लॉकडाउन को लेकर बोले CM केजरीवाल- नियमों का पालन है जरूरी तभी कोरोना को हराया जा सकता है

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मुख्यमंत्री ने कहा कि “मैं लोगों से दिल्ली में लॉकडाउन के मानदंडों का पालन करने की अपील करता हूं जिसे कोरोना से लड़ने के लिए जारी किया गया है। हम कल से जनता के आंदोलन पर लगाम कसेंगे।”

चीन से शुरू हुए कोरोना वायरस (कोविड-19) का कहर भारत में भी फैल चुका है। इस वायरस के फैलाव को रोकने के लिए दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने रविवार को कोरोना वायरस के बढ़ते खतरे के मद्देनजर 23 मार्च को सुबह छह बजे से राजधानी में लॉकडाउन की घोषणा की थी। इस घोषणा के बाद सोमवार यानि आज सुबह से दिल्ली में लॉकडाउन की स्थिति कायम है लेकिन कुछ लोगों की लापरवाही को देखते हुए मुख्यमंत्री ने कहा हमने आज से लॉकडाउन का चरम कदम उठाया है। क्यों? क्योंकि मुझे यकीन है कि अगर हम एकजुट लड़ाई लड़ते हैं तो हम कोरोना को हरा सकते हैं।

मुख्यमंत्री ने ट्वीट कर एक वीडियो जारी करते हुए कहा कि “हमने आज से लॉकडाउन का चरम कदम उठाया है। क्यों? मुझे आपके सहयोग की आवश्यकता है। आपके कुछ सामान्य प्रश्नों के उत्तर। मुझे यकीन है कि अगर हम एकजुट लड़ाई लड़ते हैं तो हम कोरोना को हरा सकते हैं।” इस सन्देश में उन्होंने कहा कि कोरोना पूरी दुनिया में फैल चुका है और तबाही मचा रहा है।उन्होंने कहा कि यह एक नया वायरस से जिसे खत्म करने के लिए हमें एकजुट होकर लड़ना होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि “मैं लोगों से दिल्ली में लॉकडाउन के मानदंडों का पालन करने की अपील करता हूं जिसे कोरोना से लड़ने के लिए जारी किया गया है। हम कल से जनता के आंदोलन पर लगाम कसेंगे। मैं लोगों से घर रहने का अनुरोध करता हूं।” केजरीवाल ने कहा कि “मुझे सूचित किया गया है कि डीटीसी बसों की संख्या कम होने के कारण अस्पतालों, दिल्ली जल बोर्ड, बिजली बोर्ड और अन्य आवश्यक सेवा विभाग के कई कर्मचारियों को कार्यालयों तक पहुंचने में कठिनाई का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि कल से, डीटीसी के बेड़े का 50 फीसदी परिचालन रहेगा”

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बता दें कि रविवार को मुख्यमंत्री ने राज्यपाल अनिल बैजल के साथ संयुक्त प्रेस वार्ता में बताया कि 23 मार्च को सुबह 6 बजे से शुरू हुए लॉकडाउन 31 मार्च को अर्द्धरात्रि 12 बजे तक चलेगा। लॉकडाउन में सार्वजनिक परिवहन का कोई साधन नहीं चलेगा और दिल्ली की सीमाओं को सील कर दिया जाएगा लेकिन स्वास्थ्य, खानपान, जल और विद्युत आपूर्ति आदि से संबंधित आवश्यक सेवाएं जारी रहेंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि दुग्ध उत्पाद की दुकानें, किराना दुकानें, दवा की दुकानें और पेट्रोल पंप खुले रहेंगे, वहीं जरूरी सेवाओं से जुड़े सभी लोगों को इस दौरान आवागमन की अनुमति दी जाएगी।

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