत में लेने के कदम की महासचिव कड़ी निंदा करते हैं।’’

उन्होंने इसे म्यामां में लोकतांत्रिक सुधारों के लिए एक बड़ा झटका बताया। अमेरिका के विदेश मंत्री टोनी ब्लिंकेन ने कहा कि म्यामां की सेना द्वारा स्टेट काउंसलर सू ची एवं अन्य अधिकारियों समेत सरकार के नेताओं को हिरासत में लिये जाने की घटना से अमेरिका बेहद चिंतित है। ब्लिंकेन ने एक बयान में कहा, ‘‘हमने म्यामां की सेना से सभी सरकारी अधिकारियों और नेताओं को रिहा करने का आह्वान किया है और आठ नवंबर को लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत हुए चुनावों में म्यामां की जनता के फैसले का सम्मान करने को कहा है। अमेरिका लोकतंत्र, स्वतंत्रता, शांति एवं विकास के आकांक्षी म्यामां के लोगों के साथ है। सेना को निश्चित रूप से इन कदमों को तुरंत पलटना चाहिए।’’ 

पड़ोसी देश म्यांमार में तख्तापलट, सेना ने एक वर्ष के लिए देश का नियंत्रण अपने हाथों में लिया