BREAKING NEWS

आज का राशिफल (01 अक्टूबर 2020)◾हाथरस दुष्कर्म मामले पर विजयवर्गीय बोले - ‘‘UP में कभी भी पलट सकती है कार’’ ◾हाथरस गैंगरेप मामला : लड़की के साथ जो हैवानियत हुई, वो हमारे समाज पर कलंक - सोनिया◾KKR vs RR ( IPL 2020 ) : केकेआर की ‘युवा ब्रिगेड’ ने दिलाई रॉयल्स पर शाही जीत, राजस्थान को 37 रन से हराया◾पूर्वी लद्दाख में सीमा विवाद पर विदेश मंत्रालय ने कहा - दोनों देशों ने छठे दौर की वार्ता के नतीजों का सकारात्मक मूल्यांकन किया◾बंगाल BJP के वरिष्ठ नेता 1 अक्टूबर को करेंगे अमित शाह से मुलाकात◾सोमनाथ ट्रस्ट की बैठक में शामिल हुए PM मोदी◾बाबरी विध्वंस फैसले पर जमीयत का सवाल- जब मस्जिद तोड़ी गई तो फिर सब निर्दोष कैसे, क्या यह न्याय है?◾अनलॉक 5 की गाइडलाइन्स : 15 अक्टूबर से सिनेमा हाल, स्विमिंग पूल और मनोरंजन पार्क खोलने की अनुमति ◾अनलॉक 5 की गाइडलाइन्स : 15 अक्टूबर से सिनेमा हाल, स्विमिंग पूल और मनोरंजन पार्क खोलने की अनुमति ◾बाबरी विध्वंस मामला : सीबीआई कानूनी विभाग से विमर्श के बाद करेगी फैसले को चुनौती देने का निर्णय ◾मथुरा के श्रीकृष्ण जन्मस्थान परिसर से नहीं हटेगी शाही ईदगाह, अदालत में खारिज हुई याचिका◾हाथरस बलात्कार कांड: CM योगी ने युवती के पिता से की बात , 25 लाख रुपए, घर और नौकरी का भी ऐलान◾आईपीएल-13 RR vs KKR : राजस्थान ने टॉस जीतकर गेंदबाजी का किया फैसला ◾हाथरस घटना : सीएम योगी पर बरसी प्रियंका गांधी, पूछा - कैसे मुख्यमंत्री हैं आप, इतनी अमानवीयता◾दिल्लीवासियों के लिए राहत : कोरोना के मद्देनजर पानी के बिल पर 25 से लेकर 100 फीसदी तक की छूट ◾हाथरस घटना को लेकर संजय राउत ने दागा सवाल - क्या न्याय सिर्फ अभिनेत्री के लिए मांगा जाता है ?◾भारत और चीन के बीच पूर्वी लद्दाख में सीमा गतिरोध पर एक और दौर की वार्ता हुई ◾जेपी नड्डा ने बिहार विधानसभा चुनाव के लिए फडणवीस को किया चुनाव प्रभारी नियुक्त ◾बाबरी विध्वंस पर अदालत के फैसले को उच्च न्यायालय में चुनौती देगा मुस्लिम पक्ष : जफरयाब जिलानी ◾

भारत में कोरोना के आँकड़े #GharBaithoNaIndiaSource : Ministry of Health and Family Welfare

कोरोना की पुष्टि

इलाज चल रहा है

ठीक हो चुके

मृत लोग

व्हाट्सऐप जासूसी : सूत्रों ने कहा, इजरायली कंपनी एनएसओ से सरकार का कोई ताल्लुक नहीं

व्हाट्सऐप के जरिये दुनियाभर में सामाजिक कार्यकर्ताओं तथा पत्रकारों की जासूसी के लिये जिम्मेदार सॉफ्टवेयर बनाने वाली इजरायली कंपनी एनएसओ के साथ सरकार का कोई ताल्लुक नहीं है। सरकारी सूत्रों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। 

सूत्र ने नाम जाहिर नहीं करने की शर्त पर कहा कि व्हाट्सऐप ने जून से अब तक हुई कई दौर की बातचीत में एक बार भी पेगासस हैकिंग घटना का उल्लेख नहीं किया। इसे लेकर सरकार चिंतित है। 

उसने कहा कि सरकार दुर्भावनापूर्ण संदेशों की सामग्री के बजाय उसका स्रोत जानने पर जोर देगी। इसके अलावा सरकार जासूसी की घटना की विस्तार से जानकारी देने के लिये भी कहेगी। 

उसने प्रश्न उठाया कि यह व्हाट्सऐप संदेशों के स्रोत की जानकारी तथा जवाबदेही तय करने के लिए कोई कदम उठाने से सरकार को रोकने के लिए कंपनी की ओर से कोई अडंगा लगाने जैसी चाल तो नहीं है। 

सरकार हैकिंग मामले के खुलासे के समय को लेकर भी सवाल कर रही है। यह इस कारण महत्वपूर्ण हो जाता है कि केंद्र सरकार ने देश में सोशल मीडिया के दुरुपयोग को रोकने के उपाय के लिये उच्चतम न्यायालय से तीन महीने का समय मांगा है। 

सरकार ने कंपनी को चार नवंबर तक जवाब देने को कहा है। जवाब मिलने के बाद सरकार आगे की कार्यवाही के बारे में निर्णय लेगी। 

इजरायली कंपनी एनएसओ ने इस बीच कहा है कि वह अपनी प्रौद्योगिकी सिर्फ लाइसेंस प्राप्त सरकारी सतर्कता विभागों और कानून प्रवर्तन एजेंसियों को ही बेचती है। उसने कहा कि उसकी प्रौद्योगिकी आतंकवाद तथा गंभीर अपराधों से लड़ने के लिये है, न कि सामाजिक कार्यकर्ताओं और पत्रकारों की जासूसी करने के लिये। 

अभी यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि एनएसओ ने भारत में किसे उक्त सॉफ्टवेयर मुहैया कराया और किसके कहने पर जासूसी की गयी। 

सूत्र ने कहा कि सरकार और एनएसओ के बीच कोई मामला नहीं है। यह व्हाट्सऐप और एनएसओ की लड़ाई है। सरकार सिर्फ इस कारण चिंतित है कि जासूसी का शिकार हुए लोगों में भारतीय नाम भी शामिल हैं। 

फेसबुक की स्वामित्व वाली कंपनी व्हाट्सऐप के दुनिया भर में डेढ़ अरब से अधिक उपयोक्ता हैं। इसमें सिर्फ भारत से ही करीब 40 करोड़ उपयोक्ता हैं। व्हाट्सऐप इससे पहले भी फर्जी खबरों के प्रसार को लेकर सरकार के निशाने पर रह चुकी है। 

इस बीच व्हाट्सऐप ने शुक्रवार को कहा कि उसने हैकिंग मामले में ठोस कदम उठाया है और वह सभी नागरिकों की निजता की सुरक्षा की जरूरत पर भारत सरकार का समर्थन करती है। 

व्हाट्सऐप के एक प्रवक्ता ने पीटीआई भाषा से कहा, ‘‘हम सभी भारतीय नागरिकों की निजता की सुरक्षा की जरूरत को लेकर भारत सरकार के कठोर बयान से सहमत हैं। इसी कारण हमने साइबर हैकरों की जवाबदेही तय करने के लिये ठोस कदम उठाये हैं और इसी कारण व्हाट्सऐप अपनी सेवाओं के जरिये सभी उपयोक्ताओं के संदेशों की सुरक्षा के लिये प्रतिबद्ध है।’’ 

हालांकि प्रवक्ता ने यह नहीं बताया कि व्हाट्सऐप ने सरकार के स्पष्टीकरण का जवाब दिया है या नहीं।

 

उल्लेखनीय है कि व्हाट्सऐप ने सामाजिक कार्यकर्ताओं और पत्रकारों की वैश्विक स्तर पर जासूसी किये जाने का बृहस्पतिवार को खुलासा किया था। उसने बताया था कि कुछ भारतीय पत्रकार और सामाजिक कार्यकर्ता भी इस जासूसी के शिकार हुए हैं। 

सरकार ने इसके बाद कड़ा रुख अख्तियार करते हुए व्हाट्सऐप से मामले का स्पष्टीकरण देने को कहा। सरकार ने यह भी पूछा कि व्हाट्सऐप ने लोगों की निजता की सुरक्षा के लिये क्या उपाय किये हैं।