BREAKING NEWS

भाजपा की यात्रा तब पूरी होगी, जब असम जीडीपी में सर्वाधिक योगदान देने वाला राज्य बनेगा : अमित शाह◾चीन के बाद पाकिस्तान भी पड़ा नरम, सभी एलओसी समझौतों के सख्ती से पालन पर हुआ सहमत ◾प्रधानमंत्री बोले-कांग्रेस झूठ बोलने में गोल्ड, सिल्वर और ब्रॉन्ज मेडल विजेता◾पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दामों के खिलाफ CM ममता का अनूठा विरोध, ई-स्कूटर पर बैठकर पहुंचीं सचिवालय◾महाराष्ट्र में बेकाबू हुआ कोविड-19, एक हॉस्टल में 229 छात्र कोरोना से संक्रमित पाए गए ◾BJP अध्यक्ष नड्डा ने लॉन्च किया 'सोनार बांग्ला' कैंपेन, 2 करोड़ लोगों से संपर्क साधेगी पार्टी◾पुडुचेरी में विधानसभा चुनाव से पहले PM मोदी ने लोगों को दी विभिन्न विकास परियोजनाओं की सौगात ◾आम आदमी पर महंगाई की मार, 1 महीने में तीसरी बार LPG सिलेंडर के दामों में हुआ इजाफा ◾टूलकिट मामला : शांतनु मुलुक की गिरफ्तारी पर नौ मार्च तक लगी रोक◾Coronavirus : देश में 1 महीने बाद दर्ज हुए 15 हजार से ज्यादा नए केस, 138 मरीजों ने गंवाई जान◾ट्रेन यात्रियों को लगा झटका, रेलवे ने अनावश्यक यात्राओं में कमी लाने के लिए किराए में वृद्धि की◾दिल्ली में बीते 15 साल में सबसे गर्म दिन रहा बुधवार, अधिकतम तापमान 32.5 डिग्री सेल्सियस रहा ◾असदुद्दीनद्दीन ओवैसी की कोलकाता में होने वाली रैली के लिए पुलिस ने इजाजत देने से किया इनकार ◾TOP - 5 NEWS 25 FEBRUARY : आज की 5 सबसे बड़ी खबरें◾किसान प्रदर्शन के 3 महीने पूरे होने पर 26 फरवरी को कृषि मंत्रालय का करेंगे घेराव : कांग्रेस ◾कांग्रेस ने हमेशा मतदाताओं और चयन की उनकी आजादी का सम्मान किया : कपिल सिब्बल ◾निजीकरण के लिए प्रतिबद्ध है केंद्र, व्यवसाय करना सरकार का काम नहीं : PM मोदी ◾आज का राशिफल (25 फरवरी 2021)◾1 मार्च से 60 साल से अधिक उम्र के लोगों को लगेगा टीका , जानें ! क्या हैं नए नियम ◾ममता ने PM मोदी को खत लिख सबके लिए टीके खरीदने में मदद मांगी ◾

भारत में कोरोना के आँकड़े #GharBaithoNaIndiaSource : Ministry of Health and Family Welfare

कोरोना की पुष्टि

इलाज चल रहा है

ठीक हो चुके

मृत लोग

करीब 15 घंटे तक चली भारत और चीन के बीच वार्ता, टकराव वाले स्थानों से सैनिकों को पीछे हटाने पर हुई चर्चा

करीब ढाई महीने के अंतराल के बाद भारत और चीन की सेनाओं ने रविवार को कोर कमांडर स्तर की नौवें दौर की वार्ता की। करीब 15 घंटे चली इस बैठक का उद्देश्य पूर्वी लद्दाख में टकराव वाले सभी स्थानों से सैनिकों को हटाने की प्रक्रिया पर आगे बढ़ना रहा। सूत्रों ने यह जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि उच्च स्तरीय सैन्य वार्ता पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के चीन की ओर स्थित मोल्दो सीमावर्ती क्षेत्र में पूर्वाह्न दस बजे शुरु हुई थी। वहीं यह बैठक रात के ढाई बजे खत्म हुई। बातचीत के बारे में जानकारी रखने वालों के मुताबिक, भारत ने जोर दिया कि क्षेत्र में गतिरोध वाले स्थानों से सैनिकों को पीछे हटाने की प्रक्रिया को आगे ले जाने और तनाव कम करने की जिम्मेदारी चीन पर है।

पूर्वी लद्दाख में विभिन्न पवर्तीय क्षेत्रों में करीब 50,000 भारतीय जवान तैनात हैं। अधिकारियों के अनुसार चीन ने भी इतनी ही संख्या में अपने सैनिकों को तैनात किया है। रविवार को हुई बातचीत से करीब दो सप्ताह पहले भारत ने एक चीनी सैनिक को चीन को सौंप दिया था। इस चीनी सैनिक को पूर्वी लद्दाख में पेंगोंग सो के दक्षिण तट वाले इलाके में पकड़ा गया था। पता चला है कि भारत के इस कदम से सकारात्मक माहौल बना है।

वार्ता में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व लेह स्थित 14 वीं कोर के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल पीजीके मेनन ने किया। सैन्य वार्ता में भारत पूर्वी लद्दाख के सभी इलाके में अप्रैल से पहले की स्थिति बहाल करने की मांग कर रहा है। दोनों सेनाओं के बीच यह टकराव पांच मई को शुरु हुआ था। इससे पहले, छह नवंबर को हुई आठवें दौर की वार्ता में दोनों पक्षों ने टकराव वाले खास स्थानों से सैनिकों को पीछे हटाने पर व्यापक चर्चा की थी। वार्ता में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व लेह स्थित 14 वीं कोर के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल पीजीके मेनन कर रहे हैं।

भारत लगातार यह कहता आ रहा है कि पर्वतीय क्षेत्र में टकराव वाले सभी स्थानों से सैनिकों को वापस बुलाने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने और तनाव को कम करने की जिम्मेदारी चीन की है। कोर कमांडर स्तर की सातवें दौर की वार्ता 12 अक्टूबर को हुई थी, जिसमें चीन ने पेगोंग झील के दक्षिणी तट के आसपास सामरिक महत्व के अत्यधिक ऊंचे स्थानों से भारतीय सैनिकों को हटाने पर जोर दिया था। लेकिन भारत ने टकराव वाले सभी स्थानों से सैनिकों की वापसी की प्रक्रिया एक ही समय पर शुरू करने की बात कही थी।

पूर्वी लद्दाख में विभिन्न पवर्तीय क्षेत्रों में भारतीय थल सेना के कम से कम 50,000 जवान युद्ध की तैयारियों के साथ अभी तैनात हैं। दरअसल, गतिरोध के हल के लिए दोनों देशों के बीच कई दौर की वार्ता में कोई ठोस नतीजा हाथ नहीं लगा है। अधिकारियों के अनुसार चीन ने भी इतनी ही संख्या में अपने सैनिकों को तैनात किया है। पिछले महीने, भारत और चीन ने भारत-चीन सीमा मामलों पर ‘परामर्श एवं समन्वय के लिए कार्यकारी तंत्र’ (डब्ल्यूएमसीसी) ढांचा के तहत एक और दौर की राजनयिक वार्ता की थी, लेकिन इस वार्ता में कोई ठोस नतीजा नहीं निकला था।

छठें दौर की सैन्य वार्ता के बाद दोनों पक्षों ने अग्रिम मोर्चों पर और सैनिक नहीं भेजने, जमीनी स्थिति में बदलाव करने के एकतरफा प्रयास नहीं करने तथा विषयों को और अधिक जटिल बनाने वाली किसी भी गतिविधि से दूर रहने सहित कई फैसलों की घोषणा की थी।

किसान नेताओं ने ट्रैक्टर परेड शुरू करने के लिए 3 स्थान तय किए, शांतिपूर्वक आयोजित करने की अपील की